भूपेंद्र हुड्डा ने कहा- अब तक सिर्फ 30% धान की खरीद, सरकार ने किसानों को झमले में उलझाया

Bhupinder Singh Hooda: पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस मौके पर विधायक व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा भी मौजूद थे। (फोटो सौजन्‍य हरियाणा कांग्रेस)
Bhupinder Singh Hooda: पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस मौके पर विधायक व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा भी मौजूद थे। (फोटो सौजन्‍य हरियाणा कांग्रेस)
Last Updated: 11 Oct, 2026 at 12:21 AM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, चंडीगढ़। Bhupinder Singh Hooda: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। आवक 12 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है, लेकिन सरकार ने अब तक मात्र 30 प्रतिशत ही खरीदा है। सरकार ने किसानों को विभिन्‍न झमेलों में उलझा रखा है। 70 प्रतिशत किसान अभी भी सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जो धान खरीदा भी गया है, उसका भी मात्र 17 प्रतिशत ही उठान हुआ है। मंडियों में अब नई फसल रखने की जगह तक नहीं बची है।

कहा- भाजपा सरकार धान नहीं खरीदना चाहती है

यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि ने बीजेपी सरकार धान नहीं खरीदना चाहती, इसलिए किसानों को कई झमेलों में उलझाए रखा गया है—पहले पोर्टल, फिर वेरिफिकेशन और उसके बाद गेटपास व कैपिंग और लिमिट। हालत यह है कि सिर्फ धान के वेरिफिकेशन में साढ़े चार लाख एकड़ का गैप पाया गया है। करीब तीन लाख एकड़ मोटे धान का सत्यापन, जबकि बासमती के 80,000 एकड़, कपास का 1.71 लाख एकड़, बाजरे का 3.49 लाख एकड़ और गन्ने का 31,000 एकड़ का सत्यापन अभी भी पेंडिंग पड़ा है।

किसानों ने मंडियों के दौरे में बताया एमएसपी नहीं मिल रहा है

हुड्डा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की कई मंडियों का दौरा किया। किसानों ने खुद बताया कि एमएसपी (MSP) न मिलने की वजह से उन्हें 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम रेट पर अपनी धान और 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल कम रेट पर बाजरा बेचना पड़ रहा है।

हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव में ऐलान किया था कि सरकार 3100 रुपये क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे। लेकिन, सच्चाई ये है कि आज किसानों 2441 रुपये की एमएसपी (MSP) भी नहीं मिल रही है। मूंग की एमएसपी तो 8780 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन खरीद न होने से किसानों को प्रति क्विंटल 1500 से 1600 रुपये तक घाटे की मार पड़ रही है।

कहा- बाजरे को कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं किसान

उन्‍होंने कहा कि इसी तरह बाजरे के किसान भी 2900 रुपये प्रति क्विंटल की कागज़ी एमएसपी के बीच, अपनी उपज 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक में देने की मजबूरी के कारण करीब 900 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा झेल रहे हैं।

कहा- भाजपा सरकार किसानों से खिलवाड़ कर रही है

किसानों के साथ भाजपा सरकार किस तरह खिलवाड़ कर रही है, इसे समझने के लिए हुड्डा ने उकलाना अनाज मंडी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि मंडी में एक किसान की फसल की नमी चेक की गई। वहां सरकारी एजेंसी के पास तीन मशीनें थीं, लेकिन एक ही धान के सैंपल की नमी तीनों मशीनों ने अलग-अलग बताई। यानी साफ है कि सरकार का इरादा किसानों की फसल न खरीदने और उन्हें MSP से पूरी तरह वंचित करने का है।

बोले- सरकार बताए किन 24 फसलों पर एमएसपी दे रही है

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा हरियाणा में 24 फसलों पर एमएसपी देने का दावा करती है, क्या वह उन 24 फसलों के नाम बता सकती है, जो हरियाणा में होती हैं। और सरकार श्वेत पत्र जारी करे कितनी फसलों पर हरियाणा में एमएसपी मिली।

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इस मौके पर वरिष्ठ नेता और थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा भी मौजूद थे। अशोक अरोड़ा ने कहा कि किसानों के साथ ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि किसान कम रेट में अपनी फसल बेचें और प्राइवेट एजेंसियों को फायदा हो।

हुड्डा ने कहा- किसानों को खाद भी नहीं मिल रही

हुड्डा ने कहा कि राज्‍य में किसानों को खाद भी नहीं मिल रही है। हरियाणा के लिए अक्टूबर में यूरिया का आवंटित स्टॉक 3.50 लाख मीट्रिक टन है, जबकि अब तक सरकार ने सिर्फ 67,000 मीट्रिक टन ही उठाया है। इसी तरह डीएपी का हरियाणा के लिए आवंटित स्टॉक डेढ़ लाख मीट्रिक टन का है, लेकिन सरकार ने अब तक मात्र 38,000 मीट्रिक टन ही उठाया है।

हुड्डा ने याद दिलाया कि भाजपा ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि उसने किसानों की लागत कई गुना बढ़ा दी। एमएसपी में बढ़ोतरी की बात आती है तो सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करती है।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान 2005 से 2014 तक धान और गेहूं के एमएसपी में हर बार 14 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी, जबकि भाजपा सरकार के दौरान मात्र 5 से 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा रही है। हमारी मांग है कि बीजेपी सरकार एमएसपी पर श्वेत पत्र भी जारी करे, ताकि जनता को पता चल सके कि कांग्रेस सरकार के दौरान कितनी बढ़ोत्तरी होती थी और बीजेपी कितनी कर रही है।

कहा- ज्ञानेश कुमार को इस्‍तीफा देना ही पड़ेगा

हुड्डा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। जबतक वह पद से इस्तीफा नहीं देते, वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन का ये आंदोलन तेज होता जाएगा। 12 तारीख को हम सभी लोगों को दिल्ली पहुंचने की अपील करते हैं। क्योंकि यह वोट और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। इसमें सभी की शांतिपूर्ण भागीदारी आवश्यक है।

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