सटीक समाचार, पानीपत। CM Nayab Singh Saini At Jain Sthanak: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 12-13 अक्टूबर की देर रात पानीपत की गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचे। मुख्यमंत्री के यहां पहुंचने से अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज का 2503वां अभिग्रह पूरा होने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने जैन मुनि राजेश जी महाराज का अभिग्रह पूर्ण करवाया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अभिग्रह महोत्सव में सीएम के नहीं आने से निर्जल उपवास पर थे डाॅ. राजेश मुनि महाराज
उल्लेखनीय है कि 9 अक्टूबर को पानीपत के ऑरेलिया बैंक्वेट हॉल में आयोजित अभिग्रह महोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहुंचना प्रस्तावित था, लेकिन वह नहीं आ सके थे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने से जैन संत डॉ. राजेश मुनि महाराज ने जल ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया था।
मामले की जानकारी मिलते ही 12-13 अक्टूबर की मध्य रात्रि पहुंचे सीएम
इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए स्वयं गांधी मंडी जैन स्थानक पहुंचकर डॉ. राजेश मुनि जी महाराज से मुलाकात की। मुख्यमंत्री का यह कदम केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि संतों की भावनाओं के प्रति सम्मान और आपसी संवाद के महत्व को दर्शाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

जैन स्थानक पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत अभिग्रह महोत्सव समारोह के संयोजक विजय जैन व उनके छोटे भाई हेमंत जैन और स्थानक में ही रुके हुए इंदौर निवासी 44वें कठिन उपवास कर रहे रविंद्र जैन, हंसमुख गोलेछा व शुभम जैन ने किया। मुख्यमंंत्री को संबंधित अभिग्रह वाला चित्र, स्मृति चिन्ह आदि चीजें भेंट की गईं।
जैन मुनि ने संत मर्यादा के कारण सीएम की भेंट नहीं ली
मुख्यमंत्री ने 9 अक्टूबर अभिग्रह महोत्सव समारोह में नहीं आने पाने के लिए अफसोस प्रकट किया। मुख्यमंत्री सैनी के लिए मुनि महाराज के लिए बुके, फल एवं मिठाई लेकर आए थे। जैन साधु बुके, फल तो वैसे भी नहीं लेते और मिठाई भी लेनी हो तो घरों से ही ले सकते हैं, इसलिए डॉ. राजेश मुनि जी ने विनम्रता पूर्वक इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। मुख्यमंत्री ने मुनिश्री को मान की चादर ओढ़ाई जो उन्होंने स्वीकार किया, लेकिन उसे अपने पास नहीं रखा। चातुर्मास मे जैन मुनि कोई भेंट नहीं लेते हैंं।
मुनि श्री का 2503 वां अभिग्रह हुआ पूरा
जैन सभा के संंरक्षक डॉ. एपी जैन ने बताया कि 9 अक्टूबर, 2026 को 2503वें अभिग्रह में 16 बातें फलित होने पर भी जब मुनिश्री जी का पारणा नहीं हुआ। इसके बाद पता चला कि मुख्यमंत्री द्वारा पूरा आश्वासन देने पर भी उनका महोत्सव में न आ पाना इसका कारण है। उस दिन मुनिश्री के निर्जल उपवास का पांचवा दिन था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से संपर्क साधा गया। अत्यधिक व्यस्तताओं व मजबूरियों के कारण वह 9 अक्टूबर को नहीं आ पाए थ। जैन मुनि के निर्जल उपवास की जानकारी मिलने के बाद सोमवार-मंगलवार की रात करीब 11.40 बजे वह पाए यहां जैन स्थानक पहुंचे।

डॉ. एपी जैन ने बताया कि सोमवार को तक मुनिश्री जी का आठवां उपवास प्रारंभ हो चुका था। लेकिन, मुख्यमंत्री के आने मात्र से अभिग्रह फलित नहीं होना था, बल्कि उनसे संबंधित भी मुनिश्री जी द्वारा गुप्त रूप से सोची गई तीन बातें पूरी होनी जरूरी थींं। इसके बाद अभिग्रह 12:20 रात्रि पर पूरा हुआ।
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सेवाभावी राजेंद्र मुनि का 28वां अभिग्रह पूरा हुआ
मुख्यमंत्री के आने से पानीपत जैन समाज ने राहत की सांस ली। इस अभिग्रह के पूरा होने के बावजूद मुनिश्री ने पारणा नहीं किया, बल्कि एक और अभिग्रह के फलीभूत होने पर ही पारण करने का निर्णय लिया। इसमें छह बातें थीं जो सुरेश जैन रमेश जैन के हुड्डा 12- सेक्टर वाले निवास पर पूरी हो गईं और सभी में खुशियां छा गईं। महा सेवाभावी राजेंद्र मुनि जी महाराज का भी 28वां अभिग्रह पूरा होने पर पारणा हो गया। मुख्यमंत्री ने तपस्वी रविंद्र जैन की तप अनुमोदना के साथ उनका अभिनंदन भी किया।
डॉ. राजेश मुनि पानीपत में दो निर्जल अठाइयां कर चुके
डॉ. एपी जैन ने बताया कि डॉ. राजेश मुनि जी महाराज पानीपत में दो निर्जल अठाइयां कर चुके हैं। एक में तो आज की है जिसमें अभिग्रह पूरा होने में पांच अतिरिक्त दिन लग गए। पहले की गई एक अठाई में 2 दिन के उपवास के बाद अभिग्रह पूरा होने पर भी मुनिश्री उपवास को एक-एक दिन अभिग्रह सहित बढ़ाते हुए आठ दिन तक ले गए थे। दोनों अठाइयों में कितना बड़ा अंतर है।

