सटीक समाचार, पानीपत। Zonal Youth Festival: पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने 49वें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जोनल युवा महोत्सव में शानदार प्रदर्शन किया। कॉलेज की टीम ने 25 विधाओं रिकमेंडेड/ कमेंडेड स्थान प्राप्त कर ओवरआल रनर-अप ट्राफी पर कब्ज़ा किया। थिएटर की ओवरआल ट्राफी और फाइन आर्ट्स एवं डांस की रनर-अप ट्राफी भी कॉलेज के नाम रही।
एसडी पीजी कॉलेज लगातार 16 बार हासिल कर चुका है रनर अप ट्राफी
कॉलेज यह ट्राफी लगातार 16 बार हासिल कर चुका है जो एक गर्व का पल है। सभी प्रतिभागी जब कॉलेज परिसर पहुंचे तो एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, स्टाफ सदस्यों एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उनका जोरदार तथा भव्य स्वागत किया।
आर्य कॉलेज में आयोजित हुआ था
कॉलेज टीमों की अगुआई डॉ संगीता गुप्ता और डॉ मोनिका खुराना ने की और उनका बखूबी साथ डॉ संतोष कुमारी, प्रो संजय चोपड़ा, डॉ दीपा वर्मा, प्रो ममता रावल, प्रो शिवरानी, प्रो डेनसन डी पॉल, डॉ कविता, प्रो किरण मलिक, प्रो तन्नु मेहता, प्रो सचिन सिंगला, प्रो मीतु सैनी आदि ने दिया। यह युवा महोत्सव 14 से 16 अक्टूबर को पानीपत के आर्य कॉलेज में आयोजित हुआ।

एसडी पीजी कॉलेज गत लगातार बारह वर्षों से जोनल स्तर पर अपनी छाप छोड़ता आ रहा है तथा इस बार भी कॉलेज के प्रतिभागियों का प्रदर्शन उच्चकोटि का रहा। कॉलेज के प्रतिभागियों ने जोनल यूथ फेस्टिवल के दर्शकों पर एक अमिट छाप छोड़ी।
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जोनल युवा महोत्सव कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जाने वाला सर्वाधिक गौरवमयी और लोकप्रिय आयेाजन है। इसी से इंटर जोनल और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतिस्पर्धाओं की टीमों का चयन किया जाता है । जोनल युवा महोत्सव में कम से कम 45 विधाओं में प्रतिस्पर्धा होती है ।
जोनल यूथ फेस्टिवल के परिणाम इस प्रकार रहे:
| प्रतियोगिता | परिणाम |
| संस्कृत नाटक- | रिकमेंडेड |
| सांग- | रिकमेंडेड |
| हरियाणवी नाटक- | रिकमेंडेड |
| रसिया नृत्य- | रिकमेंडेड |
| कोलाज मेकिंग | रिकमेंडेड |
| ग्रुप डांस (जनरल) | कमेंडेड |
| ग्रुप डांस (हरियाणवी) | कमेंडेड |
| हरियाणवी ओर्केस्ट्रा | कमेंडेड |
| वन एक्ट प्ले | कमेंडेड |
| रिचुअलस | कमेंडेड |
| क्लासिकल डांस (एकल) | कमेंडेड |
| ऑन द स्पॉट पेंटिंग | कमेंडेड |
| प्रतियोगिता | परिणाम |
| डिबेट (अंग्रेजी)- विरुद्ध तर्क | कमेंडेड |
| कोरिओग्राफी | कमेंडेड |
| एलोकुशन (हिंदी) | कमेंडेड |
| क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल (एकल) | कमेंडेड |
| माइम | कमेंडेड |
| इंडियन ऑर्केस्ट्रा | कमेंडेड |
| संस्कृत भाषण | कमेंडेड |
| रंगोली | कमेंडेड |
| हरियाणवी नृत्य (एकल) | कमेंडेड |
| कार्टूनिंग | कमेंडेड |
| डिबेट (हिंदी)- समर्थन तर्क | कमेंडेड |
| डिबेट (हिंदी)- विरुद्ध तर्क | कमेंडेड |
रत्नावली समारोह में भी लोहा मनवा चुका है एसडी पीजी कॉलेज
इससे पूर्व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रदेश के सबसे बड़े रत्नावली समारोह और इंटर जोनल फेस्टिवल में भी एसडी पीजी कॉलेज के कलाकार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है। कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्हने सभी टीचर-इंचार्ज जिनकी देखरेख में इन प्रतिभागियों ने मेहनत की तथा उनके प्रयास रंग लाए की भी तारीफ़ की ।
दिनेश गोयल ने कहा- ऐसे आयोजनों से छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है
एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ही छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें कुछ कर गुजरने की ललक पैदा होती है। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमो में भविष्य में भी छात्र-छात्राओं को भेजने का प्रण दोहराया और कहा कि कॉलेज का हर विद्यार्थी प्रतिभावान बने और उसे उचित मंच मिले, ऐसा प्रयास कॉलेज निरंतर करता रहेगा। कॉलेज को इन विजेताओं पर बहुत गर्व है।
डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा- यूथ फेस्टिवल में एकता ओर सामाजिक सररसता दिखती है
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कॉलेज के प्रतिभागियों के जोनल यूथ फेस्टिवल में शानदार सफलता का श्रेय एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी, विशेष तौर पर प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल और समस्त स्टाफ को दिया।
उन्होंने कहा कि जोनल यूथ फेस्टिवल हरियाणा प्रदेश में एकता और सामाजिक समरसता के भावों को आकार प्रदान करता है। छात्रों के जीवन में कला से जुड़ा इससे बड़ा और कोई पड़ाव नहीं है जो उन्हें कॉलेज जीवन में ही मिल रहा है। आज कला के क्षेत्र में कॉलेज ने अपना लोहा मनवाया है । प्रतिभा और आत्मविश्वास से लबरेज ये प्रतिभागी और विजेता छात्र-छात्राए कॉलेज की धरोहर है।
डॉ संगीता गुप्ता ने कहा कि कॉलेज के छात्र और छात्राएं बहुत प्रतिभाशाली है। उन्हें बस निखारने की जरूरत है और इस कार्य में कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य निरंतर विद्यार्थियों के साथ है। इतने कॉलेजों और 2000 कलाकारों में अपनी जगह बनाना अपने आप में एक उपलब्धि है।
उन्होंने इस अवसर को प्रदान करने का सेहरा प्रबंधकारिणी की दूरदर्शिता, प्राचार्य के कभी न थकने वाले एवं निरंतर मार्गदर्शन करने वाले फैसलो एवं विचारो और छात्र-छात्राओं की अथक मेहनत को दिया।

