सटीक समाचार, मेरठ। Death Penalty: प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने के बाद शव को नीले ड्रम में बंद करने वाली महिला मुस्कान रस्तोगी के मामले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। फैसला मेरठ की जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनाई। अदालत ने दो धाराओं के अंतर्गत 50 हजार रुपये और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उनको अदालत ने 30 सितंबर को दोषी ठहराया था और सजा का आज ऐलान किया गया।
अदालत ने दो धाराओं में 50 हजार और 20 हजार रुपये के जुर्माने भी लगाए
मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुबूत मिटाने के लिए शव को पांच टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छिपा दिया था। इतना ही दोनों ने ड्रम पर सीमेंट का घोल डाल दिया था, ताकि किसी को शक न हो। घटना 3 मार्च 2025 को हुई थी। यह घटना पूरे देश में सुर्खियों में आ गई थी।
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सजा सुनने के बाद फूट-फूट कर रोए दोनों
सजा सुनाए जाने के दौरान मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट की सुनवाई से जुड़े हुए थे। सजा सुनने के बाद मुस्कान और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। सजा मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II ने सुनाई। सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने मुस्कान से पूछा कि तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? इस पर मुस्कान ने कहा कि मेरी बच्चियों का ध्यान रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई। न्यायाधीश ने यही सवाल पूछा तो वह खामोश रहा।
सजा सुनाते हुए जज ने कहा-
अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है। मुस्कान और साहिल आप दोनों ने सौरभ की नृशंस हत्या की है, इसलिए माफी स्वीकार नहीं होगी।
अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि न्याय मिल गया। बता दें कि कोर्ट के फैसले के बाद मुस्कान और साहिल ऊपर कोर्ट यानि हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। ऐसा नहीं होता है कि फैसले को कंफर्मेशन के लिए हाई कोर्ट भेजा जाएगा।
अब यह होगी प्रक्रिया-
- अदालत के फैसले और फांसी की सजा के कंंफर्मेशन के लिए एक सप्ताह बाद हाई कोर्ट भेजा जाएगा।
- हाई कोर्ट से पुष्टि मिलने के बाद फाइल सुप्रीम कोर्ट के कफर्मेंशन के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजा जाएगा।
- इसके बाद फाइल पर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
- राष्ट्रपति से स्वीकृत मिलने के बाद फांसी की सजा देने की तारीख तय की जाएगी।
- वकीलों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 3 साल लग सकता है।
- इसके साथ ही मुस्कान और साहित के पास हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका भी है।
- यदि सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी सजा बरकरार रहती है तो वे राष्ट्रपति से दया की याचना कर सकते हैं।
- अगर वहां से भी उनकाे राहत नहीं मिलती है तो फिर उनको फांसी देने की तारीख तय कर सजा दी जाएगी।
- इसके बाद तय तिथि पर दोनों को फांसी दे दी जाएगी।
सौरभ और मुस्कान ने की थी लव मैरिजइस
मुस्कान रस्तोगी और सौरभ राजपूत ने 2016 में लव मैरिज की थी। सौरभ मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंद्रानगर का निवासी था और मुस्कान शहर के गौरीपुरा क्षेत्र की रहनेवाली है। शुरू में कुछ दिन सब ठीकठाक रहा, लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण 2019 में दोनों अलग रहने लगे। मुस्कान ने इसा दौरान एक बेटी को जन्म दिया। बच्ची अभी नाना-नानी यानि मुस्कान के माता-पिता के पास रह रही है।
बाद में सहपाठी रहे साहिल शुक्ला से बढ़ी नजदीकी, फिर रची हत्या की साजिश
इसी बीच मुस्कान की मुलाकात अपने सहपाठी रहे साहिल शुक्ला से हुई। इस दौरान सौरभ विदेश गया तो मुस्कान और साहिल की नजदीकी बढ़ गई। सौरभ विदेश से लौटा तो मुस्कान और साहिल ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। दोनों ने 3 मार्च 2025 को सौरभ की हत्या कर दी। दोनाें ने सुबूत मिटाने के लिए शव के पांच टुकड़े कर दिए और एक नीले ड्रम में बंद कर दिया। इसके बाद ड्रम को सीमेंट का घोल डालकर पैक कर दिया।
3 मार्च 2025 को की हत्या कर प्रेमी साहिल संग घूमने निकल गई मुस्कान
सौरभ की हत्या करने के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए। वे 17 मार्च को लौटे। इसके बाद 18 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हो गया और 19 मार्च को मुस्कान व साहिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के बाद नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया।
ये सुबूत बने सजा के आधार
- सौरभ के घर 3 मार्च 2025 को साहिल को जाते देखने वाले चश्मदीद गवाह का बयान बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
- : साहिल और मुस्कान की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त उस्तरा और चाकू बरामद कर लिए गए।
- मुस्कान और साहित की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया पर चैटिंग का विवरण।
- सौरभ की मां का कॉल डिटेल।
- सौरभ के दोस्त संजीव पाल की गवाही और कॉल डिटेल।
- हत्या के बाद साहिल और मुस्कान जिन होटलों में ठहरे उनका सीसीटीवी फुटेज और उनके मैनेजरों के बयान।
- मामले में 22 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। उनकी गवाहियों से केस में सब कुछ साफ हो गया।
मुस्कान के माता-पिता ने कहा- बेटी से कोई मतलब नहीं
बुधवार सुबह सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान के माता-पिता ने एक पत्र पुलिस के माध्यम से कोर्ट में दिया। उन्होंने इसमें लिखा कि उनका मुस्कान से कोई मतलब नहीं हो, उसे चाहे जा सजा हो। से फांसी की सजा होनी चाहिए। हम उससे कभी नहीं मिलेंगे। हमारा उसकी छोटी बेटी से भी कोई मतलब नहीं है। बता दें कि मुस्कान ने जेल में रहने के दौरान 24 नवंबर 2025 को दूसरी बेटी को जन्म दिया था। वह अभी जेल में मां के साथ ही है।


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