सटीक समाचार, नई दिल्ली। New H1B Visa Rules: अमेरिका में H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे विदेशियों खासकर भारतीयों की मुश्किल बढ़ सकती है। अमेरिका प्रशासन ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है कि वहां काम कर रहे विदेशियों को नौकरी छूटने के तत्काल बाद अमेेरका से जाना होगा। उनको अब नौकरी छूटने के बाद 60 दिनों की मोहलत नहीं मिलेगी। अब तक मिलने वाली यह मोहलत खत्म करने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव के पारित हो जाने पर अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों और अन्य देशों के लोगों को तुरंत वहां से अन्यत्र जाना होगा।
नया प्रस्ताव व्हाइट हाऊस की ऑफिस ऑफ मैनेजमेट एंड बजट को भेजा गया
इस प्रस्ताव को अभी व्हाइट हाऊस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट के पास भेजा गया है। वहां से क्लियर होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। बता दें कि डाेनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से विदेशी लोगों विशेष कर भारतीयों के खिलाफ सरकार एक के बाद एक कदम डठा रही है, हालांकि वहां की अदालत में H-1B वीजा की फीस बढ़ाने सहित कुछ मुद्दों पर ट्रंंप सरकार को झटका भी लगा है।
नया प्रस्ताव पास हुआ तो यूएस में रह रहे पांच भारतीयों पर पड़ेगा असर
यदि ट्रंंप सरकार का नया प्रस्ताव पास हो गया और कानून बन गया तो अमेरिका में H-1B वीजा पर रह रहे पांच लाख भारतीयों पर असर पड़ेगा। बता दें कि अमेरिकी सरकार कहती रही है कि काफी संख्या में विदेशियों के यहां आने से समस्याएं पैदा हो रही है और सरकार देश में विदेशी आव्रजन रोकने या कम करने की नीति से पीछे नहीं हटेगी।
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अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रोफेशनल्स और भारतीयाें की बढ़ती मुश्किलों का मुद्दा वहां की सरकार के समक्ष कुछ माह पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उठाया था। एस. जयशंकर ने यूएस विदेशमंत्री मार्को रूबियो के समक्ष यह मामला उठाया था। रूबियो का कहना था कि ट्रंंप सरकार आव्रजन सिस्टम (एमिग्रेशन सिस्टम) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कदम उठा रही है। अमेरिकी एमिग्रेशन पॉलिसी (US Immigration Policy) में बदलाव के दौरान कुछ समस्याएं हो सकती हैं और कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।
रूबियो का कहना है कि एमिग्रेशन सिस्टम में परिवर्तन से लंबे समय में सभी पक्षों को इसका फायदा मिलेगा। रूबियो के अनुसार, अमेरिका अवैध प्रवासियाें की समस्या से काफी लंबे समय से जूझ रहा है और देश में दो करोड़ से अवैध प्रवासी हैं।
भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने का भी मौका
दूसरी ओर, अमेरिका में H-1B वीजा पर सात साल या उससे अधिक समय से रहने वाले भारतीयों को एक खुशखबरी भी मिल सकती है। सात साल से अधिक समय रह रहे भारतीयों को ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। अमेरिका के सीनेट में इस तरह का एक बिल पेश किया गया है। इसमें अमेरिका में लगातार सात साल से अधिक एच-1बी वीजा पर रहनेवाले विदेशियों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है।
क्या है ग्रीन कार्ड
ग्रीन कार्ड धारक अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकता है और काम कर सकता है। ग्रीन कार्ड अमेरिका में अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और वहां काम करने के लिए आधिकारिक डाक्यूमेंट है। इस कार्ड के धारक को अमेरिका का परमानेंट रजिडेंट भी कहा जाता है। ग्रीन कार्ड होल्डर अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।


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