सटीक समाचार, चंडीगढ़। JIO 10 Years In Haryana: रिलायंस जियो (Reliance JIO) अपने कामर्शियल लांंच के बाद 5 सितंबर को एक दशक पूरे करने जा रहा है। राज्य में उसका अब तक का सफर बेमिसाल रहा है और उसके आगमन के बाद यहां वायरलेस मोबाइल बाज़ार में बड़ा बदलाव आ गया। हरियाणा में 10 साल में जियो ने 8.27 मिलियन यानि 82.7 लाख मोबाइल ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा है।
सितंबर 2016 में जियो ने हरियाणा में टेलीकॉम मार्केट में कदम रखा था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कुछ ही वर्षों में पूरे उद्योग का चेहरा ही बदल जाएगा। जियो 5 सितंबर को अपने दस साल पूरे करने जा रहा है।
किफायती डेटा, फ्री कॉलिंग और मज़बूत नेटवर्क ने किया कायाकल्प
हरियाणा टेलीकॉम सर्कल में अपने पहले दशक में नेट मोबाइल सब्सक्राइबर्स जोड़ने के मामले में रिलायंस जियो सबसे आगे रहा है। इसके किफायती डेटा प्लान, फ्री कॉलिेग और मजबूत नेटवर्क ने राज्य में मोबाइल सेवा की कायाकल्प कर दी। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अनुसार, अगस्त 2016 में शून्य ग्राहक आधार से शुरुआत करने वाले जियो ने हरियाणा में पहले ही महीने (सितंबर 2016) में 6.8 लाख ग्राहक जोड़ लिए थे।
अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल ग्राहक आधार से शुरू होकर जून 2026 तक 29.2% के सीएजीआर
जून 2026 तक यह आंकड़ा 75.9 लाख की नेट ऐडीशन और 29.2 % के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) के साथ बढ़ते हुए 82.7 लाख हो गया है। यह 29.2 % सीएजीआर पहले से मौजूद टेलीकॉम ऑपरेटरों से कहीं ज़्यादा है। ट्राई की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक, हरियाणा के 2.7 करोड़ मोबाइल कनेक्शनों में से 30.6% हिस्सेदारी जियो की है।
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इसके अलावा, हरियाणा के विशाल ग्रामीण और शहरी इलाकों में डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देते हुए जियो ने राज्य में 6.5 लाख परिसरों को जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर सेवाओं से जोड़ा है। ये सेवाएं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और वर्ल्ड-क्लास होम एंटरटेनमेंट प्रदान करती हैं।
जियो की जबरदस्त ग्रोथ के ये हैं मुख्य कारण
- जियो के लांच से पहले, कॉल रेट और डेटा चार्ज ग्राहकों के लिए बड़ी समस्याएं थीं। उसने किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग की रणनीति अपनाकर कॉम्पिटिशन के एक नए दौर की शुरुआत की और ग्राहकों को उनकी इन दोनों चिंताओं से मुक्त कर दिया।
- एक दशक पहले, भारतीय ग्राहक मोबाइल डेटा का इस्तेमाल लगभग मेगाबाइट के हिसाब से नाप-तोलकर किया करते थे। आज देश में डेटा की खपत इतनी ज़्यादा है कि बहुत कम बाज़ार ही होंगे जो इसकी बराबरी कर सकें। जियो ने कनेक्टिविटी को सस्ता बनाने से लेकर ऐसी टेक्नोलॉजी, डिवाइसेज़ और मज़बूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया।
- पूरे देश में आज जियो के लगभग 53.33 करोड़ ग्राहक हैं, जिनमें 28.5 करोड़ 5जी ग्राहक शामिल हैं
- 2016 में भारत में प्रति सब्सक्राइबर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 जीबी से कम थी। एक गीगाबाइट डेटा की कीमत लगभग 228 रुपये थी।
- उस समय एक करोड़ से भी कम भारतीयों की पहुंच 4जी नेटवर्क तक थी और औसत डाउनलोड स्पीड मुश्किल से लगभग 2.5 एमबीपीएस के आसपास पहुंचती थी। फिर जियो ने टेलीकॉम प्राइस वॉर के साथ भारतीयों के इंटरनेट के साथ रिश्ते को ही बदल दिया।
- आज एक दशक बाद, एक गीगाबाइट डेटा की कीमत लगभग 7.9 रुपये है, जो करीब 97 प्रतिशत कम है। देश भर में एक्टिव 4जी और 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर लगभग 93.8 करोड़ हो गई है। जियो के नेटवर्क पर औसतन एक सब्सक्राइबर अब प्रति माह 42.3 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है।
- टेलीकॉम नेटवर्क की पिछली पीढ़ियां ज़्यादातर इम्पोर्टेड प्रोप्राइटरी हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर पर आधारित थीं। इसकी वजह से ऑपरेटर्स को न सिर्फ़ इक्विपमेंट के लिए, बल्कि टेक्नोलॉजी अपग्रेड और रोडमैप वगैरह के लिए भी विदेशी वेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता था।
- जियो लगातार एक ऐसे एंड-टू-एंड, क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5जी नेटवर्क को विकसित करने में भारी निवेश कर रहा है। यह भारत के हिसाब से सबसे उपयुक्त है।

