World Elephant Day 2026 New: …ताकि हाथी राजा झूमकर चलें, Reliance वनतारा ने की संरक्षण की पहल, देश-विदेश में बढ़ाया सेवा का दायरा

गुजरात के जामनगर स्थित ' वनतारा' में हाथी की देखभाल करते कर्मी। (फोटो सौजन्‍य रिलायंस मीडिया )
गुजरात के जामनगर स्थित ' वनतारा' में हाथी की देखभाल करते कर्मी। (फोटो सौजन्‍य रिलायंस मीडिया )
Last Updated: 13 Aug, 2026 at 11:51 AM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, जामनगर (गुजरात)। World Elephant Day 2026: ‘ एक मोटा हाथी झूमकर चला और हाथी राजा कहां चले’ जैसे राइम्‍स छोटे बच्‍चों को खूब पसंद हैं। लेकिन, आज हाथियों के लिए संकट की स्थिति पैदा हो गई है। कई स्थानों पर शिकारियों द्वारा शिकार बनाने के साथ-साथ घटते वन क्षेत्र के कारण हाथियों की संख्‍या घट रही है। ऐसे में ‘वनतारा’ ने इनके संरक्षण की बड़ी पहल की है। विश्‍व हाथी दिवस के अवसर पर वनतारा ने विशेष संंरक्षण अभियान शुरू किया है और देश-विदेश में अपनी सेवाओं का विस्‍तार किया है।

विश्व हाथी दिवस के मौके पर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वनतारा ने हाथियों के संरक्षण और कल्याण से जुड़ी अपनी विभिन्न पहल की जानकारी साझा की। वनतारा हाथियों की देखभाल, महावतों को प्रशिक्षण, संरक्षण से जुड़े ज्ञान का आदान-प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की कोशिश में भी जुटा है। वनतारा इस पर भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम कर रहा है।

‘विश्व हाथी दिवस’ पर वनतारा ने शुरू किया विशेष संरक्षण अभियान

बता दें कि वनतारा में इस समय 260 से अधिक एशियाई हाथियों की देखभाल की जा रही है। वनतारा की इस यात्रा की शुरुआत गौरी से हुई थी, जिसे अनंत अंबानी ने सबसे पहले रेस्क्यू किया था। इसके बाद हाथियों के लिए विशेष देखभाल और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल लगातार आगे बढ़ी है।

विश्‍व हाथी दिवस पर अनंत अंबानी ने कहा, ‘ हाथियों का मेरे दिल और वनतारा की यात्रा में हमेशा विशेष स्थान रहा है। हर हाथी की अपनी एक कहानी है और हर रेस्क्यू हमें उनकी देखभाल की जिम्मेदारी का एहसास कराता है।’

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उन्‍होंने कहा ‘ गौरी के रेस्क्यू से शुरू हुई यह यात्रा अब हाथियों के कल्याण, उनकी देखभाल करने वाले लोगों के सहयोग, ज्ञान साझा करने और भारत तथा दुनिया भर में संरक्षण के प्रयासों तक पहुंच गई है।’

जयपुर के हाथी गांव में मिलेंगी विशेष सुविधाएं

राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने विश्व हाथी दिवस के मौके पर जयपुर स्थित हाथी गांव में हाथियों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए वनतारा के साथ सहयोग की घोषणा की। इसके तहत आधुनिक एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर फैसिलिटी विकसित की जाएगी, जिसमें अस्पताल, पोषण केंद्र और हाइड्रोथेरेपी सुविधा शामिल होगी। बुजुर्ग हाथियों के लिए अलग ‘रिटायरमेंट एंड केयर सेंटर’ भी बनाया जाएगा।

वनतारा का देश के चार राज्यों में हाथी कल्याण कार्यक्रम

वनतारा द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि वनतारा ने असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में राज्य वन विभागों के साथ मिलकर हाथी कल्याण आउटरीच कार्यक्रम पूरा किया है। इसमें 182 हाथियों और 242 महावतों को शामिल किया गया। कार्यक्रम में हाथियों के स्वास्थ्य, मानवीय तरीके से देखभाल, प्राथमिक उपचार और उत्तम प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण दिए गए। पशु चिकित्सा और वेलफेयर किट के साथ पोषण संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

इसके अलावा, वनतारा ने ‘माई फ्रेंड लीलावती’ सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है। इसके जरिए लीलावती नाम की हथिनी की कहानी के माध्यम से बच्चों को दया, करुणा और पशुओं के सम्मान का संदेश दिया जा रहा है।

मानव-हाथी संघर्ष पर वैश्विक सहयोग

वनतारा मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए एलिफेंट प्रोटेक्शन इनिशिएटिव (EPI) फाउंडेशन को अनुदान भी दे रहा है। इसके जरिए एशिया और अफ्रीका के हाथी बहुल देशों के विशेषज्ञों, संरक्षणकर्मियों और युवाओं की मार्च, 2027 में बैंकॉक में होने वाले वैश्विक सम्मेलनों में सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ ही EPI यूथ एंबेसडर्स प्रोग्राम को पहली बार भारत तक विस्तार देने में भी मदद मिलेगी।

वनतारा के अनुसार, जमीनी स्तर पर मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया वाली पशु चिकित्सा टीमों, थर्मल ड्रोन निगरानी और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

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