सटीक समाचार, पानीपत। जिले के समालखा में जीटी रोड के पास स्थित एक बड़े शिक्षण संस्थान के संचालक को धमकी देकर सात करोड़ रुपये की रंगदारी (Extortion Demand) मांंगने के मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी पानीपत जिले के ही हैं। इनमें एक युवक इसी शिक्षण संस्थान का पूर्व छात्र है। संचालक को विदेश से व्हाट्सएप कॉल किया गया था और वॉइस नोट भेज कर खुद काे हैरी बॉक्सर बताया और धमकी देकर सात करोड़ रुपये मांगे।
पानीपत के एसपी ने पूरे मामले का किया खुलासा, सभी आरोपी पानीपत जिले के रहने वाले
पानीपत पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने शनिवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान गांव अदियाना निवासी अजय और रोहित, गांव सिवाह निवासी अमित तथा एनएफएल निवासी रिहान के रूप में हुई है। अमित अभी पानीपत की विकास कॉलोनी में रहता है। आरोपियों ने विदेश में बैठे असामाजिक तत्वों को शिक्षण संचालक और उनके संस्थान के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई थी।
व्हाट्सएप पर कॉल कर हैरी बॉक्सर के नाम पर मांगी रंगदारी
एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षण संस्थान संचालक ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को वह अपने शिक्षण संस्थान में मौजूद थे तो इसी दौरान उनके फोन पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को हैरी बॉक्सर बताया। फोन करनेवाले ने कहा कि उनके सभी स्कूलों और कॉलेजों की उसे जानकारी है।
फोन करने वाले वॉयस नोट भेजकर कहा मेरे आवाज की सोशल मीडिया पर पुष्टि कर लेना
स्कूल संचालक ने शिकायत में बताया कि फोन करनेवाले ने धमकी देते हुए सात करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। इसके साथ ही उसने वॉइस नोट भेजकर कहा कि मेरी आवाज की साेशल मीडिया पर पुष्टि कर लेना। उसने कहा कि मेरा नंबर ब्लॉक करने या किसी को इस बारे में जानकारी देने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहना। शिकायत मिलने पर थाना समालखा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की ।
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सीआईए वन की टीम ने आरोपियों को पकड़ा
एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही शिक्षण संस्थान संचालक और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार की टीम को सौंपी गई। सीआईए वन की टीम ने साइबर सेल के सहयोग, तकनीकी साक्ष्यों और मजबूत मानवीय सूचना तंत्र की मदद से मामले का पर्दाफाश किया।
शुक्रवार शाम चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने विदेश में बैठे रंगदारी मांगने वाले असामाजिक तत्वों को शिक्षण संचालक के बारे जानकारी उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की।
रिहान पहले इस शिक्षण संसथान का छात्र था
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में यह बात भी सामने आया कि अजय वर्ष 2022 में डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था, लेकिन उसे वर्ष 2026 में वहां से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया था। अमेरिका में रहने के दौरान उसकी एक असामाजिक तत्व से मुलाकात हुई थी। कुछ दिन पहले उसी असामाजिक तत्व ने एप के माध्यम से अजय से संपर्क कर पैसों का लालच दिया और उक्त शिक्षण संस्थान की जानकारी जुटाने को कहा।
एसपी ने बताया कि अजय ने इस बारे में अपने साथी रोहित को भी बातया। इसके बाद रोहित ने अमित के साथ मिलकर रिहान से संपर्क किया। रिहान पहले संबंधित शिक्षण संस्थान में पढ़ चुका था और उसे वहां की पूरी जानकारी थी। इसके बाद तीनों ने संस्थान और उससे जुड़े अन्य स्थानों की रेकी कर पूरी जानकारी अजय को उपलब्ध करा दी। इसके बाद अजय ने एप के माध्यम से विदेश में बैठे असामाजिक तत्व तक सारी जानकारी पहुंचा दी।
पुलिस ने चारों आरोपितों का अदालत से चार दिन का रिमांड लिया
पुलिस ने शनिवार को चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर दे दिया। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा। एसपी ने कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों को किसी भी रूप में पनपने नहीं दिया जाएगा। विदेश में बैठे कुछ असामाजिक तत्व युवाओं को प्रलोभन देकर गलत रास्ते पर ले जाते हैं। इन तत्वों के खिलाफ पानीपत सहित विभिन्न राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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