JIO ने 6जी पर तैयारी शुरू की, कहा- इसे रोलआउट करनेवाले शुरुआती देश होगा

JIO 6G : जियो ने दिल्‍ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 6जी की तैयारी को प्रदर्शित किया। (फोटो सौजन्‍य जियो)
JIO 6G : जियो ने दिल्‍ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 6जी की तैयारी को प्रदर्शित किया। (फोटो सौजन्‍य जियो)
Published: 9 Oct, 2026 at 06:28 PM

सटीक समाचार, नई दिल्ली। JIO 6G: भारतीय टेलीकॉम दिग्गज जियो ने 6जी तैयारी तेज कर दी है। जियो का दावा है कि 2030 में जब दुनिया 6जी के स्टैंडर्ड फाइनल करेगी, तब भारत इसे रोलआउट करने वाले शुरुआती देशों में शामिल होगा। कंपनी ने अपना प्री-6जी स्टैक और गीगा मीमो रेडियो भी तैयार किया है। इसे दिल्ली में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 (India Mobile Congress 2026) में शोकेस किया गया है।

6जी की कैपेसिटी 5 जी से गुना अधिक होगी

जियो के मुताबिक 6जी नेटवर्क की कैपेसिटी मौजूदा 5जी के मुकाबले 5 गुना तक ज्यादा हो सकती है। वहीं लेटेंसी को करीब 10 गुना कम करने का लक्ष्य है। आसान भाषा में कहें तो नेटवर्क एक साथ कहीं ज्यादा डेटा और यूजर्स संभाल सकेगा।

इसके साथ ही किसी कमांड का जवाब मिलने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है और डेटा की स्पीड भी बढ़ेगी। इसका फायदा रियल टाइम एआई, होलोग्राफिक वीडियो, मैडिकल, एजुकेशन और दूसरी नई डिजिटल सेवाओं में दिख सकता है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में जियो ने दिखाई अपनी तैयारी

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो द्वारा दिखाया गया गीगा मीमो रेडियो इस तैयारी का अहम हिस्सा है। जियो इसे भारत का पहला गीगा मीमो रेडियो बता रहा है। इसके साथ एक कॉमन बेसबैंड यूनिट भी दिखाई गई है, जो 5जी और 6जी दोनों के लिए काम कर सकती है।

जियो ने 8000 से जयादा पेटेंट फाइल किए

जियो के एक प्रवक्‍ता ने कहा 6जी की रेस सिर्फ ज्यादा कैपेसिटी या कम लेटेंसी की नहीं है। इसके ग्लोबल स्टैंडर्ड और टेक्नोलॉजी तैयार करने में भागीदारी भी उतनी ही अहम होगी। जियो के मुताबिक कंपनी ने 8,000 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें सैकड़ों पेटेंट 6जी से जुड़े हैं। इसके अलावा कंपनी ने ग्लोबल स्टैंडर्ड्स में 934 से ज्यादा कॉन्ट्रिब्यूशन का दावा किया है।

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जियो ने कहा- 6जी में एआइ सेवाओं का रिस्‍पांस और तेज होगा

जियो के मुताबिक 6जी में एआइ सेवाओं का रिस्पॉन्स और तेज होगा। इसका फायदा ऐसी सेवाओं में मिल सकता है, जहां तुरंत जानकारी या जवाब जरूरी है। कंपनी ने किसान, डॉक्टर और छात्रों तक एआई आधारित सेवाएं पहुंचाने को इसके संभावित इस्तेमाल के तौर पर दिखाया है। जियो भविष्य के नेटवर्क को एआई नेटिव और क्वांटम सेफ बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है, ताकि तेज नेटवर्क के साथ सिक्योरिटी भी मजबूत रहे।

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जियो की मंशा हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, पेटेंट और ग्‍लोबल स्‍टैंंडर्ड्स पर मौजूदगी बढ़ाना

कंपनी ने कहा कि जियो की कोशिश सिर्फ 6जी नेटवर्क चलाने तक सीमित नहीं है। कंपनी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, पेटेंट और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स, चारों मोर्चों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। जियो अपने इस विजन को ‘इंडियाज 6जी इन द मेकिंग’ और ‘फ्रॉम इंडिया टू द वर्ल्ड’ कह रहा है।

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