रत्नावली महोत्सव-2026 में पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज का शानदार प्रदर्शन, आठ पुरस्‍कार जीते

Ratnavali Festival: कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय द्वारा आयोजित रत्‍नावली महोत्‍सव में भाग लेने वाली एसडी पीजी कॉलेज की टीम का भव्‍य स्‍वागत किया गया। (फोटो सौजन्‍य एसडी पीजी कॉलेज)
Ratnavali Festival: कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय द्वारा आयोजित रत्‍नावली महोत्‍सव में भाग लेने वाली एसडी पीजी कॉलेज की टीम का भव्‍य स्‍वागत किया गया। (फोटो सौजन्‍य एसडी पीजी कॉलेज)
Published: 5 Nov, 2026 at 07:25 PM

सटीक समाचार, पानीपत। Ratnavali Festival 2026 : एसडी पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्‍यस्‍तरीय रत्‍नावली महोत्‍सव में शानदार प्रदर्शन किया। इस महोत्‍सव का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 1 से 4 नवंबर तक किया गया। एसडी पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में आठ पुरस्कार हासिल किए।

कॉलेज के विद्यार्थियों ने तीन विधा में प्रथम स्‍थान हासिल किया

हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों, लोक संगीत, नृत्य एवं लोक नाट्य को समर्पित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट परिचय दिया। कॉलेज के प्रतिभागियों ने तीन विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त की।

कॉलेज के विद्यार्थियों ने ये पुस्‍कार हासिल किए-
प्रति‍योगितापुरस्‍कार
रिचुअल्स (Rituals) प्रथम स्‍थान।
हरियाणवी स्किट प्रथम स्थान।
स्किट प्रतियोगिताप्रथम स्थान। सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता का खिताब।
सांग प्रतियोगिताद्वितीय स्‍थान।
हरियाणवी कविता प्रतियोगिता द्वितीय स्‍थान।
रसिया नृत्यद्वितीय स्‍थान
हरियाणवी पुरुष एकल नृत्यद्वितीय स्‍थान।
हरियाणवी महिला एकल नृत्य प्रतियोगितातृतीय स्‍थान।
हरियाणा की सांस्‍कृतिक पहचान और विरासत का उत्‍सव है रत्‍नावली महोत्‍सव

बता दें कि रत्नावली महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और लोक विरासत पर आधारित एक महत्वपूर्ण उत्सव है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के हजारों विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में भाग लेते हैं।

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रत्नावली का उद्देश्य हरियाणा की लोक कलाओं, लोक परंपराओं, बोली, संगीत, नृत्य एवं नाट्य विधाओं का संरक्षण एवं संवर्धन करते हुए युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।

विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने सभी विजेताओं एवं कॉलेज की सांस्कृतिक टीम को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की अथक मेहनत, समर्पण, अनुशासन और प्राध्यापकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। रत्नावली जैसे सांस्कृतिक मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, लोक संस्कृति और परंपराओं को समझने एवं संजोने का अवसर प्रदान करते हैं।

प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि एसडी पीजी कॉलेज शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

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