सटीक समाचार, पानीपत। Nano Forest: नैनो जंंगललल हरियाणा खासकर पानीपत में पर्यावरण को संजीवनी दे रहे हैं। इसी तरह का 2300 पौधों वाला एक नन्हा वन यानि नैनो जंगल 33 विकसित किया जा रहा है। ‘ग्रीन पानीपत मिशन’ के तहत इन नैनो जंगल में वीरवार को पौधाराेपण किया गया।
राजगनर में नैनो जंगल में हुआ कार्यक्रम
‘नई राह’ संस्था द्वारा पानीपत के राज नगर कच्चा फाटक स्थित ‘नैनो जंगल 33’ में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा एवं संकल्प को समर्पित इस अभियान में पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज और उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
विधायक प्रमोद विज ने पौधों को पानी देने वाली गाड़ी भी उपलब्ध करवाई
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व राजस्थान में भाजपा के प्रभारी संजय भाटिया की पत्नी अंजू भाटिया, वार्ड-17 की पार्षद रजनी सुरेंद्र गर्ग सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति, स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान शहरी विधायक प्रमोद विज द्वारा उपलब्ध करवाई गई पौधों को पानी देने वाली गाड़ी का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संजय भाटिया की पत्नी अंजू भाटिया ने नारियल फोडक़र किया। उन्होंने लोगों से पौधों को केवल लगाने तक सीमित न रहने, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम में विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पेड़-पौधे केवल धरती की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखते हैं। जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की बढ़ती समस्या के बीच शहर के बीचों-बीच ‘नैनो जंगल’ जैसी पहल संजीवनी का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘लाइफ-लाइफस्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ के संदेश को प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। पानीपत को स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करे, तभी पौधारोपण अभियान वास्तव में सार्थक होगा।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती: उपायुक्त
इस अवसर पर जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल, सुरक्षा और उचित पोषण सुनिश्चित कर उसे वृक्ष का रूप देना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है।
जिला उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक पौधा आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रकृति की ओर से एक अनमोल उपहार है और इसकी जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पानीपत को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने घरों, कार्यालयों तथा उपलब्ध खाली स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
नैनो जंगल जैसी पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल: गजेंद्र सलूजा
डॉ. हेमा रमन ने बताया कि नैनो जंगल अथवा मियावाकी पद्धति के माध्यम से कम स्थान में भी घना जंगल विकसित किया जा सकता है। ‘नैनो जंगल 33’ में करीब 2300 पौधे लगाए गए हैं। सांसद प्रतिनिधि गजेन्द्र सलूजा ने कहा कि शहरीकरण और औद्योगीकरण के दौर में हरियाली का दायरा लगातार कम हो रहा है। ऐसे में रिहायशी क्षेत्रों में नैनो जंगल विकसित करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सामूहिक प्रयासों से शहर को अधिक हरा-भरा और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
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कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग भी रहे मौजूद
इस मौके पर डॉ. राज रमन, ग्रीन मिशन संयोजक एडवोकेट संदीप जिंदल, उपाध्यक्ष नवीन भाटिया, पूर्व पार्षद लोकेश नागरू, समाजसेवी अजय शर्मा, मंडल अध्यक्ष सचिन सिंगला, मंडल अध्यक्ष चेतन तनेजा, पूर्व पार्षद जसमेर, मास्टर मुकेश, नितिन अरोड़ा, भारत बांगा, विशाल, सीए जगदीश चनेजा, रंगा, सगु सहित किशनपुरा मंडल की पूरी टीम, स्थानीय निवासी और बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।

