Panipat Vedic Workshop New : वैदिक कार्यशाला में भारतीय संस्‍कृति व संस्‍कार का मंत्र, छात्राओं को दिया संदेश- अबला नहीं सबला बनें

पानीपत वैदिक परिवार ने आर्य कॉलेज में छात्राओं के लिए संस्‍कारशाला और कार्यशाला का आयोजन किया। (फोटो सौजन्‍य वै‍दिक परिवार)
पानीपत वैदिक परिवार ने आर्य कॉलेज में छात्राओं के लिए संस्‍कारशाला और कार्यशाला का आयोजन किया। (फोटो सौजन्‍य वै‍दिक परिवार)
Last Updated: 1 Sep, 2026 at 07:32 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Vedic Workshop New: वैदिक परिवार पानीपत के तत्वावधान में छात्राओं के लिए संस्‍कारशाला व कार्यशााला का आयाेजन किया गया। इसमें भारतीय संस्‍कृति और संस्‍कार का मंत्र दिया गया। महिलाओं और छात्राओं को संदेश दिया गया कि वे अबला नहीं सबला बनें। कार्यक्रम का आयोजन आर्य कॉलेज के सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संस्कार, राष्ट्रभाव, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास, नारी सम्मान तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा महिला आयोग की सदस्या सुमन चौधरी ने की।

कार्यक्रम को मुख्य महापौर कोमल सैनी एवं जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आर्य कॉलेज, आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल हुडा तथा डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम मेंं आर्य प्रतिनिधि सभा, दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य ने कहा कि भारत को विश्वगुरु केवल इसलिए नहीं कहा जाता था कि वह एक प्राचीन राष्ट्र था, बल्कि भारत ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और समृद्धि का विश्व का प्रमुख केंद्र था। हमारा देश केवल समृद्ध नहीं था, बल्कि समृद्धतम देशों में अग्रणी था और दुनिया के अनेक देशों के लोग भारत से ज्ञान-विज्ञान तथा जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धतियां सीखने आते थे।

भारतीय संस्‍कृति में कर्तव्‍य और त्‍याग सर्वोच्‍च

विनय आर्य ने रामायण के प्रसंगों के माध्यम से छात्राओं को त्याग, कर्तव्य, धैर्य और आज्ञापालन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में केवल अधिकारों की बात नहीं की गई, बल्कि कर्तव्य और त्याग को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। यही कारण है कि हजारों वर्षों बाद भी भगवान श्रीराम भारतीय समाज के आदर्श बने हुए हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा—“अबला नहीं, सबला बनें।” बेटियों में आत्मविश्वास होना चाहिए और उन्हें किसी भी परिस्थिति का सामना साहस एवं विवेक के साथ करना चाहिए।

खुद को पुरुषों से कम न आकें

कार्यक्रम में हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सुमन चौधरी ने कहा कि आज महिलाएं समाज के प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं। सेना, विमानन, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का लोहा मनवाया है। बेटियों को स्वयं को किसी भी स्तर पर पुरुषों से कम नहीं आंकना चाहिए।

लड़की सबसे अच्‍छी मित्र मां

पानीपत की महापौर कोमल सैनी ने कहा कि एक लड़की की सबसे अच्छी मित्र उसकी मां हो सकती है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी मां के साथ मित्रवत संबंध रखें और अपने मन की बातें उनसे साझा करें। परिवार के साथ संवाद बनाए रखना जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। माता-पिता के अनुभव और मार्गदर्शन से बच्चे अनेक कठिनाइयों से बच सकते हैं।

पानीपत के जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि वैदिक परिवार द्वारा आयोजित यह संस्कारशाला छात्राओं के लिए निश्चित रूप से उपयोगी एवं प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।

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कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवक्ता मोनिका आर्य ने किया। उन्‍होंने भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। धन्यवाद प्रस्ताव वैदिक परिवार के सचिव डॉ. राजबीर आर्य ने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में ये लोग भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत गोरक्षा प्रमुख महेंद्र कंसल,आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अरुण आर्य, आर्य कॉलेज की उप-प्राचार्या अनुराधा सिंह, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुमिता अरोड़ा, वैदिक परिवार के अध्यक्ष डॉ. पवन बंसल, सचिव डॉ. राजबीर आर्य मौजूद रहे।

इसके साथ ही राजीव सचदेवा, सतीश सैनी, अशोक अरोड़ा, आशीष दूहन, दलवीर आर्य, सुरेश रावल, सत्यनारायण गुप्ता, सीमा सचदेवा, गीता आर्य, निर्मल आर्या, शकुंतला आर्य, ममता गोयल, शशि अग्रवाल, सविता आर्य, सिवाह सरपंच रणदीप आर्य, ईश कुमार राणा, कपिल राणा, आर.डी. कल्याण, राम मोहन शर्मा, रतन शर्मा, अनूप सैनी, सुमित्रा दुहन, रामपाल दुहन, डॉ. आरुषि सैनी, शाइना सचदेवा आदि गणमान्य व्यक्ति भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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