सटीक समाचार, कुरुक्षेत्र। Haryana Politics: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य में सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं । उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य (Unsafe State) बन गया है। राज्य में सरेआम लूट, डकैती, फिरौती, हत्या, फायरिंग रूटिन बन गई है।
दादरी की वारदात से पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल
उन्होंंने कहा कि दादरी में हुई वारदात ने पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। थाने के सामने बदमाशों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, इससे साफ है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं बचा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह यहां कांग्रेस विधायक रामकरण काला द्वारा आयोजित सामाजिक भंडारा प्रोग्राम में पहुंचे थे।
केंद्र के सामाजिक सूचकांक में हरियाणा सबस असुरक्ष्ति राज्य
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि खुद केंद्र सरकार के समाजिक प्रगति सूचकांक ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया है। स्थिति यह है कि आज हर नागरिक अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है और इसके लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार जिम्मेदार है।
कहा- कांग्रेस के समय बनाई खेल नीति की सराहना होती है
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा कांग्रेस की खेल नीति पर की गई टिप्पणी का जवाब भी दिया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान लागू खेल नीति की आज भी पूरे देश और पूरी दुनिया में सराहना होती है। यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में पहली बार ने किया गया था कि खेलों में पदक जीतने वाले 17 खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी नियुक्त किया गया। इनमें योगेश्वर दत्त, जोगिंदर शर्मा, ममता सौदा, विजेंद्र सिंह समेत तमाम जाति वर्गों व क्षेत्रों के खिलाड़ी शामिल थे।
उन्होंंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने स्वर्ण पदक पदक विजेता खिलाड़ियों को देश में सबसे ज्यादा पांंच करोड़ तक के नकद ईनाम देने की नीति बनाई। इसके साथ ही स्कूली स्तर से खिलाड़ियों को तराशने के लिए 20 लाख बच्चों के लिए स्पैट गेम्स प्रतियोगिता शुरू की। छोटे बच्चों के लिए स्कूल और अकेडमी के स्तर पर डाइट भत्ता देना शुरू किया। इन सबका नतीजा ये रहा कि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को जो कुल 38 गोल्ड मेडल मिले, उनमें से 22 अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते।
कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों उच्च पदों पर नौकरी दी जाए
उन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों 2026 (CWC 2026) में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान जो खेल नीति लागू की गई, जिस तरह खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया और स्पोर्ट्स अकैडमी खोलीं गईं, उसके नतीजे बरसों बाद भी देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने कांग्रेस की बनाई खेल नीति में फेरबदल करके खिलाड़ियों को उनके इनाम, सम्मान और पदों से वंचित किया है। बहुत सारे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते, लेकिन उन्हें उच्च पदों पर नियुक्ति नहीं मिली। इतना ही नहीं, जिन खिलाड़ियों को कांग्रेस ने डीएसपी नियुक्त किया, उन्हें इस सरकार ने प्रमोशन तक नहीं दी।
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में जीतने वाले तमाम खिलाड़ियों को तुरंत डीएसपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्ति मिलनी चाहिए। पूरी दुनिया में देश का नाम रौशन करने वाले हमारे होनहार खिलाड़ियों के मान-सम्मान में किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।
प्रधान का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष की जीत
हुड्डा ने केंदीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं-छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंन कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शुरुआत में ही नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दे देते तो मासूम छात्रों को न लाठीचार्ज का सामना करने पड़ता और न ही इतना संघर्ष करना पड़ता।
उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। हुड्डा ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम मंदिर के लिए देश विदेश के करोड़ों भक्तों द्वारा दिए गए दान में हुई बड़ी गड़बड़ी और घोटाले के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। यह मामला भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले जन-जन को परेशान करने वाला है।

