Panipat : गांधी मंडी जैन स्‍थानक में हुई धार्मिक चित्र बनाओ प्रतियोगिता, प्रतिभागियाें ने कला से मन मोह लिया

पानीपत के गांधी मंडी जैन स्‍थानक में धार्मिक चित्र बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों का अवलोकन करते हुए साध्वी श्री समता जी महाराज एवं डॉ. श्री राजेश मुनि जी महाराज। (फोटो जैन सभा)
पानीपत के गांधी मंडी जैन स्‍थानक में धार्मिक चित्र बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों का अवलोकन करते हुए साध्वी श्री समता जी महाराज एवं डॉ. श्री राजेश मुनि जी महाराज। (फोटो जैन सभा)
Last Updated: 17 Sep, 2026 at 02:57 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Jain Sthanak: गांधी मंडी स्थित जैन स्‍थानक में धार्मिक चित्र बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। श्री एसएस जैन सभा (रजि.) के तत्वावधान में इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक चित्र बनाए। प्रतियोगिता के सूत्रधार रहे अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज। इसमें सेवा भावी राजेंद्र मुनि जी महाराज, महासाध्वी श्री समता जी महाराज एवं साध्वी श्री भविका जी महाराज सहयोगी रहे।

प्रतियोगिता तीन वर्गों में हुई

प्रतियोगिता तीन वर्गों में हुई। एक वर्ग छह वर्ष या उससे अधिक आयु की बालिकाओं, दूसरा छह वर्ष या उससे अधिक आयु के बालकों और तीसरा महिलाओं के लिए था। प्रतियोगिता में बनाए गए 50 में से 20 चित्र भगवान महावीर स्वामी या उनके विषय पर थे। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की खुलकर अपनी प्रतिभा दिखाई। सभी चित्रों ने लोगों का मन मोह लिया और सभी ने प्रतियोगियों की कला की भरपूर सराहना की।

इस प्रतियोगिता में तीन अलग-अलग कैटेगरी में तीन-तीन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए। प्रतियोगिता का परिणा इस तरह रहा-

महिलाओं का वर्ग –

  • प्रथम स्‍थान – करुणा जैन।
  • द्वितीय स्‍थान – अनुप्रिया जैन।
  • तृतीय स्‍थान – ज्योति जैन व मंजू जैन।

बालिका वर्ग – बालिका वर्ग –

  • प्रथम स्‍थान – अक्षिता जैन।
  • द्वितीय स्‍थान – मायरा जैन।
  • तृतीय स्‍थान – तृप्ति जैन, राशि जैन व तन्वी जैन।

बालक वर्ग – बालक वर्ग –

  • प्रथम स्‍थान – अभिनव जैन।
  • द्वितीय स्‍थान – सिद्धम जैन।
  • तृतीय स्‍थान- शिवम जैन।

निर्णायक मंडली में चार शहरों के ये आठ निर्णायक रहे

  • मध्य प्रदेश‌ के खरगोन से सुनीता जैन, प्रियांश जैन व काकुल जैन।
  • इंदौर से वंदना नवलखा व संजय नवलखा।
  • दिल्ली से अरविंद जैन व वंदना जैन।
  • जालंधर से डॉ. पीके जैन।

युवा पीढ़ी और बच्‍चों को धर्म के प्रति आकर्षित करने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन: डॉ. एपी जैन

गांधी मंडी जैन समाज के संरक्षक डॉ. एपी जैन ने बताया की आज की मोबाइल व सोशल मीडिया में रची बसी युवा व बच्चों की पीढ़ी धर्म से विमुख होती जा रही है। इसका समाधान डॉ. राजेश मुनि जी महाराज ने चातुर्मास प्रारंभ के एक ही महीने में विभिन्न प्रकार की छोटी-बड़ी दर्जन भर लिखित एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं, चित्र बनाओ प्रतियोगिता, आदि के माध्यम में निकाला।

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एपी जैन ने कहा कि इनमें भाग लेकर युवाओं और बच्‍चों की योग्यता व रचनात्मक को पहचान मिली, जिस कारण यह पीढ़ी भी किसी सीमा तक धर्म से जुड़ने को आकर्षित हुई। डॉ. राजेश मुनि जी महाराज के कठिन अभिग्रहों का फलना लोगों के कोतूहल का विषय रहता है।इसके साथ ही इन प्रतियोगिताओं ने भी बहुतों को बहुत आकर्षित किया है।

डॉ. जैन ने बताया कि प्रथम आने वाले चित्र में एमएससी पास गृहणी करुणा जैन ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र के साथ उनके एक परिषह व तीन उपसर्गों को बड़ी कल्पनाशीलता व ख़ूबसूरती से चित्रित किया है। इन चारों की बड़ी शिक्षाप्रद कथाएं हैं।

उन्‍होंंने बताया कि ये शिक्षाप्रद कहानियां हैं- 1. असंभव सी लगने वाली 13 बातों का अभिग्रह लेकर भगवान महावीर ने 5 माह 24 दिन तक उपवास में रहकर परिषह सहा, अभिग्रह चंदनबाला द्वारा उन्हें उड़द के बांकले बहरा कर पूरा हुआ, 2. एक ग्वाले ने भगवान महावीर के कानों में कीले ठोंकी, 3. गौशालाक द्वारा तेजो लेश्या चलाये जाने से भगवान महावीर को 6 महीने तक शारीरिक कष्ट उठाना पड़ा तथा 4. विषदृष्टि सर्प चंडकौशिक के उन्हें डंक मारने पर भी भगवान महावीर ने उसे प्रतिबोधित कर उसे उद्धार मार्ग पर लगाया।

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