सटीक समाचार, चंडीगढ़। Punjab Villages: पंजाब सरकार ने राज्य में गांंवों के विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले 3763 गांवों के विकास के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यापक परियोजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसकी घोषणा की।
भगवंत मान ने कहा, हर गांव तरक्की के लिए बराबर अवसर के हकदार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस पहल से सामाजिक न्याय और इन गांवों के सर्वांगीण विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हर गांव तरक्की के लिए बराबर अवसर का हकदार है, इसलिए विकास उन वर्गों और क्षेत्रों तक भी पहुंचना चाहिए जो दशकों तक इससे पिछड़े रहे हैं।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग नोडल विभाग होगा
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग नोडल विभाग के रूप में काम करेगा। इसके साथ ही ग्रामीण विकास और बागवानी विभाग आवश्यक सहयोग देंगे। डिप्टी कमिश्नर हर गांव की विशेष आवश्यकताओं की पहचान करके प्राथमिकता अनुसार काम करवाना सुनिश्चित करेंगे ताकि लोगों के पैसे का उपयोग सही ढंग से पहले वहां हो सके जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
हर गांव के लिए 20 लाख रुपये जारी किए गए
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव को शुरू में बिना किसी शर्त के 20 लाख रुपये का फंड जारी किया जाएगा और फंडों के सही उपयोग तथा अतिरिक्त आवश्यकताओं के मूल्यांकन के बाद इस राशि में वृद्धि की जा सकेगी। प्रत्येक गांव के लिए विशेष गांव विकास योजना (वीडीपी) तैयार की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पैसा खर्च करना नहीं है बल्कि गांवों का कायाकल्प करना और हर नागरिक के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। राज्य सरकार ने पंजाब के विकास के लिए विशाल अभियान शुरू किया है और इस विकास यात्रा में कोई भी गांव पीछे नहीं रहना चाहिए।
इस फंड का इस्तेमाल बुनियादी कार्यों के लिए होगा
उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं जैसे आरओ सिस्टम, स्कूल में नए कमरे, लाइब्रेरी, एंबुलेंस, मोहल्ला क्लिनिक, सोलर स्ट्रीट लाइट और स्थानीय स्तर पर आवश्यक अन्य बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने इन फंडों के प्रभावी और सुचारू उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही व्यापक रूपरेखा तैयार कर ली है। हम लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं और इन प्रयासों के हिस्से के रूप में रोजगार पैदा करने के लिए योग्य व्यक्तियों को 50,000 रुपये की ग्रांट-इन-एड प्रदान की जाएगी। यह लाभार्थियों को आमदनी पैदा करने वाली गतिविधियां स्थापित करने या उसके विस्तार और उन्हें आत्म-निर्भर बनने के योग्य बनाएगी।
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उन्होंने कहा कि पंजाब तभी तरक्की करेगा, जब इसका हर गांव तरक्की करेगा, हर समुदाय को बराबर के अवसर मिलेंगे और हर नौजवान पिछड़ेपन के किसी बोझ बिना अपने सपने पूरे कर सकेगा। हमारी सरकार जमीनी स्तर पर सामूहिक विकास को सुनिश्चित करने और इन गांवों के विकास को बड़ा प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

