सटीक समाचार, चंडीगढ़। रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्री परिषद (Modi Cabinet) में पंजाब का कोई मंत्री नहीं रह गया है। मोदी मंत्रिमंडल में बिट्टू पंजाब से एकलौते मंत्री थे। राज्य में अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनाव है और भाजपा इस चुनाव में जीत हासिल कर पंजाब में अपनी सरकार बनाना चाहती है। ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी सरकार में पंजाब से किसी को जल्द ही जगह मिल सकती है। पंजाब से केंद्र में मंत्री पद के लिए कई नामों को लेकर कयासबाजी चल रही है। इनमें राघव चड्ढा सहित तीन नाम चर्चा में हैं।
राघव चढ्ढ़ा सहित तीन नाम आगे
माना जा रहा है कि पंजाब से जल्द ही किसी नेता को मोदी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। इसमें सबसे आगे आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए राघव चढ्ढ़ा का नाम है। पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में राघव की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
New Bill On Paper Leak: पेपर लीक पर आएगा नया कानून, संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, 10 करोड़ जुर्माना और 10 साल जेल
भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद राघव चढ्ढ़ा को सुपर सीएम कहा जाता था। वह पंजाब से ही राज्यसभा सदस्य हैंं। उनको केंद्रीय मंत्री बनाने का फायदा भाजपा को पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव में भी हो सकता है। युवा चेहरे होने से यूथ वोटर को वह प्रभावित कर सकते हैं।
अशोक मित्तल और तरुण चुघ का नाम भी रेस में
दूसरे नंबर पर जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनविर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल का नाम है। वह पंंजाब में एक खास वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। तीसरा नाम तरुण चुघ का है। वह पंजाब में भाजपा के पुराने और कद्दावर नेताओं में शामिल हैं। अमृतसर के रहनेवाले चुघ का पंजाब में भाजपा को आगे बढ़ाने में काफी योगदान रहा है। राज्य में भाजपा में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी हैंं।
यह समाचार भी पढ़िये : New Medicine For Diabetes: डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छी खबर, नई दवा से इलाज होगा आसान
रवनीत सिंह बिट्टू ने क्यों दिया इस्तीफा
दरअसल, रवनीत सिंह बिट्टू की केंद्रीय मंत्री परिषद से छुट्टी जून माह में ही तय हो गई थी। राजस्थान से दो साल पहले राज्यसभा सदस्य बने बिट्टू को भारतीय जनता पार्टी ने इस बार हुए चुनाव में टिकट नहीं दिया था। इसके बावजूद वह मंत्री परिषद में बरकरार रहे। वैसे, वह 21 दिसंबर तक मंत्री बने रह सकते थे।

भाजपा उनको पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 (Punjab Assembly Election 2027) के मद्देनजर राज्य में सक्रिय करना चाहती है। बिट्टू भी यही चाहते हैं। उन्होंने पिछले दिनों कई बार इस बारे में इशारा भी किया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब में भाजपा सरकार बनाने में बिट्टू की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
लोकसभा के तीन बार और राज्यसभा के एक बार सदस्य रहे बिट्टू
वह राज्य से तीन बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं और प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से हैं। उनके दादा बेअंत सिंह पंजाब के कद्दावर नेताओं में थे और राज्य के मुख्यमंत्री रहे। राज्य में आतंकवाद के दौर में मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी। बिट्टू को बेबाक नेता रहे हैं और राज्य की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उनको पूरा सम्मान भी दिया। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें लुधियाना सीट से टिकट दिया, लेकिन वह कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड्रिंग से हार गए। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान दिया। पार्टी ने राजस्थान में कांग्रेस के वेणुगोपाल के इस्तीफे से खाली हुई सीट से जून, 2024 में उनको राज्यसभा भेजा। उनका चुनाव इस सीट पर बचे दो साल के कार्यकाल के लिए हुआ था।
पंजाब में क्या भूमिका हो सकती है बिट्टू की
पंजाब में उनकी छवि राष्ट्र्र्रवादी नेता की छवि रही है। उनकी सिखों के बीच पैठ रही है और आतंकवाद के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाते रहे हैं। बेअंत सिंह का पोता होने के कारण उनकी खास छवि भी है। ऐसे में वह पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सिखों में भाजपा की पैठ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा की राज्य में अब तक हिंंदू बहुल क्षेत्रों में पैठ रही है और ऐसी सीटों पर ही उसको जीत नसीब हुई है। पार्टी में सिख चेहरे की कमी रही है और ऐसे में रवनीत बिट्टू भाजपा के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैंं।
यह समाचार भी पढ़िये : Ravneet Singh Bittu: केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने दिया इस्तीफा, पीएम की सिफारिश राष्ट्रपति किया स्वीकार


Pingback: Kargil Vijay Divas 2026: वार मेमोरियल पर वीरों को श्रद्धांजलि, भगवंत मान बोले- सरकार शहीदों के परिवार के साथ चट्ट
Pingback: Haryana Cultural Festival 2026: कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से मन मोह लिया, जोड़ी नंबर वन में बुजुर्गों ने भी दि