Panipat Local New Update: पानीपत में अभिग्रह का अनूठा अनुभव, अभिभूत हुए श्रद्धालु, डॉ. राजेश मुनि व अन्‍य संतों का जैन स्‍थानक में चातुर्मास

पानीपत में जैन संत डॉ. राजेश मुनि और अन्‍य संताें के चातुर्मास के दौरान अभिग्रह का अनूठा अनुभव हो रहा है। (फोटो सौजन्‍य गांधी मंडी जैन सभा।)
पानीपत में जैन संत डॉ. राजेश मुनि और अन्‍य संताें के चातुर्मास के दौरान अभिग्रह का अनूठा अनुभव हो रहा है। (फोटो सौजन्‍य गांधी मंडी जैन सभा।)
Last Updated: 19 Aug, 2026 at 12:34 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Local New Update: शहर में आजकल अभिग्रह का अनूठा अनुभव हो रहा है। शहर की गांधी मंडी स्थित जैन स्‍थानक में अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज, सेवाभावी राजेंद्र मुनि जी महाराज ठाणे-2, महा साध्वी श्री समता जी महाराज व साध्वी श्री भविका जी महाराज ठाणे-2 का चातुर्मास (Jain Saints Chaturmaas) गतिमान है। गुरु भगवंतो के 19 जुलाई को गांधी मंडी जैन स्थानक में प्रवेश के बाद से ही यहां अभिग्रह का अनूठा अनुभव हो रहा है। यह पूरे हरियाणा का पहला अद्भुत अनुभव है।

डॉ. राजेश मुनि 27 वर्ष की आयु से कर रहे हैं तपस्‍या

गुरुदेव डॉ. राजेश मुनि महाराज ने 27 वर्ष की आयु में 7 फरवरी 2001 को दीक्षा लेने के पश्चात से ही तपस्या प्रारंभ कर दी थी। वह 18 दिसंबर 2005 से लगातार अभिग्रह सहित बेले-बेले (इकट्ठे दो उपवास) की तपस्या कर रहे हैं। वह पारणा सोची गई सभी बातें पूरी होने पर ही करते हैं। कई बार तो पारणा पांच उपवास के बाद भी हुआ है। सोची गई बातें 100 तक भी गई है।

डॉ. एपी जैन ने बताया, किसे कहते हैं अभिग्रह

गांधी मंडी जैन सभा के संरक्षक डॉ. एपी जैन ने बताया कि यदि कोई साधक गुप्त रूप से मन में यह निश्चय कर ले कि अमुक बातें पूरी होने पर ही भोजन पानी ग्रहण करूंगा, नहीं तो लगातार उपवास करता रहूंगा, अभिग्रह कहलाता है। इस वर्ष 17 अगस्त डॉ. राजेश मुनि जी महाराज के पानीपत के 10 सहित कुल 2481अभिग्रह संपन्न हो चुके हैं, अर्थात उन्होंने इतने दिन आहार पानी ग्रहण नहीं किया है तथा लगभग 5000 दिन उपवास में बिताए हैं।

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उन्‍होंने बताया कि पानीपत आने के पश्चात इनके सुयोग्य विनीत शिष्य राजेंद्र मुनि जी महाराज ने भी अभिग्रह सहित बेले-बेले की तपस्या प्रारंभ कर दी है और 17 अगस्त को इनके भी नौ अभिग्रह पूरे हो चुके हैं।

अभिग्रह की पूरी प्रक्रिया

डॉ. राजेश मुनि जी महाराज बड़ी विलक्षण व विचक्षण प्रतिभा के धनी हैं। पारणे के दिन ब्रह्म मुहूर्त में अपने हाथ से सब अभिग्रह संबंधी बातें लिख लेते हैं और स्थानक में मंगल पाठ सुनाने के बाद जिस घर में णमोकार मंत्र का पाठ निश्चित होता है वहां के लिए निकल पड़ते हैं। वह साथ ही अभिग्रह वाली बातें भी देखते चलते हैं। उन बातों के पूरा होते ही जिन व्यक्तियों से वे बातें पूरी होती है, उनको आगे बुलाकर उनका नाम पूछ कर लिख लेते हैं। इसके साथ ही उनका फोटो भी करवा लेते हैं।

डॉ. एपी जैन ने बताया कि अब तक जिनके यहां जाप सहित अभिग्रह पूरे हुए हैं वे हैं, प्रधान जगदीश जैन से प्रारंभ करके हुड्डा से वीरेंद्र जैन, मुकेश जैन, गांधी मंडी से डॉ. ईश्वर जैन, शिवनगर से महेंद्र जैन, अमन जैन, राकेश जैन, अंसल से राजेश जैन, राजाखेड़ी से बालक दास बैरागी।

डॉ. जैन ने बताया कि वह 17 अगस्त के जाप विराट नगर से नरेंद्र जैन, तथा मॉडल टाउन से बच्चन सिंह आर्य के यहां थे लेकिन अभिग्रह स्थानक से चलते ही गांधी मंडी में ही पवन जैन के यहां पूरे हो गए थे। कुछ भक्तजन अभिग्रह की बातों का अंदाजा लगाकर तैयारी के साथ आते हैं। कभी-कभी तो पास से गुजरने वाले जैनेतर, यहां तक कि मुस्लिम बहनों/भाइयों से भी अभिग्रह की बातें पूरी हुई हैं।

डॉ. राजेश मुनि के 17 अगस्त के अभिग्रह की 11 बातें : 1.कोई कहे नाग पंचमी है और नाग का चित्र दिखाएं, 2. कोई कुंवारी कन्या हो और उसके हाथ में दूध का पात्र हो, 3. किसी के कपड़ों पर हाथी के चित्र हों, 4. किसी को छींक आ जाए ,5 कोई महिला हरे रंग के सूट में हो, 6. दो व्यक्ति अलग-अलग रंग के सफारी सूट में हो, 7- 11 कोई कोई अलग-अलग लाल, पीले, हरे, काले व सफेद टी-शर्ट में हो।

डॉ. राजेंद्र मुनि के 17 अगस्त के अभिग्रह की तीन बातें : कोई सामायिक (धार्मिक) वेशभूषा में हो, 2. किसी के हाथ पर नाम गुदा हो तथा 3. कोई महिला लाल सूट में हो।

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