सटीक समारोह, पानीपत। Teachers Day 2026 New: शिक्षक ज्ञान का दान देकर जीवन संघर्ष के लिए तैयार और तत्पर करते हैं। शिक्षक दिवस उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर होता है। पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज में शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसा ही आयोजन किया गया और विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों के अध्यापकों को सम्मानित किया गया।
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में लायंस क्लब के सहयोग से जिलास्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह
एसडी पीजी कॉलेज में लायंस क्लब पानीपत के सहयोग से जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें जिले के स्कूलों और महाविद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि लायंस क्लब के जिला गवर्नर उमेश गर्ग ने शिरकत की ।
समारोह में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोजेक्ट चेयरमैन लायन संजय गुगनानी, प्रोजक्ट कन्वीनर लायन अश्वनी मित्तल, मेंबर अतुल मित्तल, वीरेंद्र सिंगला और जयपुर (राजस्थान) से लायन बसंत मित्तल कार्यक्रम में उपस्थित रहे। समारोह में आए शिक्षकों और अतिथियों का स्वागत कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया।

समारोह में 30 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया
कार्यक्रम में 30 से अधिक शिक्षकों को शाल और प्रशस्ति पत्र भेंट करके सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन मेमोरियल लेक्चर कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दिया और शिक्षक कि भूमिका और कर्तव्यों पर विस्तृत चर्चा की। एसडी पीजी कॉलेज से डॉ इंदु बाला, डॉ मुकेश पुनिया और प्रो संजय चोपड़ा को सम्मानित किया गया । मंच संचालन डॉक्टर संगीता गुप्ता ने किया।
इसके बाद सांयकालीन सत्र में एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की प्रबंधकारिणी के पदाधिकारियों ने कॉलेज के स्टाफ सदस्यों को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि उमेश गर्ग ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र की उन्नति व विकास में रीड की हड्डी है । शिक्षक ही अपने विद्यार्थियों में समाज के संस्कार पोषित करता है और चरित्रवान करता है।

भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर के तुल्य माने जाते हैं
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर तुल्य माना गया है। लायंस क्लब पानीपत विभिन्न सामाजिक क्षेत्र में अनेक प्रोजेक्ट के माध्यम से निरंतर सेवा कार्य में संलग्न है। इसके लिए उन्होंने लायंस क्लब के प्रधान को बधाई दी और उनके मार्गदर्शन को सराहा । उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पूर्ण विश्वास से कार्य करना चाहिए, उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी ।
उन्होंने बताया कि 1962 से प्रत्येक वर्ष डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है । डॉक्टर राधाकृष्णन भारत के 1952 से 1962 तक उपराष्ट्रपति व 1962 से 1967 तक राष्ट्रपति रहे । उन्होंने बताया कि राधाकृष्ण 20वीं सदी के तुलनात्मक धर्म एवं दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में महानतम विचारको व दार्शनिकों में से थे।
समारोह का आयोजन शिक्षकों के लिए कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए : संजय गुगनानी
प्रोजेक्ट मैनेजर लायन संजय गुगनानी ने कहा कि लायंस क्लब द्वारा शिक्षक समाज समारोह का आयोजन शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए है। सभी के जीवन को किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है । उन्होंने एसडी पीजी कॉलेज पानीपत का आभार व्यक्त किया कि उसने सहयोगी संस्था के रूप में शिक्षक सम्मान समारोह को दिव्यता व पूर्णता के साथ आयोजित किया है ।

शिक्षकों की भूमिका बहु उद्देयशीय : अश्वनी मित्तल
लायन अश्वनी मित्तल ने कहा कि शिक्षक का कार्य मात्र कक्षा में पुस्तकों के माध्यम से पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं है । शिक्षकों की भूमिका बहु-उद्देशीय है। उनको विद्यार्थी के मेंटर, विद्यार्थी के प्रेरणा स्रोत, विद्यार्थी के मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, व विद्यार्थी के कल्याण में स्नेह की भावना से एक संपूर्ण भूमिका निभानी होती है। आधुनिक पीढ़ी को भी इन बातों की तरफ सजग होना पड़ेगा।
यह समाचार भी पढ़िये: SIR In Haryana New Update: एसआइआर को लेकर न लें टेंशन, पुराने रिकार्ड न होने पर नहीं कटेगा नाम, 30 तारीख से पहले कर लें यह काम
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी से कोई समझौता नहीं कर सकता क्योंकि वह राष्ट्रीय हित से समझौता हो जाएगा । उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत निर्माण हेतु युवा की अपेक्षित भूमिका है । कौशल विकास से रोजगार सृजन कर युवा स्वयं को भी आत्मनिर्भर बनाता है और दूसरों कि मदद करने लायक भी बन जाता है ।

एसडी पीजी कॉलेज के प्रधान दिनेश गोयल ने कि यह दिन समाज एवं छात्रों को शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का मौका देता है । शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते है बल्कि बच्चों का चरित्र, नैतिकता और अनुशासन भी सुधारते हैं । उन्हें अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने का काम गुरु ही करते हैं । यह उत्सव शिक्षकों की कड़ी मेहनत और उनके अमूल्य योगदान को सराहने का दिन है।

