सटीक समाचार, चंडीगढ़। ई20 पेट्रोल का मुद्दा (E20 Petrol Issue) पंजाब विधानसभा में उठा। इस संबंध में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्ताव पेश करतं हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर ई20 और शुद्ध पेट्रोल (100% Petrol) उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही ई20 पेट्रोल (E20 Petrol) की कीमत घटाई जाए।
भगवंत मान ने प्रस्ताव पेश किया, बोले- केंद्र सरकार इसे जबरन थोप रही है
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब विधानसभा में ई-20 इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का मुद्दा उठाया। उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में माना कि ई20 पेट्रोल से वाहनों की माइलेज घटती है, इसके बावजूद इसे जबरदस्ती थोप रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसे लागू करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। भगवंत मान ने कहा कि इसका मकसद अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के हितों की पूर्ति करना है। इसके तहत भारत अगले पांच साल में 20 अरब डॉलर का एथेनॉल आयात करेगा।
कहा- ई20 बिना किसी शोध के लागू किया गया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘ यह देश के हर नागरिक के लिए गंभीर चिंता का विषय है। एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल बिना किसी उचित शोध, वैज्ञानिक अध्ययन या सलाह-मशवरे के वाहन मालिकों पर थोपा गया है। केंद्र सरकार ने यह साबित करने के लिए कोई अध्ययन नहीं किया और न ही किसी इंजीनियरिंग कॉलेज या आइआइटी से प्रमाण-पत्र लिया है कि ई-20 पेट्रोल वाहनों के इंजनों के लिए सुरक्षित है।’

उन्होंने कहा कि व्यापक विरोध के बावजूद मनमाने ढंग से ई20 पर तब्दील कर दिया गया। 45,000 से अधिक वाहनों पर किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 67 फीसदी वाहनों में माइलेज में भारी गिरावट दर्ज की गई या 45 फीसदी इंजन खराब हो गए हैं। यह आम लोगों की खून-पसीने की कमाई की खुली लूट के अलावा कुछ नहीं है।
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बोले- सवाल इथेनाॅल नहीं अमेरिका से व्यापार समझौते का
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एथेनॉल के बारे में नहीं, बल्कि इस संबंध में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से है। इस समझौते के तहत भारत अगले पांच सालों में एथेनॉल के आयात को पांच गुना बढ़ाकर लगभग एक अरब लीटर से पांच अरब लीटर करेगा। यह लगभग 20 अरब डॉलर बनता है। अमेरिका एथेनॉल का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है और भारत को यह बोझ उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कहा- ई20 2030 में लागू होना था तो फिर जल्दबाजी क्यों
भगवंत मान ने कहा कि केंद्र के फैसले बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। स्थिति अब यह बन चुकी है कि भारत को कहां से कच्चा तेल खरीदना है और कहां से नहीं, यह अमेरिका तय करता है। सीएम मान ने कहा कि केंद्र ने असल में 2030 तक ई20 (E20) को लागू करने की योजना बनाई थी। 2026 में इसे लागू करने की क्या जल्दी थी? उन्होंने ई20 से शुरुआत की है और ई25 तथा ई50 को लागू करने से पहले विवाद के ठंडा पड़ने का इंतज़ार कर रहे हैं।
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शुद्ध या ई20 पेट्रोल में से एक चुनने की छूट होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और ई20 में से एक चुनने की छूट होनी चाहिए। पहले, लोग लैड और अनलेड पेट्रोल में से एक चुन सकते थे। यह फैसला लोगों की मर्जी को ताक पर रखकर जबरन उन पर थोपा गया है। लोगों को तुरंत पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 में से एक चुनने की छूट दी जानी चाहिए और ई-20 की कीमत घटाई जानी चाहिए।
