सटीक समाचार, संगरूर। Punjab Politics : पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज होने के साथ ही नेताओं की बयानबाजी बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी के नेता इस संभावित गठबंधन को लेकर दोनों दलों (BJP-SAD) पर निशाने साध रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भाजपा तीन कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर शिअद से समझौता (Deal) करने की तैयारी में है।
कहा- अकाली दल पंजाब में कुछ भी बेचने को तैयार
बता दें कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का पंजाब में सबसे अधिक विरोध हुआ था और शिरोमणि अकाली दल ने इस कारण भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया था। अब 2027 के पंंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2027) से पहले दोनों पार्टियों के बीच फिर गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं।
संगरूर में अपने ‘लोक मिलनी’ (Meet The People) कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिर भाजपा-शिअद के संभावित गठबंधन को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा तीन कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर शिरोमणि अकाली दल से समझौता करने की तैयारी कर रही है। अकाली दल कुर्सी के लिए ‘पंजाब में कुछ भी बेचने’ को तैयार है।
भगवंत मान का आरोप- वोट के लिए सांप्रदायिक एजेंडा इस्तेमाल कर रही है भाजपा
भगवंत मान आरोप लगाया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए सांप्रदायिक एजेंडा इस्तेमाल कर रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनावों में इसकी जीत अकाली दल के समर्थन से हुई है। इसने दोनों पार्टियों के बीच की मिलीभगत को उजागर कर दिया है। बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत हुई थी। शिअद के छात्र विंग स्टूडेंट (SOI) ने एबीवीपी को समर्थन दिया था। कहा
बोले – प्रस्तावित अकाली – भाजपा गठबंधन महज सियासी फायदे के लिए
उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, पानी और सड़कों के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कामों से पंजाब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। अकालियों ने प्रदेश के हितों के विपरीत विरोधी ताकतों से हाथ मिलाकर हमेशा पंजाब विरोधी रुख अपनाया है। प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन महज सियासी फायदे के लिए है।
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उन्होंंने कहा कि अकाली सत्ता की खातिर भाजपा से हाथ मिलाने को तैयार हैं, इस तथ्य के बावजूद कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की शहादत के लिए जिम्मेदार थी। यह दर्शाता है कि अकाली नेतृत्व के पास कोई विचारधारा नहीं बची है और वह सत्ता के लिए पंजाब के हितों से समझौता करने को तैयार है।
अपनी सरकार के कार्यों का ब्याेरा दिया
कार्यक्रम में उन्होंंने अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्योंका ब्योरा दिया। भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। बिजली, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सुधार लागू किए हैं।पंजाब के लोग कांग्रेस, अकाली और भाजपा को उनकी पंजाब विरोधी नीतियों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें राजनीतिक गुमनामी में धकेल देंगे।
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भगवंत मान बाेले- पारंपरिक सियासी दलों ने पंजाब की जवानी का बहुत नुकसान किया
नशे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियों ने पंजाब की जवानी का बहुत नुकसान किया है और लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार को किसने फैलने दिया। नशे के कारोबार को बढ़ावा देने और संरक्षण देने वालों को सत्ता में वापस आने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
सुखबीर बादल पर भी निशाना साधा
भगवंत मान ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुखबीर पंजाब की जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सियासी ताकत के लिए आपस में लड़ रहे हैं। पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना तथा राज्य के खजाने को लूटना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।


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