सटीक समाचार, पटना। Bihar Roads: बिहार में राज्य उच्च पथ (State Highways) और प्रमुख व वृहद जिला पथ को दुरुस्त कर चकाचक बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 10590.53 करोड़ रुपये स्वरकृत किए हैं। राज्य में 13 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का रखरखाव किया जाएगाा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चौधरी ने सात वर्षों की इस योजना के तहत कार्य का शुभारंभ किया।
सीएम सम्राट चौधरी ने ओपीआरएमसी के तहत कार्य का शुभारंभ किया
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में लांंग टर्म परफॉर्मेंस एंड अचीमेंवमेंट बेस्ड रोड एसेट्स मेंटेनेंस काॅट्रैक्ट सिस्टम (OPRMC) के तीसरे चरण के तहत कार्य का उद्घाटन किया। इसके तहत 2026 से 2033 तके सात वर्ष की अवधि के लिए 66 पैकेजों में 13033 किलोमीटर स्टेट हाईवे और प्रमुख जिला सड़कों का रखरखाव कार्य किया जाएगा।
नियमित निगरानी व मासिक रिपोर्टिंग का भी दिया निर्देश
सम्राट चौधरी ने कहा कि इस कार्य पर 10590.5328 करोड़ की लागत आएगी। इसके साथ ही मुख्यमंंत्री ने इन सड़कों हर किलोमीटर की स्थिति की नियमित निगरानी रखने औरइस संबंध में मासिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
पुलों और सड़कों की सुरक्षा भी होगी सुनिश्चित
उन्हाेंने कहा कि इन सड़कों के बेहतर रखरखाव से राज्य में यातायात सुगम और अधिक सुरक्षित होगा। इसके साथ ही ओवरलोड वाहनों के संचालन पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरुरत है। पुलों और सड़कों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

हाईवे पेट्रोल गाड़ियों को रवाना किया
इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 58 हाईवे पेट्रोल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। इन वाहनों को गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पेटरोल गाड़ियाें को शुरु करने से इन पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। हमारा लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर इससे होनेवाली मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य है।
बैठक में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक में हुई। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
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बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, फर्जी दस्तावेजों, नकली करंसी, नशीले पदार्थों की तस्करी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावकारी तरीके से रोक लगाने पर जोर दिया गया। इसके लिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई गई।
बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 4.5 करोड़ रुपये दिए
दूसरी ओर, राज्य में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में कुल 4.5 करोड़ रुपये दिए गए। बिहार पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से 2.5 करोड़ रुपये के चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपे गए। इसके अलावा, बिहार राज्य राजमार्ग विकास निगम लिमिटेड ने दो करोड़ रुपये का चेक सीएम सम्राट चौधरी को सौंपे गए।

