सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Jain Sthanak: अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज ने कहा कि रिश्ता जोड़ना एक कला है और उसे निभाना एक साधना। रिश्ते निभाने के लिए आपसी विश्वास एवं समर्पण की आवश्यकता है।आज परिवार संस्था के विघटन से बहुत सी समस्याएं पैदा हो रही हैं। परिवारों का एकजुट रहना खुशियों के लिए परम आवश्यक है।
कहा- परिवार से जुड़े रहने से ही व्यक्ति की होती है कद्र
उन्हाेंने गांधी मंडी जैन स्थानक में चातुर्मास प्रवचनों की शृंखला में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जैसे पेड़ से जुड़ा रहने पर ही पत्ते की कीमत होती है इसी प्रकार परिवार से जुड़े रहने से ही व्यक्ति की कद्र होती है। रिश्ते तभी ठीक से चल सकते हैं जबकि व्यक्ति बोले कम सुनें ज़्यादा; गर्म हो कम, नर्म हो ज़्यादा। उन्होंने पूरे चातुर्मास में कार्यक्रम के संबंध में 10 समर्पित व्यक्तियों की भूरी भूरी प्रशंसा की और उन्हें अलंकरण भी प्रदान किया। इन सभी को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक विजय जैन को जैन रत्न अलंकरण
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं स्वागत अध्यक्ष ऑल इंडिया जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय चेयरमैन विजय जैन को जैन रत्न, प्रधान जगदीश जैन को बाबा भोलेनाथ, महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन को कुशल सलाहकार, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र जैन को कुशल सेवा मूर्ति, भावना जैन को वीर वीरांगना, हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री बच्चन सिंह आर्य को भीष्म पितामह (वट वृक्ष), मुनीश जैन को संकटमोचक, हरियाणा जैन कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. रामनिवास जैन को संघ चार्जर, प्रवेश जैन को फेविकोल, दमयंती जैन को समाज शिरोमणि आदि अलंकरण दिया गया।
एकल और समूह भजन प्रतियोगिता का आयोजन
कार्यक्रम में महासाध्वी श्री समता जी महाराज एवं तपस्विनी साध्वी श्री भविका जी महाराज द्वारा एकल एवं समूह भजन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। सभी प्रतिभागियों ने बड़ी तैयारी के साथ बहुत बढ़िया प्रस्तुतियां दीं। ऐसे में इसमें प्रथम, द्वितीय आदि चुनने के जगह सभी को पुरस्कृत करने का फैसला किया गया।

एकल और समूह भजन प्रतियोगिता में इन्हें दिए गए पुरस्कार
अंजलि, करुणा, समृद्धि, मोनिका, शिवानी, रेशम, मनु, अनीशा, रचना, रितु। नीना, अंसल, रीटा, स्मारिका, ज्योति, शिखा, श्रुति, नेहा, रीना, प्रियंका, मुकेश, सुनीता, निशा, पूनम, रिद्धि, मंजू, आशा, किरण, सरिता, काकू एवं सुमन।
कार्यक्रम में कई राज्यों के श्रद्धालु पहुंचे
कार्यक्रम में उत्तर भारत के अतिरिक्त, इंदौर, कुशलगढ़ आदि बहुत सारे स्थान से श्रद्धालु जन पहुंचेे। इनमें एक विशेष नाम गौतम खाबिया का है, जिसके ननिहाल से उनके नाना जी, तीन मामा जी संत बने हैं व दो मौसियां महा साध्वियां जी महाराज बनीं। उनके संसार पक्षीय नाना जी तापस्वी लाल चंद्र जी महाराज साहब तथा मामा जी कान मुनि जी महाराज डॉ. राजेश मुनि जी महाराज के दादा गुरु एवं गुरु हैं। इस सभा में बहुत सारे स्थानीय एवं अन्य महानुभावों को सम्मानित भी किया गया।
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शुक्रवार को होगा बड़ा कार्यक्रम, सीएम के भी आने की संभावना
शुक्रवार को जैन समाज का आयोजन बहुत भव्य एवं विशाल होगा। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री बहुत से मंत्रियों व नेताओं के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर के लिए महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन ने कहा, एक दिन ना रहा अब हमारे इस इम्तिहान का/ कल स्वागत करना है ‘ओरेलिया’ में अपने इस भगवान का।

