Panipat Local New Update: नवाकार महामंत्र से गूंजा जैन स्‍थानक, संत नरेश मुनि महाराज के जन्‍मदिन पर आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

पानीपत में नरेश मुनि जी महाराज के जन्‍मदिन के अवसर पर अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि और राजेंद्र म‍ुनि जी महाराज के सानिध्‍य में कार्यक्रम आयोजित हुआ। (फोटो सौजन्‍य गांधी मंडी जैन स्‍थानक।)
पानीपत में नरेश मुनि जी महाराज के जन्‍मदिन के अवसर पर अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि और राजेंद्र म‍ुनि जी महाराज के सानिध्‍य में कार्यक्रम आयोजित हुआ। (फोटो सौजन्‍य गांधी मंडी जैन स्‍थानक।)
Last Updated: 25 Aug, 2026 at 09:35 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, पानीपत। Panipat Local New Update: शहर की गांधी मंडी स्‍थि‍त जैन स्‍थानक नवाकार महामंत्र से गुंजायमान हो गया। जैन स्थानक में श्री एसएस जैन सभा (रजि.) के तत्वावधान में संघशास्ता, शासन प्रभावक सुदर्शन लाल जी महाराज साहब के सुयोग्य परम शिष्य व संघ संचालक नरेश मुनि जी महाराज का 71वां जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर स्‍थानक में महामंत्र नवाकार का सामू‍हिक उच्‍चारण किया गया।

संत नरेश मुनि महाराज के जन्‍म दिवस पर गांधी मंडी जैन स्‍थानक में हुआ विशेष कार्यक्रम

यह आयोजन अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज, राजेंद्र मुनि जी महाराज ठाणे-2, महासाध्वी श्री समता जी महाराज, साध्वी श्री भविका जी महाराज के सानिध्य में हुआ। ये संत अभी पानीपत के गांधी मंडी जैैनस्‍थानक में चातुर्मास कर रहे हैं। कार्यक्रम का प्रारंभ इन महासतियां की महाराजों के साथ महामंत्र नवकार के सामूहिक उच्चारण से हुआ। बाद में डॉ. राजेश मुनि जी महाराज ने नरेश मुनि जी महाराज का जीवन काव्य रूप में प्रस्तुत किया।

डॉ. राजेश मुनि महाराज ने बताया कि नरेश मुनि महाराज का जन्म वकील चंद जैन के धार्मिकता से ओतप्रोत संस्कारी परिवार में 25 अगस्त, 1956 को हुआ। उनकी माता प्रकाशवती थीं। उनको गुरुवर सुदर्शन लाल जी महाराज का कल्याणकारी सानिध्य प्राप्त हुआ। वह 26 नवंबर, 1973 को गन्नौर में दीक्षित होकर जिन शासन की महती सेवा में एक संत के रूप में प्रविष्ठ हुए। उनके वरिष्ठ-कनिष्ठ कुल 28 गुरु भाई हुए।

उन्‍होंने बताया कि नरेश मुनि जी महाराज की तरह गणाधीश, तपस्वीराज प्रकाश मुनि जी महाराज और बहुतश्रुत जय मुनि जी महाराज का देशभर में हर कोई मुरीद है। उनके परिवार से भाई तपस्वी सुधीर मुनि महाराज, पिताजी वकील मुनि जी महाराज भी कनिष्ठ गुरु भाई बने। उनकी एक बहन साध्वी हर्षिता जी महाराज हैं। उनके सुशिष्यरत्न नवनीत मुनि, निपुण मुनि, नीरज मुनि व नितिन मुनि हैं ।

डॉ. राजेश मुनि महाराज ने बताया कि उन्‍होंने (नरेश मु‍नि महाराज) ने सन् 1985 से स्वतंत्र चातुर्मास करने प्रारंभ कर दिए थे। वह 29 जनवरी, 2017 को संघ संचालक बने और तभी से अपने साथु-साध्वी संघ का कुशल नेतृत्व कर रहे हैं। आज उनके आज्ञानुवर्ती संत सतियां जी महाराजों की संख्या 100 से अधिक है। हम शासनपति प्रभु महावीर से प्रार्थना करते हैं कि उनका पावन मुनि संघ इसी प्रकार विस्तार पाता हुआ जिन शासन की महती प्रभावना करता रहे।

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गांधी मंडी जैन सभा के संरक्षक डॉ. एपी जैन ने बताया कि व्याख्यान वाचस्पति मदनलाल महाराज के गच्छ में आचार्य जैसा कोई शास्त्रीय पद लेने की परंपरा नहीं है। वैसे नरेश मुनि जी महाराज का संघ संचालक पद आचार्य पद के समकक्ष है। यह सर्वोच्च विद्यमान पद है। इस अवसर पर भगत महावीर जैन, डॉ. एपी जैन, विनय जैन, रामनिवास जैन, रामकिशन जैन, ओमप्रकाश जैन, नरेंद्र जैन, सुरेश जैन, सुशील जैन सहित काफी संख्‍या में भक्‍तजन उपस्थित रहे

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