Farmers Delhi March: दो मांगें माने जाने के बाद पंजाब-हरियाणा के किसानों का दिल्‍ली कूच स्‍थगित, गुरनाम सिंह चढ़ूनी रिहा, शंंभू बाॅर्डर सील

Farmers Delhi March: दो मांगें माने जाने के बाद पंजाब-हरियाणा के किसानों का दिल्‍ली कूच स्‍थगित,   गुरनाम सिंह चढ़ूनी रिहा, शंंभू बाॅर्डर सील
Last Updated: 21 Jul, 2026 at 07:05 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, अंंबाला/सोनीपत। पंजाब और हरियाणा के किसानों का दिल्‍ली कूच (Farmers Delhi March) स्‍थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही किसान संगठनों ने दिल्‍ली में प्रस्‍तावित किसान घाट महापंचायत को भी फिलहाल स्‍थगित कर दिया है। यह फैसला शंंभू बार्डर पर हरियाणा के कृषि मंत्री और किसान नेताओं के बीच वार्ता के बाद किया गया। हरियाणा सरकार ने किसानों की दो मांगों को मान लिया। उधर, कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को रिहा कर दिया। दूसरी ओर, शंंभू बॉर्डर सहित अन्‍य बॉर्डर सील हैं।

हरियाणा के कृषि मंत्री और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत

शंभू बार्डर पर पंजाब की ओर से काफी संख्‍या में किसान दिल्‍ली कूच के लिए पहुंच रहे थे। हरियाणा के कई जिलों से भी किसान दिल्‍ली के लिए रवाना हो रहे थे। इसी बीच हरियाणा के कृषि मंत्री श्‍याम सिंह राणा और किसान संगठनों के नेताओं की बातचीत हुई। बातचीत में कृषि मंत्री ने किसानों की दो मांगों को स्‍वीकार कर लिया।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराज ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री से बातचीत में हिरासत में लिए गए गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्‍य किसानों की रिहाई और केंद्रीय कृषि मंत्री से वार्ता कराने पर सहमति के बाद दिल्‍ली कूच स्‍थगित कर दिया गया। गुरनाम चढ़ूनी और अन्‍य किसानों को कुरुक्षेत्र में रिहा कर दिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अगले कुछ दिनों में किसान संगठनों के प्रति‍निधियों की वार्ता कराई जाएगी।

शंंभू और खनौरी बॉर्डर सील किए गए

बता दें कि किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्‍ली कूच और किसान घाट पर महापंचायत करने की घोषणा की थी। इसको देखते हुए पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू बार्डर और खनौरी बार्डर को सील कर दिया गया। शंभू बॉर्डर पर सीमेंटेड बैरिकेट्स लगाकर इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया।

इसके साथ ही कुंडली-सिंंघु बार्डर पर बैरिेकेट लगा दिया गया। इससे कुंडली-सिंघु बार्डर पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। अंबाला के शंंभू बॉर्डर सहित हरियाणा के अन्‍य बॉर्डरों पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर दिया गया है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।

दिल्‍ली-कटरा एक्‍सप्रेस को भी बंद कर दिया गया। दिल्ली कटरा एक्‍सप्रेसवे से होकर किसान पंजाब और कैथल सहित अन्‍य इलाकों से दिल्‍ली जाने की कोशिश कर रहे थे। कैथल में किसान एक्‍सप्रेसवे पर बैठकर खाना खाते देखे गए। कुरुक्षेत्र और अन्‍य स्‍थानों पर बसों व अन्‍य वाहनों में दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे किसानों को रोक दिया गया। कुरुक्षेत्र में एक प्राईवेट बस में दिल्‍ली जा रहे किसानों को ज्‍योतिसर चौक पर रोक दिया।

पानीपत टोल प्‍लाजा पर अर्द्ध सैनिक बल के जवान तैनात

किसानों के दिल्‍ली कूच के मद्देनजर पानीपत सहित आसपास के जिलों में हाई अलर्ट है। पानीपत टोल प्‍लाजा और करनाल के घरौंडा टोल प्‍लाजा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पानीपत टोल प्‍लाजा पर पुलिस के साथ ही अर्द्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात किए गए हैं। पानीपत टोल प्‍लाजा पर सुबह से ही सीआरपीएफ (CRPF) और आरपीएफ (RPF) के जवान तैनात रहे। पुलिस और प्रशासन के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था का जायजा लिया। सीआरपीएफ के डीआइजी अमित सांगवान के अनुसार, पुलिस और अर्द्ध सुरक्षा बल के जवान पूरी तरह सजग हैं।

CJP के आंदोलन के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव की घोषणा के मद्देनजर हरियाणा, पंजाब, राजस्‍थान और उत्‍तर प्रदेश से लगती दिल्‍ली की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई है। हरियाणा के कई जिलों में सीजेपी (CJP) के समर्थकोंं और किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है या हाउस अरेस्‍ट किया गया है।

क्‍या है किसानों की मांगें –

किसानों की चार प्रमुख मांगें हैं। ये हैंं-

  • ट्रेड डील रद्द हो: भारत -अमेरिका व्‍यापार समझौता (India US Trade Agreement) रद हो। किसान नेताओं का कहना है कि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्‍तावित ट्रेड डील से भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को नुकसान होगा। सस्‍ते विदेशी उत्‍पाद आने से देश के किसानों की आय बुरी तरह प्रभावित होगा।
  • ट्रेड डील दस्‍तावेज सावर्जनिक हों: किसानों की मांग है कि भारत-अमेरिका व्‍यापार समझौते (India US Trade Agreement) से जुड़े सभी दस्‍तावेज सार्वजनिक किए जाएं। इस ट्रेड डील के बारे में किसानों और आम लोगों को जानकारी दी जाए।
  • चर्चा के बाद ही ट्रेड डील लागू हो: किसानों की मांग है कि ट्रेड डील को बिना चर्चा के लागू नहीं किया जाए। किसानों, डेयरी उत्‍पादकों और छोटे व्‍यपारियों से चर्चा के बाद ही भारत-अमेरिका व्‍यापार समझौते को लागू किया जाए।
  • कृषि व डेयरी क्षेत्र के हितों की सुरक्षा हो: किसानों की मांग है कि विदेशी कृषि व डेयरी उत्‍पादों के आयात व व्‍यापार से पहले भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए।

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