सटीक समाचार, चंडीगढ़। Deepender Hooda : कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने एक कथित बयान काे लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा, मेरे बयान को घुमा-फिराकर लोगों के सामने पेश किया गया। जिस ‘रोल मॉडल’ शब्द के इस्तेमाल की बात कही जा रही है वह मैंने नहीं बोला था, न ही मेरा वह तात्पर्य था। सिख समाज को ठेस पहुंचाने का दूर-दूर तक मेरा कोई मकसद नहीं था। मेरी चार पीढ़ियों के सिख समाज से गहरे पारिवारिक संबंध रहे हैं। उस सिख समाज को ठेस पहुंचाना तो दूर की बात है, मैं ऐसा करने की सोच भी नहीं सकता।
कहा- ‘रोल मॉडल’ शब्द मैंने नहीं बोला था, न ही वह तात्पर्य था
बता देंं कि पूरा विवाद दिल्ली के सिख विरोधी दंगे के लिए दोषी एक नेता के बारे में बयान को लेकर पैदा हुआ। इस नेता की पिछले दिनों जेल में मृत्यु हो गई थी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि फिर भी, अगर किसी की भावनाओं को ठेस लगी है तो वह एक भाई के नाते खेद प्रकट करते हैं। उनकी मंशा और मकसद किसी का दिल दुखी करना कतई नहीं था। 1984 के दंगों में पीड़ित सिख भाइयों को न्याय मिले, मैं हमेशा इसका पक्षधर रहा हूं।
उन्होंने कहा कि सिख समाज हमारे देश का गौरवशाली समाज है और उनको ऐसे समाज पर गर्व है जिन्होंने हम सबके लिए कुर्बानियां दीं। उसको हम कभी नहीं भूल सकते। आज भी देश की सीमाओं की रक्षा की बात हो, चाहे देश की आजादी की लड़ाई की बात रही हो, सिख कौम ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उस पर हमें गौरव है।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सिख समाज एक देशभक्त समाज है। आजादी के पहले और आजादी के बाद भी सिख समाज ने देश की रक्षा के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियाां दी हैं। 1908 में पंजाब में ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के समय मेरे परदादा चौधरी मातूराम जी और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी के चाचा सरदार अजीत सिंह जी को एक ही दिन काले पानी की सजा हुई थी। तब से लेकर हाल में जब किसान आंदोलन हुआ और पंजाब से हमारे किसान भाई आए, तो सबसे पहले मैं खुद उनके साथ पहुंचा। हर संघर्ष में हमेशा हम साथ रहे।
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