सटीक समाचार, कुरुक्षेत्र। Diwali Shubh Muhurt: प्रकाश, उल्लास, श्रद्धा और समृद्धि का महापर्व दिवाली रविवार 8 नवंबर को मनाई जाएगी। रोशनी का यह उत्सव परंपरागत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। दीपावली पर शुरू मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से घर-परिवार में शुभता और समृद्धि आती है।
कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है दिवाली
कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पर्व पर घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्ज्वलित कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कुरुक्षेत्र स्थिति गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, शांति, धन-धान्य और समृद्धि का वास होता है।
शाम 5:54 से 7:48 बजे तक लक्ष्मी-गणेश पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त
डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का श्रेष्ठ समय शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात्रि 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:30 बजे से रात्रि 8:09 बजे तक रहेगा। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11:28 बजे प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12:31 बजे तक रहेगी।
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लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त:
| कार्तिक अमावस्या तिथि आरंभ | 8 नवंबर सुबह 11.28 बजे (11.28 AM)। |
| कार्तिक अमावस्या तिथि समापन | 9 नवंंबर दोपहर 12.31 बजे (12.31 PM)। |
| दीपावली | 8 नवंबर प्रदोष काल में अमवस्या तिथि होने के कारण। |
| मां लक्ष्मी-भगवान गणेश पूजन विशेष मुहूर्त | 8 नवंबर को शाम 5.54 बजे (5.54 PM) से 7.48 बजे (7.48 PM) तक। |
| प्रदोष काल | 8 नवंबर शाम 5.30 बजे (5.30 PM) से रात्रि 8.09 बजे (8.09 PM) तक। |
| वृषभ काल (स्थिर लग्न) | 8 नवंबर 5.31 बजे (5.31 PM) से शाम 7.50 बजे (7.50 PM) तक। |
| निशिता काल मुहूर्त | 8 नवंबर रात्रि 11.39 बजे (11.39 PM) से 9 नवंबर रात्रि 12.31 बजे (12.31 AM) तक। |
| निशिता काल (स्थिर लग्न) | 9 नवंबर 12.23 बजे (12.23 AM) से 2.41 बजे (2.41 AM) तक। |
तकऐसे करें लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा
डॉ. कौशिक ने बताया कि दिवाली के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर एवं पूजा स्थल की सफाई कर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा स्थल पर चौकी सजाकर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। उस पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
सबसे पहले भगवान गणेश की करें पूजन
सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। इसके बाद मां लक्ष्मी को कमल का फूल, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप, फल और मिठाई अर्पित करें। मां सरस्वती और कुबेर देव का भी स्मरण करें। पूजा के दौरान श्रीसूक्त, लक्ष्मी चालीसा और गणेश स्तुति का पाठ करना शुभ माना जाता है। अंत में परिवार सहित आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
ये हैं मां लक्ष्मी और गणेश जी के विशेष मंत्र
मां लक्ष्मी मंत्र-
– ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
भगवान गणेश मंत्र-
– ॐ गं गणपतये नमः॥
महालक्ष्मी गायत्री मंत्र-
– ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे
विष्णुपत्न्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
दिवाली पर क्या करें?
| 1. घर, दुकान और प्रतिष्ठान की अच्छी तरह सफाई करें। |
| 2. मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और शुभ चिह्न स्वस्तिक बनाएं। |
| 3. घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। |
| 4. मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर को स्वच्छ और प्रकाशमय रखें। |
| 5. जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और मिठाई का दान करें। |
| 6. परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और आपसी प्रेम बढ़ाएं। |
| 7.मिट्टी के दीपक जलाकर पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाएं। |
दिवाली पर क्या न करें?
| 1. घर में गंदगी और अव्यवस्था न रहने दें। |
| 2. किसी का अपमान, अपशब्द और विवाद न करें। |
| 3. जुआ, सट्टा और अनैतिक गतिविधियों से दूर रहें। |
| 4. शराब एवं नशीले पदार्थों का सेवन न करें। |
| 5. पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण से बचें। |
| 6. पूजा के समय जल्दबाजी और अशुद्धता से बचें। |
| 7. दिखावे और अनावश्यक खर्च से बचकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार पर्व मनाएं। |


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