सटीक समाचार, पानीपत। गांधी मंडी जैन स्थानक में अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज के 2500वें अभिग्रह के संबंध में भव्य समाराेह का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर भारत के विभिन्न नगरों से ही नहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. राजेश मुनि जी महाराज की प्रेरणा से नशा मुक्ति अभियान में 20,870 व्यक्तियों द्वारा संकल्प पत्र भरने का रिकॉर्ड भी बनाया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स ने इसके लिए सर्टिफिकेट सौंपा।
राजेश मुनि के 2500वें अभिग्रह पर जैन स्थानक पर भव्य समारोह आयोजित
अमेरिका की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के इंडिया हेड आलोक कुमार के नेतृत्व में राजेश कुमार सिंह एवं श्रेयस गुप्ता की एक टीम ने कीर्तिमान संबंधित सर्टिफिकेट गांधी मंडी जैन समाज को प्रदान किया। इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लगभग 20 व्यक्तियों को भी अलग-अलग मेडल, सर्टिफिकेट, टी-शर्ट आदि देकर सम्मानित किया।

सम्मानित किए जाने लोगों में प्रमुख जैन स्थानक के संरक्षक डॉ. एपी जैन, प्रधान जगदीश जैन, महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन, विजय जैन, अशोक आर्य, डॉ. रामनिवास जैन, मनीष जैन, भावना जैन, राजपाल जैन, वीरेंद्र जैन, कालू जैन, प्रवेश जैन, राकेश जैन, राजेश जैन, अधिकतम संकल्प पत्र भरवाने वाली रिद्धि जैनआदि शामिल थे।

डॉ. एपी जैन ने कहा- डॉ. राजेश मुनि कीर्तिमान संपन्न संत
गांधी मंडी जैन समाज के संरक्षक डॉ.एपी जैन ने डॉ. राजेश मुनि महाराज को एक कीर्तिमान संपन्न संत बताया। उन्होंने बताया कि डॉ. राजेश मुनि 22 वर्षों से लगातार अभिग्रह सहित बेले बेले पारणा कर रहे हैं। चातुर्मास के लिए पानीपत आने के बाद इनके शिष्य सेवाभावी राजेंद्र मुनि महाराज द्वारा भी अधिग्रहित सहित बेले बेले पारणा, अभिग्रह में 100 बातें तक शामिल होना, ये तीनों कीर्तिमान है।

डॉ. राजेश मुनि ने बनाए हैं अनेक कीर्तिमान
उन्होंंने बताया कि डॉ.राजेश मुनि का डॉ. एक दिन में नंगे पांव 70 किलोमीटर की पदयात्रा करना भी एक कीर्तिमान है। पीएचडी की उपाधि के लिए 3000 पृष्ठों का शोध ग्रंथ लिखना भी एक कीर्तिमान है। धर्म से विमुख होते जा रहे व्यक्तियों विशेषतः युवाओं को धर्म से जोड़ने के लिए चित्र बनाओ प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, छोटी-छोटी लिखित प्रतियोगिताएं, तंबोला को एक धार्मिक रूप देने आदि को चातुर्मास के दो महीने में ही दो दर्जन से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन करना भी विविधता और संख्या की दृष्टि से एक कीर्तिमान है।
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डॉ. एपी जैन ने बतया कि नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने के नए कीर्तिमान के लिए प्रोत्साहित करना भी डॉ. राजेश मुनि के खाते में जाएगा। वह अब तक 5,000 से भी अधिक निर्जल उपवास कर चुके हैं। वह तपस्या में भी बड़े सहज और सामान्य रहते हैं। उनके कीर्तिमानों की फहरिस्त बड़ी लंबी है। अभी तो 53 वर्ष की आयु है और कुछ न कुछ नया करने के लिए चिंतन चलता रहता है। ऐसे कीर्तिमान संपन्न संत को कोटि-कोटि नमन।

गेाल्डन बुक ऑफ रिकार्ड्स के इंडिया हेड ने संकल्प पत्र भरवाने की सराहना की
गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के इंडिया हेड आलोक कुमार ने कहा की मेरे संज्ञान में संकल्प पत्र भरवाने का यह पहला प्रयास है। इसके लिए अभिग्रहधारी महाराज की कल्पनाशीलता को नमन है। इनमें से यदि आधे व्यक्ति भी अपने संकल्प पर डटे रहे तो यह भी समाज की बहुत बड़ी सेवा होगी।

सेवाभावी राजेंद्र मुनि जी महाराज, महासाध्वी समता जी महाराज साहब, तपस्विनी साध्वी श्री भविका जी महाराज ने भी सभा को संबोधित किया। राजकुमार भारद्वाज ने अपनी रचना ‘नशा है नर्क का द्वार’ द्वारा सबको प्रभावित किया। प्रधान जगदीश जैन और महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन ने भी अपने विचार प्रकट किए और आए अतिथियों का अभिवादन भी किया।

