सटीक समाचार, चंडीगढ़। Haryana Roadways Strike: हरियाणा रोडवेज कर्मियों की प्रस्तावित हड़ताल टल गई है। हरियाणा सरकार और रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों की वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने 5 नवंबर से अपनी दो दिन की हड़ताल के आह्वान को वापस ले लिया।
सरकार के साथ 10 रोडवेज यूनियनों के प्रतिनिधियों की हुई वार्ता
वार्ता में 10 रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हरियाणा कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बताया कि वार्ता में कई मांगों पर सहमति बन गई। आठ मांगों पर चर्चा के लिए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के साथ दोबारा 25 नवंबर को बैठक में बातचीत होगी। रोडवेज यूनियनों ने त्याेहारी सीजन को देखते हुए आम लोगाें के हितों में हड़ताल टालने का निर्णय किया है।
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पिछले महीनें बिजली कर्मचारियों ने भी की थी हड़ताल
बता दें कि बिजली यूनियनों के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 22 अक्टूबर को तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी थी। इससे राज्यभर में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी। बाद में हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया था और हड़ताल समाप्त हो गई। हरियाणा सरकार ने बिजली कंपनियों को पैरेलल लाइसेंस देने का अपना फैसला वापस ले लिया।
रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगें –
- निजी बसों पर रोक: कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि परिवहन विभाग निजी बसों को परमिट न दे। किलोमीटर स्कीम को बंद किया जाए।
- 2016 में भर्ती चालक नियमित हों: कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि 2026 में भर्ती किए चालकों का पक्का यानि नियमित किया जाए। उनकी सवेा अभी तक कच्ची यानि अस्थायी है।
- वेतन में वृद्धि की जाए: रोडवेज कर्मचारियों की मांग है कि ड्राइवरों और कंडक्टरों के वेतनमान में वृद्धि की जाए। उनको क्लर्कों के समान तीन वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए।
- 11 साल का बकाया बोनस मिले: कर्मचारियों यूनियनों की मांग है कि रोडवेज कर्मियों को 11 साल से बाकी दिवाली बोनस का भुगतान किया जाए। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि 2026 से बोनस बकाया है।
- छुट्टियां बहाल हों: यूनियनों की प्रमुख मांगों में अर्जित छुट्टियां बहाल करना भी है। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि रोडवेज कर्मचारियों की पहले की तरह 33 अर्जित छुट्टियां बहाल की जाएं।
- ओवरटाइम का भुगतान हो: यूनियनों की मांग है कि आठ घंटे से अधिक के कार्य के लिए ओवरटाइम का भुगतान किया जाए।
- भत्तों का भुगतान हो : रोडवेज यूनियनों की मांग है कि कर्मचारियों को जोखिम भत्ते, नाइट ड्यूटी भत्ते और वर्दी धुलाई भत्ते का भुगतान किया जाए।
- रोडवेज में रिक्त पदों पर भर्ती हो: कर्मचारी यूनियनों की यह भी मांग है कि ड्राइवर, कंडक्टर और वर्कशॉप कर्मियों के रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की जाए।
- कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाए: यूनियनों की मांग है कि 2008 में भर्ती किए गए कंडक्टरों को पदोन्नति दी जाए। इसके साथा ही हरियाणा रोडवेज में खाली पड़े इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों के पद भरे जाएं।
- बकाए भत्ते और बिल का भुगतान हो: रोडवेज यूनियनों की मांग है कि कर्मचारियों के रुके हुए महंगाई भत्ते (DA), यात्रा भत्ता (TA) और चिकित्सा बिलों का अविलंब भुगतान किया जाए।

