सटीक समाचार, मुंबई। Baby Milk And Food : महराष्ट्र में फार्मूला बेबी मिल्क और अन्य बेबी फूड को लेकर नियम बेहद कड़े कर दिए गए हैं। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस संबंध में नई हिदायतें जारी की हैं। अब ड्राई बेबी मिल्क के पैकेट पर ‘बच्चे के लिए मां का दूध सबसे अच्छा’ स्लोगन आवश्यक रूप से लिखना होगा। इससे साथ ही बेबी मिल्क और अन्य बेबी फूड के पैकेट पर मां या बच्चे की तस्वीर नहीं लगाई जा सकेगी।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुढे ने आदेश जारी किया
इस संबंध में एफडीए (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुढे ने आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक बेबी मिल्क और अन्य बेबी मिल्क के विज्ञापनव व प्रमोशन पर रोक रहेगी। इसके तहत बेबी फूड के विज्ञापन, मुफ्त सेंपल वितरण, कूपन, कैशबैक देने और इन्फलुएंशर व सोशल मीडिया पर प्रमोशन पर रोक रहेगी। आदेश में कहा गया है कि नियम तोड़हे पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लाया जाएगा।
बेबी फूड के पैकेट पर देनी होंगी ये जानकारियां-
- बेबी मिल्क और बेबी आहार के पैकेट पर अनिवार्य रूप से लिखना होगा- बच्चे के लिए मां का दूध ही सर्वोतम आहार है।
- पैकेट पर छह महीने बाद बच्चों को दिए जाने वाले कंम्लेमेंटरी फूड के बारे में जानकारी देनी होगीी।
- बेबी मिल्क और बेबी फूड के पैकेट पवर माता या बच्चे की फोटो नहीं लगाई जा सकती हैै।
- बेबी मिल्क और बेबी फूड के पैकेट पर फीडिंग के बारे में स्पष्ट तौर पर जानकारी देनी होगी।
इसके साथी एफडीए (FDA) ने बेबी मिल्क और बेबी फूड पर कई शब्द लिखने पर भी रोक लगा दी है। इससे लोगों में प्रोडक्ट को लेकर भ्रम की स्थित न पैदा हो। इन शब्दों को लिखने पर लगाई गई रोक –
- बेबी मिल्क या बेबी फूड के पैकेट पर ‘मां के दूध जैसा’ शब्द नहीं लिख सकेंगे और न ही इस तरह का दावा कर सकेंगे।
- बेबी मिल्क या बेबी फूड के पैकेट पर ‘मां के दूध के समान’ शब्द भी नहीं लिखा जा सकता है।
- बेबी मिल्क या बेबेी फूड के पैकेट पर ‘संपूर्ण आहार’ जैसे वाक्य नहीं लिखे जा सकेंगे।
- इन पैकेटों पर ‘स्वास्थ्यवर्द्धक आहार’ जैसे स्लोगन भी नहीं लिख जा सकेंगे।
बेबी फूड में इन चीजों के इस्तेमाल पर लगाई भी रोक –
- बेबी मिल्क और बेबी फूड में प्रिजर्वेटिव , अतिरिक्त कलर (रंग) और फ्लेवरिंग पदार्थ का इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी। एफडीए द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त शुक्रोज सिर्फ आवश्यक हाेने पर ही किया जा सकेगा। इसके साथ ही 20 प्रतिशत तक ही कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- कंपनियों बेबी मिल्क और बेबी फूड में ‘नो एडड शुगर’ दावा करता हुआ कोई शब्द नहीं लिखा जा सकेगा।
- इसके साथ ही जिन बच्चों को फार्मूला मिल्क देने से पहले अस्पताल और बाज रोग विशेषज्ञों को संदिग्ध प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जानकारी देनी होगी।
- किाी गंभीर घटनाओं के बारे में इन प्रोडक्ट के निर्माताओं को पूरी जानकारी 48 घंटे के अंदर देनी होगी।
- मैन्युफैक्चरर्स, आयाताकों और ब्रांड ऑनर्स काे हर बैच की ट्रेसबिलिटी, शिकायत और जरूरत पड़ने पर प्रोडक्ट को वापस लेने की क्षमता रखनी होगा।
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किस उल्लंघन के लिए कितना लगेा जुर्माना
| उल्लंंघन | दंड या जुर्माना |
| भ्रामक विज्ञापन या बिना लाइसेंकस लिए कारोबार करने पर | 10 लाख रुपये तक जुर्माना। |
| घटिया खाद्य सामग्री का इस्तेमाल | 5 लाख रुपये तक का जुर्माना। |
| गलत लेबलिंग और पैकेजिंग | तीन लाख रुपये तक का जुर्माना। |

