Punjab New Update: कृषि और उद्योग के विकास संग युवाओं को कैसे मिले रोजगार, भगवंत मान ने CII टीम संग किया विचार

पंजाब के सीएम भगंवत सिंह मान ने सीआइआइ टीम के साथ्‍र बैठक की। (फोटो - सोजन्‍य पंजाब डीपीआरओ)
पंजाब के सीएम भगंवत सिंह मान ने सीआइआइ टीम के साथ्‍र बैठक की। (फोटो - सोजन्‍य पंजाब डीपीआरओ)
Last Updated: 10 Sep, 2026 at 09:20 AM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, चंडीगढ़। Punjab New Update: पंजाब में कृषि क्षेत्र और उद्योगों के विकास को नई ऊंचाइयों को ले जाने व युवाओं के अधिक से अधिक रोजगार देने के बारे में कन्‍फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्‍ट्री (CII) की टीम के साथ बैठक की। उन्‍होंने फसलों अवशेष के स्‍थायी प्रबंधन के लिए साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।

सीएम भगवंत मान से सीआइआइ टीम के साथ की बैठक, फसली अवशेषों के स्‍थायी प्रबंधन पर जोर

भगवंत मान ने सीआइआइ (CII) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्‍होंने फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने, ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के माध्यम से बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को युवाओं को कुशल बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

कहा- संसाधनों का विवेक पूर्ण इस्‍तेमाल हो

भगवंत मान ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सीआआाइ टीम के साथ मालवा क्षेत्र, विशेषकर संगरूर और बरनाला में शुरू की गई पहलों पर चर्चा की। उन्‍होंने लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तथा जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला से युक्त सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल्स स्थापित करने सहित नई कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी आधारित पहलों पर भी विचार-विमर्श किया।

भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘आज चंडीगढ़ में मेरी सीआअआइ के उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के दौरान हमने पंजाब में औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के संबंध में व्यापक चर्चा की।’

पर्यावरण प्रदूषण रोकने को सीआअआइ मिलकर कार्य करें

सीआइआइ प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब सरकार और सीआइआइ का मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। हमारा ध्यान स्थिरता, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने मालवा क्षेत्र, विशेष रूप से संगरूर और बरनाला, जहां धान की परमल किस्म की खेती होती है, के साथ-साथ पंजाब के अन्य हिस्सों में भी फसली अवशेषों के निपटारे के प्रयासों को तेज करने का आह्वान किया।

कहा- फसली अवशेषों स्थायी प्रबंधन पर ध्‍यान दिया जाए

उन्होंने कहा, ‘पंजाब फसली अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ और प्रौद्योगिकी आधारित समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि किसानों को व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाए जा सकें तथा प्रदेश स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सके।’

मुख्यमंत्री ने सीआइआइ एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान ‘वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर’ के भारत दौरे को सुचारू बनाने के लिए सी.आई.आई. को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि कृषि और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से पंजाब को ऐसे दौरों से बहुत लाभ मिलेगा।

भगवंत मान ने कहा कि कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने, लागत कम करने और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए आधुनिक एवं सुनियोजित बुनियादी ढांचा बेहद आवश्यक है। पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमएसटीआइ) स्थापित करने के लिए सीआइआइ. को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थानीय उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पंजाब में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देना पंजाब के आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।”

बैठक के दौरान कृषि, फसली अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार-उद्योग सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

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