सटीक समाचार, चंडीगढ़। Haryana Cabinet Decisions: हरियाणा कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक नई लैंड पूलिंग नीति 2026 को स्वीकृति दी गई। यह नीति 2022 की लैंड पूलिंग पॉलिसी का स्थान लेगी।
TDR नीति में संशोधन को मंजूरी, ट्रैवल एजेंटों के लिए पंजीकरण करना अनिवार्य
इसके साथ ही बैठक में हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम -2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत अब ट्रैवल एजेंटों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बैठक में हस्तांतरणीय विकास अधिकार देने और उसके इस्तेमाल (TRD) से संबंधित 16 नवंंबर 2021 की नीति में संशोधनों को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में सात एजेंडा आइटम को मंजूरी दी गई।
संंविधान दिवस के मौके पर 26 नवंबर को होगा हरियाणा विधानसभा को विशेष सत्र
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलाें के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। राज्य की ‘लैंड पूलिंस नीति-2026’ को मंंजूरी दी गई। ‘संविधान दिवस’ के मौके पर हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया गया। विधानसभा का विशेष सत्र 26 नवंबर को बुलाया जाएगा।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि कैबिनेट बैठक में ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण अनिवार्य करने, जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के सेवा नियमों में संशोधन और टीआरडी (TRD) नीति में बदलाव करने के निर्णय भी किए गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता युवाओं की सुरक्षा व कल्याण, गौ संंरक्षण और राज्य का सर्वांगीण विकास है।
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नई लैंड पूलिंग नीति-2026
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि नई लैंड पूलिंग नीति-2026 के तहत जमीन मालिकों को हर साल प्रति एकड़ एक लाख रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता के साथ-साथ 50 प्रतिशत विकसित क्षेत्र (डेवलप्ड एरिया) मिलेगा। इसके अलावा, प्रदेश की 629 गोशालाओं को चारे और शेड के निर्माण के लिए 86.95 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
भूमि मालिकों को चार साल तक प्रति वर्ष एक लाख रुपये की अंतरिम सहायता मिलेगी
नई नीति के तहत भू मालिकों को उनकी ओर से दी गई भूमि के बदले चार वर्षों तक हर साल एक लाख रुपये की अंतरिम सहायता मिलेगी। सरकार ने भूमि मालिकों के हितों को प्राथमिकता दी है और विकास परियोजनाओं को पूर्ण करने की अवधि को पांच वर्ष से घटाकर चार वर्ष कर दिया है।
नई नीति के अनुसार, विकास एजंसियों को परियोजनाओं को चार वर्ष के अंदर सभी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करना होगा। तय समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित भू-मालिकों को उनकी जमीन वापस की जाएगी।
भुगतान में देरी होने पर भूमि मालिकों को मिलेगा 9% ब्यााज
नई नीति में प्रावधान है कि जमीन के भुगतान में विलंब होने पर भूमि मालिक को नौ प्रतिशत ब्याज भी मिलेगा। नीति के तहत स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार, परियोजना के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का आधा हिस्सा भू मालिकों और आधा हिस्सा विकास एजेंसी को मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने भूमि मालिकों को आवंटित किए जाने वाले भूखंडों का न्यूनतम एरिया भी तय किया है। इसके अनुसार, ये आवासीय भूखंड कम से कम 100 वर्गमीटर, औद्योगिक प्लाट 250 वर्गमीटर और संस्थागत भूखंड 500 वर्गमीटर के होंगे।
बैठक में किए गए प्रमुख निर्णय-
| संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित होगा। |
| युवाओं को धोखाधड़ी, अवैध विदेशी भर्ती, मानव तस्करी, और डंकी रूट यानि अवैध तरीके से विदेश भेजने को रोकने के लिए हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और विनियमन नियम-2026 को मंजूरी दी गई। अब राज्य में सभी ट्रैवल एजेंटों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। |
| जूनियर लेक्चर असिस्टेंट की भर्ती और पदोन्नति के लिए ‘हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर सर्विस रूल्स-1986’ में संशोधनों को स्वीकृति दी गई। |
| टीडीआर (TDR) नीति में संशोधनों को स्वीकृति दी गई। अब इन प्रमाणपत्रों का उपयोग अन्य कम संभावना वाली विकास योजनाओं में भी किया जा सकेगा। |
| नई लैंड पूलिंग नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत विकसित भूमि का 50% हिस्सा भू-मालिकों और 50% हिस्सा विकास एजेंसी को मिलेगा। जमीन मालिकों को प्रति वर्ष एक लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। |
