सटीक समाचार, नई दिल्ली। महिला सशक्तीकरण (Women Empowerment) की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) ने बड़ी पहल की है। इस क्रम में फाउंडेशन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्यक्रम चला रहा है। रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) ने एक संयुक्त कार्यक्रम में पांच ग्रामीण महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इन महिलाओं ने किराना कारोबार में शानदार कामयाबी हासिल की है।
रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग ने महिला किराना उद्यमियों को किया सम्मानित
मध्य प्रदेश की ये पांच महिला किराना उद्यमी ग्रामीण क्षेत्रों में सफल कारोबार चला रही हैं। वे अन्य ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। बेहतर कारोबार संचालन और उद्यमिता के लिए प्रत्येक महिला को एक-एक लाख रुपये का अनुदान भी दिया गया। यह सम्मान ‘एम्पावरिंग रूरल वूमेन किराना एंटरप्रेन्योर्स (RWKE)’ पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिया गया।

रिलायंस फाउंडेशन चला रहा है पायलट प्रोजेक्ट
बता दें कि यह पायलट प्रोजेक्ट रिलायंस फाउंडेशन ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के साथ मिलकर शुरू किया है। इसमें प्रोजेक्ट माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC) तकनीकी सहयोगी संस्था है। इस पायलट के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को कारोबार चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
सम्मानित महिला उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. जोराम अनिया, महिला उद्यमिता मंच की मिशन निदेशक अन्ना रॉय, रिलायंस फाउंडेशन में महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति नुकालापति और माइक्रोसेव कंसल्टिंग की सोनल जेटली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से मिली जानकारी और कौशल के आधार पर वे अपने कारोबार को और आगे बढ़ाना चाहती हैं।

मध्यप्रदेश के तीन जिलों में चल रहा है कार्यक्रम
यह पहल मध्य प्रदेश के बड़वानी, विदिशा और रायसेन जिलों की महिला किराना दुकानदारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक के उपयोग, बाजार तक पहुंच और कारोबार की योजना बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
अब तक 108 महिलाओं को मिला प्रशिक्षण
रिलायंस फाउंडेशन के अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद अब तक 108 महिला उद्यमियों को 175 से अधिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 1,200 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्थानीय भाषा में आयोजित इन प्रशिक्षण सत्रों में बजट बनाना, हिसाब-किताब रखना, सप्लाई चेन, स्टॉक प्रबंधन और कारोबार बढ़ाने जैसे व्यावहारिक विषय शामिल रहे।

रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित किराना दुकानें स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके कारोबार को मजबूत करने और उन्हें डिजिटल तथा वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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