सटीक समाचार, पानीपत। Panipat New News: भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने संसद में विपक्ष पर राजनीतिक गतिरोध पैदा करने का आरोप लगाया और उसके रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। इसका उद्देश्य जनहित के विषयों पर चर्चा, कानून निर्माण तथा सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है। संसद का लगातार बाधित होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित दोनों के लिए उचित नहीं है।
कहा- सरकार संंसद में सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार
वह पानीपत जिला भाजपा कार्यालय ‘श्याम कमल’ में प्रेस कान्फेंंस को संबोधित कर रही थीं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के भीतर छात्रों, परीक्षाओं, NEET और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार ने पहले भी अपनी ओर से चर्चा के लिए सहमति व्यक्त की थी और संबंधित विषयों पर जवाब देने की इच्छा जताई थी। लोकतंत्र में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है और किसी भी विवाद का समाधान चर्चा के जरिए होना चाहिए।
विपक्ष उठा रहा अलग-अलग मुद्दे
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विपक्ष की ओर से अलग-अलग मुद्दे उठाए गए। पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई, फिर NEET परीक्षा पर चर्चा और बाद में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग की गई। यदि किसी भी विषय पर सवाल हैं तो उनका समाधान संसद के भीतर चर्चा और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता के लिए कानूनी कदम उठाए गए
डॉ. गुप्ता ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए कानून को और प्रभावी बनाया गया है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत हो।
बोलीं- राहुल गांधी संसद की चर्चा में भाग लें
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से संसद में चर्चा में भाग लें। लोकतांत्रिक व्यवस्था में केवल प्रश्न उठाना ही नहीं, बल्कि सरकार का पक्ष और जवाब सुनना भी उतना ही आवश्यक है। संसद में बहस और जवाबदेही लोकतंत्र की मूल भावना है और सभी पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए।
मुद्दों पर समान दृष्टिकोण होना चाहिए
डॉ. गुप्ता ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समान दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन हो या झारखंड में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, दोनों स्थितियों को समान संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए। किसी भी राज्य के छात्र के अधिकार, भविष्य और सम्मान में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। यदि किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
कहा- विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान टकराव से नहीं होगा
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान टकराव से नहीं बल्कि संवाद, पारदर्शिता और प्रभावी व्यवस्था से निकलेगा। विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद से ऊपर है और सभी दलों की जिम्मेदारी है कि उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि देश की नई पीढ़ी रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और बेहतर अवसरों को प्राथमिकता देती है। भारतीय जनता पार्टी युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा भागीदार मानती है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं इसी उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि संसद किसी एक दल की नहीं बल्कि देश के नागरिकों की संस्था है। जनता अपने प्रतिनिधियों को इस उम्मीद के साथ संसद भेजती है कि वहां जनहित के विषयों पर चर्चा होगी और सरकार से जवाबदेही तय होगी। संसद का समय बहुमूल्य है और इसे सार्थक चर्चा में लगाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा, भाजपा हरियाणा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक व संदीप आजाद जिला मीडिया प्रभारी ओमदत्त आर्य, भाजपा नेता ईशकुमार राणा, सुनील कंसल सरदार अमरजीत कोहली, दीपक सलूजा, लाजपत मल्होत्रा राहुल राणा, रविंद्र तुषामड, सतीश सहगल, धर्मपाल चोपड़ा, नरेश बेनीवाल राजेश भारद्वाज सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
