सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Chetna Family Trust: चेतना परिवार ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक में संस्था की गतिविधियों और आगे के कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की गई। संस्था की अगले कार्यक्रमों के संबंध में फैसला किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट का भी विस्तार किया गया और पानीपत के आर्य कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. एपी जैन को ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया।
पिछड़ी बस्तियों में निश्शुल्क चेतना स्कूल चलाता है ट्रस्ट
बता दें कि चेतना परिवार ट्रस्ट (रजि.) की ओर से पिछड़ी बस्तियों में पूर्णतया निश्शुल्क चेतना स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। ट्रस्ट कार्यकारिणी की बैठक में सभी पदाधिकारी और ट्रस्टी शामिल हुए। इसमें आर्य कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एपी जैन को एक ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया। वह पहले भी संस्था की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
22 नवंबर को चेतना स्कूलों की स्वयंसेविकाओं की कार्यशाला, वार्षिक उत्सव 13 दिसंबर को
बैठक में फैसला किया गया कि 22 नवंबर, 2026 को चेतना स्कूलों में पढ़ाने वाली स्वयंसेविकाओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 13 दिसंबर 2026 को वार्षिक उत्सव मनाने का फैसला भी किया गया। वार्षिकोत्सव से पहले चेतना परिवार की वार्षिक पत्रिका ‘चेतन 2026-27’ के लिए आलेख आदि सामग्री भी मांगी गई है।
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ट्रस्ट में शामिल हैं प्रमुख लोग और शिक्षाविद्
बता दें कि चेतना परिवार ट्रस्ट के संरक्षक पाईट संस्थाओं के अध्यक्ष हरिओम तायल व डेज़ होटल (Days Hotel) के मालिक ओपी माटा हैं। इसकी मैनेजिंग ट्रस्टी खादी आश्रम की अध्यक्ष निर्मला दत्त हैं। अन्य ट्रस्टियों में हैदराबाद से रिटायर्ड डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) वीएन राय, आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल दीपचंद्र निर्मोही, आइबी कॉलेज पानीपत के पूर्व प्राचार्य डॉ. अजय गर्ग और पाइट संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल रेखा बजाज आदि शामिल हैं।
टस्ट्र मुफ्त शिक्षा संग सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम संंचालित
इस प्रकार इस ट्रस्ट व इसकी कार्यकारिणी में कॉलेजों के प्राचार्य, प्राध्यापक गण, स्कूल प्रिंसिपल, वकील, उच्च पुलिस अधिकारी, उच्च प्रबंधक आदि शामिल हैं। चेतना स्कूलों के माध्यम से पिछड़ी बस्तियों में शिक्षा की अलख जगाई जा रही है। इसके साथ ही सामजिक कल्याण की अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर सशक्त करने का प्रयास, कई राज्यों में सक्रिय
चेतना ट्रस्ट का अभियान प्रारंभिक शिक्षा से प्रारंभ होकर अब प्रौढ़ महिला शिक्षा, कंप्यूटर, सिलाई कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर जैसे व्यवसायिक प्रशिक्षण तक फैल गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनका सशक्तीकरण करना है। यह अभियान हरियाणा के कई शहरों के साथ-साथ बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा व बंगाल तक विस्तार पा गया है।
चेतना संस्थाओं कह संख्या 100 से पारर हुई
चेतना संस्थाओं की संख्या शतक यानि 100 पार हो चुकी हैं। इनके संचालक अब कुवैत व अमेरिका में भी है। चेतना स्कूलों के शिक्षण पाठ्यक्रम में नैतिकता की बातें अंतर्निहित होती है। इसका उद्देश्य बच्चों को देश के होनहार, संस्कारवान नागरिक बनाना है।
चेतना स्कूलों के बारे में डॉ. एपी जैन ने एक मुक्तक पेश की- ‘ पहले हम धूल धूसरित बच्चों में विद्या-प्यास जगाते हैं/ फिर चेतना स्कूल कुआं उनके निकट ले जाते हैं/ नैतिकता व संस्कारों के जल से उन्हें नहलाकर/ साफ़ सुथरा नागरिक बनने की कला सिखाते हैं।’

