सटीक समाचार, चंडीगढ़। New Employment: हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deepender Singh Hooda) के देश में नए रोजगार की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से सरकार देश में ‘जॉबलेस ग्रोथ’ यानी बेरोजगारी बढ़ाने वाले विकास के रास्ते पर चल रही है। देश में पिछले 12 वर्षोंं में देश में रोजगार घटे हैं बढ़े नहीं।
कहा – रोजगार सृजन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब टाल गई सरकार
एक बयान में दीपेंद्र हुड्डा ने कि लोकसभा में सरकार बता ही नहीं पाई कि रोजगार सृजन पर्याप्त है या नहीं। स्पष्ट रूप से पूछे गए उनके इस सवाल को सरकार टाल गई। सरकार की गलत नीतियों ने देश में बेरोजगारों की फ़ौज खड़ी कर दी है।
सांसद हुड्डा ने कहा कि उनके सवाल का केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने जो जवाब दिया उसके मुताबिक कुल कार्यबल में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 2017-18 में 12.1% थी और 2025 में भी 12.1% ही है यानी आठ साल में शून्य विकास हुआ। हुड्डा ने कहा कि यह वर्ष 2020-21 में यह घटकर 10.9% तक पहुंच गई थी। सेवा क्षेत्र में भी यही हाल है- 2017-18 में हिस्सेदारी 31.1% थी, 2025 में भी 31.8%, यानी लगभग स्थिर बनी हुई है।
कहा- केंद्र सरकार के विभागों में 10 लाख पद खाली
उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा ने नारा दिया था कि हर साल दाे करोड़ रोजगार पैदा करेंगे। इसके अनुरूप 12 साल में 24 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने चाहिए थे। लेकिन, हकीकत यह है कि नए रोजगार मिलना तो दूर, रोजगार के बहुत सारे विभागों में रोजगार के रास्ते बंद कर दिए गए। अकेले केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 10 लाख पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा राज्यों में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
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उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं को यह नहीं मालूम कि वे बेरोजगार है या बारोज़गार हैं। पिछले एक दशक से “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, “आत्मनिर्भर भारत” जैसे भारी भरकम नारे लगाए जा रहे हैं लेकिन यह सब धरातल पर नहीं दिखा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कंपनियां हर महीने “उत्पादन बढ़ने” का दावा करने वाला पर्चेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ा दे रही हैं, तो देश के कुल कामगारों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी आठ साल से क्यों नहीं बढ़ रही?

