ICC ने जारी किए क्रिकेट नौ नए नियम, जानें क्‍या होगा खेल पर असर

ICC New Rules: आइसाीसी ने क्रिकेट को और अधिक रोचक बनाने के लिए नौ नए नियम लागू किए हैं। (फोटो सौजन्‍य सोशल मीडिया)
ICC New Rules: आइसाीसी ने क्रिकेट को और अधिक रोचक बनाने के लिए नौ नए नियम लागू किए हैं। (फोटो सौजन्‍य सोशल मीडिया)
Last Updated: 1 Oct, 2026 at 10:01 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, मुंबई। ICC New Rules: आइसीसी ने क्रिकेट में नए नियम लागू किए हैं। इससे क्रिकेट को अधिक रोचक होने की उम्‍मीद है। ये नियम 1 अक्‍टूबर यानि आज से लागू कर दिए गए हैं। इसमें क्रिकेट मैचों खासकर टेस्‍ट मैचों में खेल में गतिरोध को समाप्‍त करने और इसमें तेजी लाने पर खास तौर पर ध्‍यान दिया गया है। आइसीसी ने कुल नौ नए नियम लागू किए हैं।

आइसीसी ने 9 नए नियमों की घोषणा की है

इन नए नियमों में सबसे अहम है मैच में बल्‍लेबाजों द्वारा जानबूझकर समय बर्बाद करने पर पेनाल्‍टी रन लगाना। भारत के इंग्‍लैंड और श्रीलंका के दौरे के समय इस तरह का मामला काफी सुर्खियों में आया था। भारत के इंग्‍लैंड दौरे के समय एक टेस्‍ट मैच के दौरान दिन के खेल के अंतिम समय में इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाजों द्वारा जानबूझकर समय बर्बाद करने पर काफी विवाद हुआ था। इससे पूर्व और इसके बाद भी कई बार इस तरह के मामले सामने आए।

इससे खेल में गतिरोध या रुकावट पैदा हुई और इसे क्रिकेट में खेल भावना के विपरीत माना गया। ऐसे में अब आइसीसी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने और कई बार टीमों को इसे रणनीति की तरह इस्‍तेमाल पर लगाम लगाने के लिए नया नियम लागू कर पेनाल्‍टी का नियम लागू किया है। आइसीसी ने गुरुवार को क्रिकेट में ये नौ नए नियम लागू करने की घोषणा की-

1.पेनाल्‍टी रन: यदि बल्‍लेबाजी टीम समय पर बल्‍लेबाजी करने नहीं उतरी या बल्‍लेबाज समय पर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार होने में अनावश्‍क देरी करेगा तो गेंदबाजी टीम को पेनाल्‍टी में पांच रन दे दिए जाएंगे। इस नियम के तहत अंपायर को लगता है कि बल्‍लेबाज समय पर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं है तो पहली बार वह उसे चेतावनी देंगे। दूसरी बार ऐसा करने पर अंपायार फाइनल चेतावनी देंंंगे और इसके बाद हर बार के लिए गेंदबाजी टीम को पेनाल्‍टी के 5-5 रन एि जाएंगे।

–इसका लाभ: इससे मैच में गतिरोध समाप्‍त होगा और मैच की गति को प्रभावित करने की मंशा जैसी नकारात्‍मक रणनीति पर अंकुश लगेगा। खिलाड़ी बेहतर भावना के साथ खेलेंगे और खेल नीरस होने से बचेगा।

2. टेस्‍ट मैच में पिंक बॉल: आइसीसी ने अब दिन के समय में खेले जाने वाले टेस्‍ट मैचों में भी पिंक बॉल का ट्रायल के तौर पर इस्‍तेमाल करने का फैसला किया है। इससे खराब रोशनी के कारण समय बर्बाद होने से बच सकेगा। पिंक बॉल से कृत्रिम रोशनी में भी खेल संभव हो सकेगा। इसके लिए मैच से पहले ही टीमों को रेड या पिंक बॉल में से कोई एक चुनना होगा। बता दें कि अब तक आस्ट्रेलिया में कुछ टेस्ट बॉल पिंक बॉल खेले गए हैं, लेकिन ये डे नाइट थे।

    –इसका लाभ: मैचों में खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले नहीं रुकेगा। बारिश आदि के कारण समाप्‍त बर्बाद होने के कारण अ‍तिरिक्‍त समय में खेल जारी रखना संभव हो सकेगा।

    3. पुरुष और महिला क्रिकेट में गेंद वजन व साइज अलग-अलग: आइसीसी ने पुरुष और महिला क्रिकेट के लिए गेंद की साइज और वजन में अंतर की घोषणा की है। पुरुषों की क्रिकेट के लिए: गेंद का वजन- 155.9 से 163 ग्राम। परिधि साइज – 22.4 से 22.9 सेमी। महिला क्रिकेट : गेंद का वजन – 140 से 151 ग्राम। परिधि साइज – 21 से 22.5 सेमी। इसके साथ ही अंडर-13 क्रिकेट के लिए भी गेंद के वजन और साइज को निर्धारित किया गया है। इसके लिए गेंद का वजन 133 से 144 ग्राम होगा और इसकी परिधि साइज 20.5 सेमी से 22 सेमी के बीच होगी।

    –इसका लाभ: इससे खिलाड़ि‍यों को अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन का मौका मिलेगा। महिला और पुरुष क्रिकेट को अधिक प्रतिस्‍पर्धी बनाया जा सकेगा।

    4. मिसफील्‍ड और ओवरथ्रो : आइसीसी ने अब ओवरथ्रो को लेकर भी नियम में बदलाव कर इसे स्‍पष्‍ट कर दिया है। इसके अनुसार, यदि‍ कोई क्षेत्ररक्षक (फील्‍डर) बल्‍लेबाज को रन लेने से रोकने अथवा रन आउट करने के लिए विकेट की ओर गेंद थ्रो करता है और गेंद आगे निकल जाती है तो बल्‍लेबाज द्वारा इसके बाद लिया गया रन ओवरथ्रो का रन माना जाएगा।

    इसके अलावा, क्षेत्ररक्षक गेंद को केवल रोकने या दूसरे फील्‍डर को देने का प्रयास करता है और इसमें गेंद आगे निकल जाती है तो इसे ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा। इस पर लिया गया रन मान्‍य नहीं होगा।

    यह समाचार भी पढ़ि‍ये: अक्‍टूबर के पहले ही दिन महंगाई का झटका, कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा

    5. सेटल्‍ड बाल या डेड बॉल: अब खेल के दौरान सेटल्‍ड या डेड बॉल को लेकर भी नया नियम जारी किया गया है। अब विकेटकीपर या गेंदबाज के पास पहुंचने पर ही सेटल्‍ड बॉल या डेड बॉल नहीं होगा। अब यह अंपायर तय करेंगे कि खेल के दौरान गेंद कब सेटल्‍ड या डेटबॉल की स्थिति में है।

    -इसका लाभ : यह खेल के अंतिम समय खासकर अंतिम ओवर में महत्‍वपूर्ण साबित होगा।

    6. रन आउट और स्‍टंपिंग: रन आउट और स्‍टंपिंग को लेकर भी नया और स्‍पष्‍ट नियम जारी किया गया है। स्‍टंपिंग और रन आउट के लिए अब केवल हाथ या विकेटकीपर की स्थिति में गेंद के टच हाेने की स्थ‍िति में बल्‍लेबाज को आउट नहीं माना जाएगा। इसके लिए फील्‍डर या विकेटकीपर का गेंद पर पूरा कंट्रोल होना चाहिए।

    इसका मतलब यह है फील्‍डर या विकेटकीपर के हाथ से छू लेने के बाद स्‍टंप पर गेंंद लगने मात्र से बल्‍लेबाज रनआउट या स्‍टंंप आउट नहीं माना जाएगा। कई मौकों पर गेंदबाज की अंगुलियों से टकराकर स्‍टंप पर लग जाती थी और गिल्लियां गिर जाती थीं तो बल्‍लेबाज आउट माना जाता है।

    7. टेस्‍ट मैचों में दिन का आखिरी ओवर : टेस्‍ट मैचों में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिर जाने पर दिन का खेल उसी समय खत्‍म हो जाता है और स्‍टंप हो जाता है। लेकिन, आइसीसी ने इसको लेकर नया नियम बनाया है। अब आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर भी आगे खेल होगा और अगले बललेबाज को मैदान में उतरना होगा।

    –इसका लाभ- इससे टेस्‍ट मैचों काे अधिक राेचक और प्रतिस्‍पर्धी बनाया जा सकेगा।

    8. अंतरराष्‍ट्रीय टी-20 मैचों में इंटरवल: अब अंतरराष्‍ट्रीय टी-20 मैचों में 15 मिनट इंटरवल होगा। इसे घटाकर 10 मिनट तक किया जा सकता है। इसके साथ ही पुरुष वनडे और टी-20 मैच में भी हेड कोच इंटरवल के दौरान मैदान में आ सकते हैं। अभी महिला टी-20 मैचों में हेड कोच या कोच इंटरवल में मैदान में आते हैं।

    9. लेग साउड वाइड गेंद: अब लेग साइड की वाइड गेंदोंं को लेकर आइसीसी ने ज्‍यादा स्‍पष्‍ट करते हुए नियम जारी किया है। अब लेग साइड में वाइड गेंद देते हुए बल्‍लेबाज के मूवमेंट को ध्‍यान में रखा जाएगा। इस दौरान बल्‍लेबाज के गेंद फेंकने से ठीक पहले की स्थिति काे ध्‍यान में रखा जाएगा। यदि बल्‍लेबाज गेंद फेंकने के बाद ऑफ साइड की ओर जाता है या मूवमेंट करता है तो उसकी बाद की मूवमेंट या पैर की स्थिति को वाइड तय करने का आधार नहीं माना जाएगा।

    -इसके लाभ – इससे लेग साइड में वाइड देने को लेकर हो रहा विवाद समाप्‍त होगा और वाइड को लेकर अधिक स्‍पष्‍टता आएगी।

    1 Comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *