UGC NET Paper New Update: NEET के बाद यूजीसी नेट के तीन पेपर की परीक्षाएं कैंसिल, NTA ने रिएग्‍जाम की तारीख घोषित की

एनटीए ने यूजीसी नेट परीक्षा के तीन पेपर रद्द कर दिए हैं। (फाइल फोटाे साेशल मीडिया)
एनटीए ने यूजीसी नेट परीक्षा के तीन पेपर रद्द कर दिए हैं। (फाइल फोटाे साेशल मीडिया)
Last Updated: 17 Aug, 2026 at 07:45 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, नई दिल्‍ली। UGC NET Paper New Update: नीट पेपर लीक के बाद अब यूजीसी नेट (UGC NET) के तीन पेपर की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसका कारण प्रश्‍नपत्र में गलतियां होना बताया है। एनटीए ने पुनर्परीक्षा यानि रिएग्‍जाम की तिथि भी घोषित कर दी है। तीन विषयों अंग्रेजी, कामर्स और समाजशास्‍त्र के पेपर कैंसिल किए गए हैं।

एनटीए (NTA) ने कहा है कि रिएग्जाम के लिए परीक्षार्थियों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। रिग्‍जाम 9 और 10 सितंबर को होंगे। बता दें कि एनटीए ने यूजीसी नेट (UGC NET) एग्‍जाम 22 जून से 30 जून तक कराए थे। एनटीए ने कहा है कि इन पेपरों के प्रश्‍नपत्र में स्‍पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियों थीं। इनमें दिए गए महापुरुषाें के नाम में भी गलतियां थीं।

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इसके साथ ही एनटीए ने कहा है कि इन पेपर्स में पहले पूछे जा चुके सवाल दोहराए गए थे। कई विद्यार्थियों ने गड़बड़ि‍यों का जिक्र किया था। इनको केवल प्रश्‍न हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता था।

यह है पुनर्परीक्षा यानि रिएग्‍जाम का कार्यक्रम

एनटीए ने पुनर्परीक्षा की तिथि के साथ ही उसका कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। ये कार्यक्रम इस तरह हैं –

  • 9 सितंबर 2026 – पहली पाली में सुबह नौ बजे (9. 00 AM) से दोपहर 12 बजे (12 PM) तक अंग्रेजी की परीक्षा होगी।
  • 9 सितंबर 2026 – दूसरी पाली में दोपहर बाद तीन बजे (3.00 PM) से सायं छह बजे (6.00 PM) तक कॉमर्स की परीक्षा होगी।
  • 10 सितंबर 2026 – पहली पाली में सुबह नौ बजे (9.00 AM) से दोपहर 12 बजे (12.00 PM) तक समाजशास्‍त्र की परीक्षा होगी।

विद्यार्थियों की शिकायतों के बाद जांच के लिए बनी समिति, प्रश्‍नपत्रों में पाई गलतियां

एनटीए (NTA) ने माना कि प्रश्‍नपत्रों में कई गलतियां थीं। एनटीए ने कहा है कि आंसार-की जारी किए जाने के बाद विद्यार्थियों की कई शिकायते मिलीं। इसके बाद जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई। समिति ने प्रश्‍नपत्रों में तथ्‍य संबंधी, टाइपि‍ंंग और अनुवाद की कई गलतियां पाईं। इनमें नाम गलत थे, किताबों के नाम बिगड़े हुए थे। सवालाें को गलत तरीके से लिखे जाने और व्‍याकरण व विराम चिह्नों की गलतियां भी शामिल थींं।

समिति ने यह भी पाया कि बड़ी संख्‍या में पहले पूछे जा चुके सवालों को दोबारा इन प्रश्‍नपत्रों में शामिल किया गया। बता दें कि रविवार सुबह ही 87 में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी की गई थी।

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