Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई, गोली चलाने वाला STF जवान गिरफ्तार, फरार था

बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामने में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है और एक एसटीएफ जवान को गिरफ्तार किया है। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)
बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामने में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है और एक एसटीएफ जवान को गिरफ्तार किया है। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)

सटीक समाचार, पटना। बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Tiwari Encounter case) में बड़ी कार्रवाई हुई है। भोजपुर के बिटौली गांव में हुए इस कथित एनकराउंटर मामले में भरत पर पहली गोली चलाने वाले एसटीएफ (STF) के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे घटना के बाद ही निलंबित कर दिया गया था और वह उसके बाद से फरार था।

सरेंडर के बाद भरत भूषण तिवारी को गोली मारने का आरोप

आरोप है कि भरत भूषण तिवारी द्वारा आत्‍मसमर्पण के बाद उसे गोलियां मारी गई थीं और इस कारण उसकी मौत हो गई थी। उसे पकड़ने के बाद गोलियां मारने का आरोप है। भरत पर पहली गोली अक्षय कुमार ने मारी थी। मामले में हंगामा होने के बाद कार्रवाई की गई थी और कई अधिकार‍ियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कुछ को निलंबित भी किया गया था। पूरे मामले की जांंच की जा रही है।

यह समाचार भी पढ़ि‍ये: Government Jobs In Bihar: सावन में बिहार में आई सरकारी नौकरियों की बहार, होंगी हजाराें पदों पर भर्ती, इन विभागों में नियुक्ति

निलंबन के बाद से गैरहाजिर था एसटीएफ जवान अक्षय कुमार

बताया जाता है कि अक्षय कुमार जांच में निलंबित होने के बाद से गैरहाजिर था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। उसे बृहस्‍पततिवार देर रात तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की सहायता से पकड़ा गया। बता दें कि भरत भूषण तिवारी की मां और परिवार के अन्‍य सदस्‍यों ने पिछले दिनों मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद इस मामले की जांच में तेजी आई है।

भरत के भाई ने कहा था कि अक्षय कुमार को पहली गोली चलाते देखा था

बताया जा रहा है कि अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पटना एसटीएफ के सहयोग से की गई। अक्षय कुमार एसटरएफ की एसओजी टीम में तैनात था। भरत भूषण तिवारी के भाई ने कहा था कि उन्‍होंने अक्षय कुमार को भरत को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद पहली गोली चलाते देखा था।

यह समाचार भी पढ़ि‍ये : Bihar Cabinet Meeting: बिहार कैबिनेट मीटिंग में नई खेल नीति सहित 24 प्रस्‍ताव पास, आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी 22800 पदों पर भर्ती

भरत भूषण तिवारी की मां के बयान पर दर्ज हुआ था मामला

बतादें कि इस मामले में भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के बयान पर 22 जून को शाहपुर थाना में एफआइआर दर्ज की गई थी। जगदीशपुर के तत्‍कालीन एसडीपीओ राजेया कुमार, शाहपुर थाना के तत्‍कालीन थानाध्‍यक्ष राजेश मलाकार सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया था। पुलिस ने इन पुलिसकर्मियाें के खिलाफ हत्‍या, आर्म्‍स एक्‍ट तथा बीएनएस (BNS) की विभिन्‍न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

आरोप है कि सरेंडर करने के बाद गिरफ्त में लेकर मारी गई गोलियां

आशा देवी ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनके बेटे भरत भूषण ने अपनी पिस्‍टल पुलिस की ओर फेंक कर आत्‍मसमर्पण कर दिया था। उसने खुद को सौंप दिया था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिए जाने के बाद उसे एक के एक तीन गोलियां मार दी गईंं।इसके बाद पुलिस उसे अपनी गाड़ी में डालकर ले गए। थोड़ी दूर जाने के बाद ही उसे दो और गोलियां चलाने की आवाज आई।

बता दें कि पुलिस का कहना था कि सरेंडर करने के बाद भरत ने फिर गोली चलाने की कोशिश की तो उस पर गोलियां चलाई गईं। भरत के पैैर में तीन गोलियां लगी थीं, हालांकि पुलिस के दावे के विपरीत पोस्‍टमार्टम रिपोट में भरत भूषण तिवारी को पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई। अस्‍पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *