New Bill On Paper Leak: पेपर लीक पर आएगा नया कानून, संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, 10 करोड़ जुर्माना और 10 साल जेल

ध्‍
Published: 24 Jul, 2026 at 08:25 PM

सटीक समाचार, नई दिल्‍ली। नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के विरोध में युवाओं के आंदोलन के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कानून को कड़ा करने के लिए कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक पर नए संशोधन विधेयक (New Bill On Paper Leak) के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। अब इसे 27 जुलाई को संं सद में पेश किए जाने की संभावना है।

कैबिनेट की बैठक में मसौदे को मंजूरी, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

मोदी कैबिनेट की शुक्रवार को बैठक हुई। बताया जाता है कि इसमें पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन और विरोध से पैदा स्थिति पर चर्चा हुई। इसमें पेपर लीक के खिलाफ कानून को सख्‍त करने पर सहमति बनी। बैठक में पब्लिक एग्‍जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्‍स) एक्‍ट, 2024 को और कड़ा बनाने के प्रस्‍ताव पर चर्चा की गई। कैबिनेट ने इस प्रस्‍ताव के मौसदे को मंजूरी दे दी। वैसे इसकी आधिकारिक पुष्अि नहीं हुई है।

ये होंगे नए संशोधन और प्रावधान

बताया जाता है कि इस संशोधन विधेयक में पेपर लीक के दोषी को 10 साल की कैद और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्‍ट ट्रै्क कोर्ट में होगी और तीन महीने के अंदर फैसला सुनाया जाएगा। इस संशोधन विधेयक काे सोमवार 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। इस संशोधन बिल में पेपर लीक पर कड़े दंडात्‍मक प्रावधान किए गए हैं।

बता दें कि बृहस्‍पतिवार की रात सोशल मीडिया पोस्‍ट के माध्‍यम से दिए संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने कानून में संंशोधन की बात कही थी। उन्‍होंने बृहस्‍पतिवार देर रात 12 बजे एक्‍स पर वीडियो पोस्‍ट कर युवाओं को संदेश दिया था। करीब 2.56 मिनट के इस वीडियो में पीएम मोदी ने कहा, पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनक माता-पिता व अभिभावकों के लिए पीड़ादायक होता है। इसलिए, पेपर लीक को रोकने के लिए ढ़ाई-तीन महीने में कई कदम उठाए गए हैं।

CJP Protest : काॅकरोच जनता पार्टी और सरकार के बातचीत में दो मांगों पर बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे पर समय मांगा, कल फिर होगी बैठक

अपने संदेश में उन्‍होंने कहा था कि संशोधन विधेयक का मासौदा तैयार कर उसे 27 जुलाई को सदन में पेश किया जाएगा। इसे संसद में जल्‍द से जल्‍द पास कराने की कोशिश की जाएगी। पेपर लीक से जुड़े मामले फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में चलेंगे और उनके लिए अनिवार्य होगा वे मामलों को जल्‍द निपटारा करें और तीन महीने के अंदर सजा सुनाएंं।

4 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *