सटीक समाचार, नई दिल्ली। New Education Minister: नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) पर आंदोलन के कारण धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिररिक्त प्रभार दिया गया है। प्रधान का इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। प्रह्लाद जोशी के पास उपभोक्ता मामले व खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का प्रभार है। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा, युवाओं ने चेतावनी दी है कि नए शिक्षामंत्री ने समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे जंतर मंतर पर फिर लौटेंगे।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच शनिवार को दोपहर बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शनिवार शाम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की अधिसूचना जारी की गई।
प्रह्लाद जोशी ने कहा- पूरी क्षमता और निष्ठा से दायित्व निभाऊंगा
शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं कर्तव्य और विनम्रता के भाव से यह दायित्व स्वीकार कर रहा हूंं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पिछले 12 वर्ष में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। पिछले चार-पांंच वर्ष में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया और कई महत्वपूर्ण पहल कीं। देश ने नई शिक्षा नीति में उल्लेखनीय प्रगति की है। मैं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूरी क्षमता और निष्ठा से जिम्मेदारी निभाऊंगा।
युवाओं का देर रात तक जंतर मंतर से लौटने का क्रम रहा जारी
कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर के साथ देशभर में आंदोलन चल रहा था। युवाओं की धर्मेंंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित तीन प्रमुख मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद सीजेपी (CJP) ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद जंतर मंतर पर धरना दे रहे युवा लौट गए। देर रात तक उनके लौटने का क्रम जारी था।
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जानें प्रह्लाद जोशी के बारे में –
- प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ से सांसद हैं। उन्होंने यहां से 2004 में पहली बार सांसद चुने गए थे।
- उनका जन्म कर्नाटक के विजयपुरा में 27 नवंबर 1962 में हुआ था।
- उन्होंंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी के केएस आर्ट्स कालेज से बीए (बैचलर ऑफ आर्ट्स) की डिग्री प्राप्त की थी।
- प्रह्लाद जोशी 2014 से 2016 तक कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष भी रहे।
- जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।
- प्रह्लाद जोशी 1992 से 1994 के बीच कर्नाटक के हुबली के ईदगाह मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आंदोलन से चर्चा में आए थेे।
- वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में 30 मई 2029 में पहली बार कैबिनेट मंत्री बने थे। उस समय उनको संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय का प्रभार मिला था।
- उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में जून 2024 में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री बनाया गया। उनको नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा गया।
- अब 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी उनको सौंपा गया है।
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘ युवाओं ने चेतावनी दी है कि जो भी नया शिक्षामंत्री बने, अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे जंतर मंतर फिर वापस आएंगे। सरकार से जवाबदेही की मांग करेंगे’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह तो बस एक ट्रैलर है। असली फिल्म तो अभी आनी बाकी है। युवा ही देश की सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।
युवा अब जाग चुका है: आशुतोष रांका
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि देश के युवा जाग गए हैं। युवाओं ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने सही बात के लिए लड़ाई लड़ी है। आखिरकार, हमारी मांगें मान ली गई हैं। हम उन सभी परिवारों के बारे में सोचते हैं जिन्होंने नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के कारण अपने बच्चों को खोया।
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