सटीक समाचार, मुंबई। T20 Team India: भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन में से कौन टीम इंडिया में होना चाहिए इसपर चारों ओर बहस हो रही है। सोशल मीडिया पर तो इसको लेकर टीका-टिप्पणियों और कयासबाजी की बाढ़ सी आई हुई है। इन सबके बीच टीम इंडिया के मध्यक्रम ( मिडिल ऑर्डर) के टी20 विश्वकप के बाद प्रदर्शन पर किसी का खास ध्यान नहीं है। सबसे अधिक सवाल तिलक वर्मा के प्रदर्शन को लेकर है।
संंजू सैमसन व वैभव सूर्यवंशी दोनों को कर सकते हैं शामिल
क्रिकेट जानकारों का कहना है कि बल्लेबाजी क्रम को अदल-बदल करने से काम नहीं चलने वाला है। दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के बाद भले खूब पीठ थपथपा लें, लेकिन टीम की कमजोर कड़ी बन रहे मध्यक्रम का इलाज जरूरी है। ‘समीकरण’ के बदले सही टीम संयोजन बनाया जाना चाहिए। खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे ऊपर होना चाहिए। ऐसे में संजू सैमसन काे मध्यक्रम में उतार कर वैभव और अभिषेक शर्मा की जोड़ी को ओपनिंग में उतारा जा सकता है। संजू आइपीएल में भी मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर चुके हैं।
भारतीय पिचों पर जीत से गद् गद् , बाहर बुरा हाल
भारतीय पिचों पर तो टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहता है, वह भी पहले तीन बल्लेबाजों की बदौलत। यहां भी मिडिल आर्डर कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव का विपरीत असर ही दिखा है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की बात छोड़ भी दें, तो अफगानिस्तान के साथ सीरीज में भी मिडिल ऑर्डर एक्सपोज हुआ।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे मैच में भी मध्यक्रम के प्रदर्शन पर सवाल
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया को शानदार 3-0 की जीत मिली, लेकिन उसमें ओपनर बल्लेबाजों और गेंदबाजों का ही योगदान नजर आया। तीनों मैचों में प्रारंभिक बल्लेबाजों ने शानदार आगाज दिया। पहले दो टी20 मैच में तो मिडिल आर्डर की कोई जरूरत नहीं पड़ी और टीम इंडिया को पहले तीन बल्लेबाजों ने आसान जीत दिला दी। दोनों मैच में टीम इंडिया को सात-सात विकेट से जीत मिली।
विस्फोटक शुरूआत, ठंडा अंत
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में अभिषेक शर्मा की रिकार्डतोड़ विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने पहले पॉवर प्ले (6 ओवर) में 100 रन बना दिये। इसके बाद 10वें ओवर में अभिषेक के आउट होने के बाद टीम अगले 10.1 ओवर में 79 रन ही बना सकी। बल्लेबाजी क्रम में किए गए बदलाव भी असर छोड़ने में सफल नहीं हुए। ईशान किशन नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन उनकी जगह तिलक वर्मा को उतारा गया। वह फ्लाॅप रहे और पांच गेंद खेलकर तीन रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर बैंटिंग के लिए आए और 20 गेंदें खेलकर 29 रन बनाए। इसके बाद भी प्रयोग जारी रहा और पांंचवें नंबर पर शिवम दूबे को बल्लेबाजी करने भेजा गया। वह 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए। इसे बाद छठे नंबर पर आए ईशान किशन भी सस्ते में निपट गए।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि बल्लेबाजी क्रम में इस तरह का उलटफेर बल्लेबाजों की मानसिक तैयारी का प्रभावित करता है। इससे बैटिंग क्रम में एक अनिश्चतता का माहौल दिखता है। कई पूर्व क्रिकेटर भी पहले से इस ‘रणनीति’ पर सवाल उठाते रहे हैंं।
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे में कैसा रहा मध्यक्रम का प्रदर्शन
आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया ने 26 जून को पहला टी20 मैच खेला था। आयरलैंड की टीम ने 20 ओवरों में नौ विकेट खोकर 182 रन बनाए। इसके जवाब में टीम इंडिया पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई।
ओपनर अभिषेक शर्मा ने 49 रन (20 गेंद) बनाए, लेकिन मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। श्रेयस अय्यर का कप्तान के रूप में यह पहला मैच था। मध्यक्रम में श्रेयस ने 3 रन (7 गेंद), तिलक वर्मा 19 रन (21 गेंद), वाशिंगटन सुंदर 9 रन (27 गेंद), शिवम दुबे 25 रन (14 गेंद) और अक्षर पटेल 15 रन (16 गेंद)।
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यही हाल दूसरे टी20 मैच में भी रहा। आयरलैंड के आठ विकेट पर 154 रनों के जवाब में टीम इंडिया 20 ओवरों में नौ विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। इस मैच में तिलक वर्मा को छोड़कर उच्च और मध्यक्रम के सभी बल्लेबाज फ्लॉप रहे। तिलक ने भी धीमी पारी खेली और 46 गेंदों पर 55 रन बनाए। दाेनों ओपनर अभिषेक शर्मा और संंजू सैमसन 0 रन बनाकर आउट हुए। श्रेयस अय्यर 10 रन (7 गेंद) बनाए।
इंग्लैंड दौरा
इंग्लैंड दौरे में भारतीय टीम को टी20 सीरीज में 4-0 से करारी शिकस्त मिली थी। एक मैच बारिश के कारण एक पारी के बाद रद्द हो गया था। इस सीरीज में भी मध्यक्रम के बल्लेबाज नहीं चले थे। पहले मैच में ओपनर अभिषेक शर्मा का बल्ला चला था और उन्होंंने 24 गेंद पर 59 रन, श्रेयस अय्यर ने 68 रन (47 रन) बनाए थे। तिलक वर्मा ने यहां भी बेहद धीमी बल्लेबाजी की और सात गेंदों पर सात रन बनाए।
- इस सीरीज में मध्यक्रम के बल्लेबाजों में श्रेयस अय्यर ने 68 रन (47 गेंद), 37 रन (22 गेंद), 5 रन (4 गेंद) बनाए।
- तिलक वर्मा के स्काेर रहे – 13 रन (13 गेंद), 24 रन नाबाद (11 गेंद), 3 रन (11 गेंद) और 11 रन (8 गेंद) ।
- शिवम दूबे -42 रन नाबाद (21 गेंद – यह मैच बाद में रद्द हो गया था), 5 दन, 2 रन , 22 रन और 14 रन। कुल 102 रन बनाए।
मध्यक्रम को मजबूत करने की जरूरत, टीम संयोजन में हो सही बदलाव
क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि वैभव या सैमसन में से कौन के शोर में मध्यक्रम के बल्लेबाजों खासकर तिलक वर्मा के प्रदर्शन को ढकने का काम ही हो रहा है। वह टीम के उपकप्तान हैं, लेकिन बल्लेबाजी में उनके प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया में उनकी जगह को लेकर सवालिया निशान लग रहा है। उन्हें अलग-अलग पोजिशन पर आजमा कर टीम प्रबंधन खासकर कोच गौतम गंभीर भरपूर अवसर दे रहे हैं।
टीम संयोजन में बेवजह के बदलाव की जगह सार्थक परिवर्तन किए जाने की जरूरत है। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया है। ऐसे में वैभव और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी के साथ संंजू सैमसन को नंबर तीन या पांच पर उतारा जा सकता है। इसके बाद ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, शिवम दूबे और अक्षर पटेल का नंबर हो सकता है।

