नाना पाटेकर का अद्भूत था कला व फिल्मों का सफर, जड़ों से रहा गहरा जुड़ाव

Nana Patekar: नाना पाटेकर का कला और फिल्‍म क्षेत्र में सफर बेहद यादगार रहा। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)
Nana Patekar: नाना पाटेकर का कला और फिल्‍म क्षेत्र में सफर बेहद यादगार रहा। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)
Last Updated: 8 Oct, 2026 at 03:55 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, मुंबई। Nana Patekar: दिग्‍गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में कार्डिक अरेस्‍ट से निधन हो गया। उनका कला और फिल्‍मी सफर शानदार रहा। उन्‍होंने अपने अभि‍नय से अमिट छाप छोड़ी, लेकिन उनके जीवन के सफर का अंत ऐसे होगा किसी ने कल्‍पना नहीं की थी। वह सही अर्थों में बहुआयामी कलाकार थे। उनका अपनी जड़ों से गहरा जुड़ाव रहा। उनका अंतिम संस्‍कार पुणे के फार्म हाऊस पर राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा।

सुबह 5.20 बजे हुआ निधन, पुणे में उनके फार्म हाऊस पर होगा अंतिम संस्‍कार

नाना पाटेकर का निधन आज सुबह 5.20 बजे (5.20 AM) हुआ। उनको घर पर कार्ड‍िक अरेस्‍ट हुआ। नाना को करीब 45 मिनट तक कार्डिक मसाज यानि सीपीआर (CPR) दी गई, लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। नाना गोवा के घर में अकेले थे। उनके साथ परिवार का कोई सदस्‍य नहीं था। वहां उनका केयरटेकर थे।

पसीने से तरबतर थे नाना पाटेकर

रात करीब 2.30 बजे उन्‍होंने एक मित्र को अपनी तबीयत खराब होने के बारे में मैसेज किया। दोस्‍त ने मैसेज सुबह 4.00 बजे देखा और नाना के घर पहुंंचे। वहां नाना पसीने से पूरी तरह नहाए हुए थे और लगभग बेहाश हो गए थे।

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मित्र ने इसके बाद केयरटेकर को एंबुलेंस बुलाने के लिए अस्‍पताल भेजा और इसके बाद अस्‍पताल की इमरजेंसी टीम वहां पहुंंची। उनको कार्डिक मसाज देना शुरू किया गया और बाद में उनको सुबह करीब 4.20 से 4.30 बजे के बीच मणिपाल अस्‍पताल लाया गया। वहां उनको करीब 45-50 मिनट तक कार्डिक मसाज दिया गया, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद डॉक्‍टरों ने उनको सुबह 5.20 बजे मृत घोषित कर दिया।

कला और फिल्‍मों का सफर

नाना पाटेकर ने रंगमंच से अभिनेता के रूप में पहचान बनाई। मराठी रंगमंंच पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। उनके प्रसिद्ध नाटक ये रहे –

  • नाना पाटेकर ने मराठी रंगमंच पर कार्य से अभिनय में खास मुकाम हासिल किया। वह मानते थे कि मराठी रंगमंच से उन्‍होंने अभिनय की बारिकियां सीखीं। उनका कहना था कि रंगमंच समाज में जागरूकता लाने का सशक्‍त माध्‍यम है।
  • नाना पाटेकर ने मुंबई के मशहूर जेजे स्‍कूल ऑफ आर्ट से अपना अध्‍ययन पूरा करने के बाद कुछ अरसे तक कार्टूनिस्‍ट और सेट डिजाइनर के रूप में भी कार्य किया।
  • पुरुष: इस नाटक ने नाना पाटेकर को रंगमंंच पर सशक्‍त अभिनेता के रूप में स्‍थापित किया। इस नाटक में उन्‍होंने ‘गुलाब राव’ नाम के अहंकारी और भ्रष्‍ट नेता का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनको दर्शकों की खूब सराहना मिली।
  • हमीदबाईची कोठी: इस प्रसिद्ध नाटक में अभिनय से नाना पाटेकर ने मराठी रंगमंच पर खास छाप छोड़ी। इस नाटक से वह प्रसिद्ध नाटककार विजय मेहता के ‘रंगायन’ थिएटर ग्रुप से जुड़े। इस नाटक में उनके साथ मशहूर मराठी कलाकार अशोक सराफ भी थे। उन्‍होंंने रंगायन ग्रुप के साथ कई नाटकों में काम किया।
  • जुंपी: रंगमंच पर शुरुआती दिनों में उनको छोटी बड़ी भूमिकाएं मिलीं। उन्‍होंने जुंपी में छोटी भूमिका की। इसके साथ ही उन्‍होंने कई नाटकों में छोटी भूमिकाएं कीं।
  • गुड बाय डॉक्‍टर: मानवीय रिश्‍तों और व्‍यक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर आधार‍ित इस नाटक में नाना पाटेकर ने बेहद संजीदा और काफी अलग भूमिका निभाई थी।
  • महानिर्वाण: नाना पाटैकर ने प्रसिद्ध मराठी नाटककार सतीश आलेकर के इस व्‍यंग नाटक (ब्‍लैक-कॉमेडी) नाटक में कार्य किया था। दरअसल, इस नाटक को मराठी रंगमंच के इतिहास में विशेष स्‍थान हासिल है। यह अनूठी शैली और प्रयोगों वाला नाटक माना जाता है।
  • भाऊबंदकी : मराठी रंगमंच में इस नाटक का खास स्‍थान रहा है। इसे मराठी रंगमंच का ऐतिहासिक और क्‍लासिक नाटक माना जाता है। नाना पाटेकर को इस नाटक में अत्‍यंत प्रभावशाली किरदार था। शुरुआती दिनों में ही उन्‍होंने इससे अपने सशक्‍त अभिनय और खास अंदाज में संवाद अदायगी से अपनी पहचान बना ली। यह नाटक वस्‍तुत: पेशवाओं के इतिहास और पारिवारिक विवाद पर आधारित था।
  • नटसम्राट: यह एक फिल्‍म थी, लेकिन इसमें रंगमंच का स्‍पष्‍ट प्रभाव था। 2016 में बनी इस फिल्‍म में उन्‍होंने पूर्व व बुजुर्ग रंगमंच अभिनेता का किरदार निभाया था। इसमें उनके रंगमंच पर अभिनय का अनुभव दिखा और बुजुर्ग रंगमंच कलाकार की पीड़ा को बेहद खूबसूरती से दिखाया। इस भूमिका के लिए उनको सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता फिल्‍मफेयर (मराठी) का पुरस्‍कार दिया गया।
नाना पाटेकर की मशहूर फिल्‍में –
फिल्‍म
गमन (पहली फिल्‍म)1978
क्रांतिवीर1994
वेलकम 2007
अब तक छप्‍पन2004
परिंदा1989
तिरंगा1993
राजनीति 2010
नट सम्राट (मराठी) 2016
प्रहार: द फाइनल अटैक 1991
गमन पहली हिंदी फिल्‍म थी और आखिरी फिल्‍म शक्‍त‍िशालिनी होगी

नाना पाटेकर की पहली हिंदी फिल्‍म गमन थी। इदसके साथ ही उनकी आखिरी फिल्‍म ओ रोमियो थी। इसके बाद उनकी आनेवाली फिल्‍में इथा और शक्‍तिशालिनी होंंगी। फिल्‍म इथा को 4 दिसंबर, 2026 को रिलीज करने की डेट तय है। इसके साथ ही शक्‍तिशालिनी फिल्‍म के वर्ष 2027 में रिलीज करने की योजना है।

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