Elephant Madhuri Return: आखिरकार, माधुरी की काेल्‍हापुर के नंदनी मठ हुई सशर्त वापसी, वनतारा से रवाना

हथिनी माधुरी उर्फ महादेवी की वनतारा से करीब एक साल बाद काेल्‍हापुर के नंदनी मठ ले जाया जा रहा है। (फोटो सौजन्‍य रिलायंस मीडिया)
हथिनी माधुरी उर्फ महादेवी की वनतारा से करीब एक साल बाद काेल्‍हापुर के नंदनी मठ ले जाया जा रहा है। (फोटो सौजन्‍य रिलायंस मीडिया)
Last Updated: 12 Sep, 2026 at 05:25 AM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, जामनगर। Elephant Madhuri return: आखिरकार, 36 साल की हथिनी महादेवी उर्फ माधुरी की कोल्‍हापुर में उसके पुराने ठिकाने नंदनी मठ में वापसी हाे गई। उसे यहां वनतारा (Vantara) से नंदनी मठ (जैन मठ) के लिए रवाना किया गया। इस वापसी में कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं। माधुरी को करीब एक वर्ष पहले वनतारा बेहतर इलाज के लिए स्‍थानांतरित किया गया था।

पेटा इंडिया की शिकायत के बाद कोर्ट के आदेश पर वनतारा लाया गया था

उसे पशु अधिकार के लिए कार्य करने वाले संगठन पेटा इंडिया (PETA India) की शिकायत के बाद बंबई हाई कोर्ट (मुंबई हाई कोर्ट) और सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश पर जामनगर के वनतारा लाया गया था। उसे यहां इलाज के लिए लाने का आदेश दिया गया था। महादेवी जैन मठ यानि नंदनी मठ में 34 वर्षों से थी।

बता दें कि माधुरी को वनतारा लाए जाने का कोल्‍हापुर और आसपास के क्षेत्र और जैन धर्म से जुड़े लोगों ने काफी विरोध किया था। इसके बाद महाराष्‍ट्र सरकार, मठ प्रशासन और स्‍थानीय नेताओं ने उसकी वापसी के लिए प्रयास किए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठ‍ित उच्‍चाधिकार समिति (High power Committee) ने माधुरी की नंदनी मठ में वापसी को मंजूरी दे दी।

वनतारा ने कहा- फैसले का सम्‍मान, माधुरी की देखभाल में आगे भी मदद करते रहेंगे

कमेटी की मंजूरी से करीब एक साल बाद माधुरी के अपने पुराने ठिकाने नंदनी मठ लौटने की राह साफ हो गई। उसको वापस कोल्हापुर ले जाया जा रहा है। वनतारा ने कहा है कि वह इस फैसले का सम्मान करेगा और माधुरी की देखभाल में आगे भी मदद करता रहेगा।

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बता दें कि माधुरी को 30 जुलाई 2025 को हाई पावर कमेटी के निर्देश पर वनतारा लाया गया था। वनतारा ने एक बयान में कहा कि उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि आदेश के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की दोबारा सुनवाई हुई और नंदनी मठ में भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।

हाई पावर कमेटी ने रखीं ये शर्तें-

  • कमेटी ने माधुरी को नंदनी मठ लौटाने की अनुमति देते हुए उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई शर्तें रखी हैं।
  • कमेटी ने कहा है कि माधुरी से कोई काम नहीं लिया जाएगा।
  • उसका इस्तेमाल जुलूस या किसी दूसरे उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकेगा।
  • उसकी 24 घंटे देखभाल करनी होगी।
  • हर 15 दिन में उसकी स्वास्थ्य जांच करानी होगी।

वनतारा के माधुरी को लेकर क्‍या कहा

  • वनतारा ने कहा कि माधुरी की सेहत इलाज और पशु चिकित्सकों की निगरानी से स्थिर हुई है।
  • उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए नियमित देखभाल जरूरी है।
  • नंदनी लौटने के बाद भी वनतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में माधुरी की जांच करेंगे।
  • वनतारा के पशु चिकित्‍सक जरूरत पड़ने पर माधुरी की इलाज में मदद भी करेंगे।

वनतारा ने नंदनी मठ में भी व्‍यवस्‍था बेहतर बनाने में मदद दी

  • वनतारा ने नंदनी मठ में माधुरी को रखने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहयोग दिया है। इसमें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं, उपकरण, दवाएं और अन्य सामान शामिल हैं। संस्था ने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर वह नंदनी मठ और स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए तैयार रहेगी।
  • वनतारा ने कहा कि माधुरी की वापसी से जुड़े फैसले में उसकी सेहत और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हैं। उसने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट, हाई पावर कमेटी और महाराष्ट्र-गुजरात सरकारों का आभार जताया। उसने कहा कि माधुरी जहां भी रहे, उसकी अच्छी सेहत, सुरक्षा और लंबी जिंदगी सबसे पहली प्राथमिकता रहेगी।

महादेवी उर्फ माधुरी मामले में यह था विवाद

  • माधुरी उर्फ महादेवी करीब 34 साल से महाराष्‍ट्र के कोल्‍हापुर जिले के शिरोळ तालुका में नंदनी मठ (जैन मठ) में रह रही थी। इसी दौरान भारत में पशु अधिकार को लेकर सक्रिय संगठन पेटा इंडिया (PETA India) ने इस हथिनी की देखभाल और स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर शिकायत की। पेटा इंडिया का कहना था कि माधुरी को जंजीरों से बांध कर रखा जाता है और उसका स्‍वास्‍थ्‍य काफी खराब है।
  • मामला बंबई हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद पिछले वर्ष (2025) 30 जुलाई को महादेवी उर्फ माधुरी को जामनगर स्थित वनतारा के हाथी पुनर्वास केंद्र लाया गया।
  • माधुरी के वनतारा में स्‍थानांतरण का कोल्‍हापुर और निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों व जैन धर्मावलंबियों ने विरोध किया। उनका कहना था कि नंदनी मठ में माधुरी उनकी आस्‍था और सांस्‍कृतिक व धार्मिक पंरपराओं का हिस्‍सा है। उसे यहां से ले जाने से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।

नंदनी मठ के बारे में जानें –

  • नंदनी मठ एक जैन मठ है। यह कोल्‍हापुर के शिरोळ तालुका में स्थित है।
  • यह प्राचीन जैन मठ है और इसमें भट्टारक की गद्दी है। गद्दी के प्रमुख को श्री जिनसेन भट्टारक स्‍वामी जी कहा जाता है।
  • यह सेना गण और पुष्‍कर संप्रदाय से जुड़ी हुई है। महान आचार्य शांतिसागर जी महाराज भी इसी परंपरा से थे।
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