सटीक समाचार, नई दिल्ली। Sugar Price: केंद्र सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमत को नियंत्रित करने और इसे कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार के इस कदम से त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतें घटने की उम्मीद है। सरकार ने डीलरों के लिए चीनी का स्टॉक रखने के लिए लिमिट तय कर दी है।
चीनी के डीलर और व्यापारी 2000 क्विंटल से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे
केंद्र सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय ने इस कदम की घोषणा की है। 15 सितंबर से चीनी के डीलर और व्यापारी 2000 क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह आदेश इस साल 30 नंवबर तक लागू रहेगा। इसके साथ ही डीलरों के लिए चीनी का स्टॉक मिलने के बाद उसके भंडारण की अवधि भी तय की गई है।
मिले हुए स्टॉक का भंडारण 30 दिन से अधिक भंडारण नहीं किया जा सकता
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि डीलर और व्यापारी चीनी का स्टॉक मिलने के बाद उसे 30 दिन से अधिक दिन तक उसका भंडारण नहीं कर सकेंगे। वे किसी एक समय में एक स्थान पर दो हजार क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक नहीं रख सकेंगे। वैसे, कोलकाता में यह लिमिट 4000 क्विंटल रहेगी। कोलकाता को यह छूट इसलिए दी गई है कि यहां उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आती है। कोलकाता से पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर के राज्यों में चीनी की सप्लाई की जाती है।
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देश में विभिन्न शहरों में चीनी की कीमत (प्रति किलोग्राम) –
- दिल्ली – 60 से 61 रुपये।
- मुंबई – 65-66 रुपये।
- चेन्नई – 61- 66 रुपये।
- पटना – 65 – 68 रुपये।
- लखनऊ – 65 से 68 रुपये।
- अहमदाबाद- 65 से 67 रुपये।
सुपर मार्केट्स में चीनी की खरीद की लिमिट भी तय की गई थी
बता दें कि चीनी की कीमतों में उछाल आने के बाद इससे नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पिछले दिनों सुपर मार्केट्स में चीनी की खुदरा खरीद की लिमिट तय की गई है। ब्लिंकिट, डीमार्ट (DMart) और रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) आदि में दो से पांच किलोग्राम की लिमिट तय कर दी गई।
चीनी की स्टॉक लिमिट तय करने से लोगों को क्या होगा फायदा
- चीनी की स्टाॅक लिमिट करने से इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाने में आसानी होगी। लिमिट तय नहीं होने से व्यापारी अधिक मात्रा में चीनी का स्टॉक जमा कर लेते हैं। इससे चीनी की जमाखोरी बढ़ती है।
- जमाखोरी के कारण चीनी की कीमतों में उछाल आता है और इसकी कालाबाजारी भी होती है। इससे लोगों को काफी महंगी दरों पर चीनी खरीदनी पड़ती है।
- स्टॉक लिमिट किए जाने से बाजार मेंचीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और इससे इसकी कीमत पर लगाम लगेगी। दाम कम होने का सीधा लाभ आम लोगाें को मिलेगा।
- इसका लाभ त्योाहारी सीजन में भी होगा और उस दौरान चीनी की कीमतों को काबू में रखना संभव हो सकेगा।


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