Panipat Local New Update: एसडी पीजी कॉलेज में विधिक साक्षरता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने नशा व अपराध मुक्‍त भारत की शपथ ली

पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज में विधिक साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। (फाेटो सौजन्‍य एसडीपीज कॉलेज)
पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज में विधिक साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। (फाेटो सौजन्‍य एसडीपीज कॉलेज)
Last Updated: 22 Aug, 2026 at 09:07 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Local New Update: शहर के एसडी पीजी कॉलेज में जागृति योजना 2025 के तहत सशक्त युवा-सशक्त भारत’ तथा विधिक साक्षरता और किशोर न्याय विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देना, किशोर न्याय प्रणाली के प्रति जागरूकता लाना तथा युवाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना रहा। इस अवसर पर छात्र छात्राओं को ‘नशा मुक्त युवा-अपराध मुक्त भारत’ पर शपथ भी दिलाई गई ।

युवा कानून समझेगा तभी सशक्‍त भारत का सपना पूरा होगा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पानीपत कोर्ट के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता आशीष अग्रवाल थे। कार्यक्रम में वीरेंद्र सिंह पीएलवी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने किया। आशीष अग्रवाल ने कहा आज का युवा ही कल का भारत है । जब तक युवा कानून को नहीं समझेगा सशक्त भारत का सपना अधूरा है। जागृति योजना 2025 सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं बल्कि युवाओं को कानून का पहरेदार बनाने का एक मिशन है।

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उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कानून सजा नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास पर जोर देता है । अक्सर युवा अनजाने में अपराध के जाल में फंस जाते हैं । उन्हें यह जानना जरूरी है कि पॉक्सो एक्ट, साइबर क्राइम, नशा और हिंसा से संबंधित कानून क्या कहते हैं ।

कानून की जानकारी ही सुरक्षा की पहली ढाल

उन्‍होंने कहा कि कानून की जानकारी ही सुरक्षा की पहली ढाल है । किशोरावस्था में होने वाले मानसिक तनाव, सहकर्मी दबाव और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला । किशोर न्याय सिर्फ अदालत का विषय नहीं है, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्‍होंने कहा कि जागृति योजना 2025 भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा विधि एवं न्याय मंत्रालय की संयुक्त पहल ह। इसके तहत कॉलेजों और स्कूलों में विधिक साक्षरता क्लब बनाना और युवाओं को किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली से अवगत कराना है ।

कानून जानो-अधिकार पहचानो अभियान

उन्‍होंने कहा कि साइबर अपराध, बाल विवाह, बाल श्रम और नशाखोरी के खिलाफ युवाओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाना भी इसी का हिस्सा है । कानून को जानो-अधिकार को पहचानो अभियान को जन-जन तक पहुंचाना आज वक्त की मांग है। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने सभी विद्यार्थियों को जागृति योजना के ब्रांड एंबेसडर बनने की सलाह दी । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ । इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।

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