सटीक समाचार, नई दिल्ली। New Update on Plastic Currency: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitha raman) ने पॉलीमर (Polymer ) यानि प्लास्टिक नोट (Plastic Note) को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा है कि देश में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट के फील्ड ट्रायल की सरकार ने अधिकारिक रूप से स्वीकृति दे दी है।
निर्मला सीतारमण ने कहा- ट्रायल सफल रहे तो नियमित तौर पर जारी होंगे प्लास्टिक नोट
राज्यसभा में मंगलवार को एक प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय वित्तमंत्री सीतारमण ने बताया कि देश में 10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ प्लास्टिक नोट छपेंगे और इनकाे फील्ड ट्रायल के लिए जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रायल सफल रहा तो पॉलीमर यानि प्लास्टिक के नोट नियमित तौर पर बाजार में जारी किए जाएंगे।
उन्होंंने बताया कि सरकार ने देश में प्लास्टिक नोट के ट्रायल को मंजूरी दे दी है और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस दिशा में तैयारी कर रहा है। आरबीआइ (RBI) पॉलीमर के नोट कागज वाली करेंसी के साथ जारी करेगा। उन्होंने कहा कि पॉलीमर के नोट जल्दी खराब नहीं होते हैं और 30 साल तक चलेंगे।
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प्लास्टिक या पॉलीमर नोट के बारे में यहां जानें –
पॉलीमर या प्लास्टिक के नोट क्या होते हैं और ये किस मेटेरियल से तैयार होते हैं?
- पॉलीमर या प्लास्टिक के नोट को पॉलीमर सबस्ट्रेट यानि एक विशेष प्रकार की प्लास्टिक मेटेरियल पर छापा जाता है। यह विशेष प्रकार की पॉलीप्रोपीलीन (BOPP) नामक प्लास्टिक फिल्म होती है। इस फिल्म को पॉलीमर कहते हैं।
कागज की नोट की जगह प्लास्टिक की करेंसी लाने का क्या फायदा होगा ?
- कागज के नोट की अपेक्षा पॉलीमर के नोट अधिक मजबूत और टिकाऊ होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नोट कम से कम 30 साल तक चलेंगे। कागज के नोट की अपेक्षा ये ढ़ाई से चार गुना ज्यादा चलेंगे। ये नोट आसानी से कटेंगे-फटेंगे नहीं। इसके साथ ही नमी से भी खराब नहीं होंगे। ये गंदे होने पर आसानी से साफ हो सकेंगे, जबकि कागज के नोट गंदे होने पर साफ नहीं हो पाते हैं।
प्लास्टिक के नोटों के फीचर क्या होंगे और कागज के नोट से कैसे अलग होंगे ?
- प्लास्टिक के नोट में पारदर्शी विंडो, होलोग्राम और सुरक्षा फीचर्स सरलता से शामिल किए जा सकेंगे। इससे नकली नोट बनाने की संभावना बेहद कम या नामुमकिन हाेगी।
- प्लास्टिक नोट का लेन-देन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहतर होंंंगे, क्योंकि इसमें बैक्टेरिया आदि नहीं चिपक सकेंगे। इन नाेटों को आसानी से साफ कर बैक्टेरिया आदि काे हटाया जा सकता है। कागज के नोट में बैक्टेरिया आदि चिपक जाते हैं। प्लास्टिक के नोट में आसानी से छेद भी नहीं होंंगे।
क्या प्लास्टिक के नोट रिसाईकिल हो सकेंगे?
हां, प्लास्टिक के नोटों को रिसाईकिल भी किया जा सकेगा।
इन प्लास्टिक नोटों के ट्रायल के लिए कब तक जारी होने की संभावना है?
- प्लास्टिक के नोट ट्रायल के लिए अगले वित्तीय वर्ष 2027-28 की शुरूआत यानि वर्ष 2027 के अप्रैल-मई में जारी किए जा सकते हैं। इस बारे में पिछले दिनों आरबीआइ के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि सब कुछ योजनाओं के अनुरूप हुआ तो ये नोट वर्ष 2027-28 की शुरूआत में लांच किए जाने की उम्मीद है।
क्या भारत में इससे पहले भी प्लास्टिक नोट लांच करने का प्रयास हुआ था ?
- वर्ष 2009 में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के समय देश में पॉलीमर यानि प्लास्टिक के नोट लाने की कोशिश हुई थी। यह प्रयास तकनीकी दिक्कतों और अन्य कुछ कारणों से विफल हो गया था। आरबीआइ ने इसे बीच में ही रोक दिया था।


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