सटीक समाचार, चंडीगढ़।
पंजाब सरकार के ‘रोजगार अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरी का योग्यता ही एकमात्र मापदंड है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन के बाद चार साल में 67,037 सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
भगवंत मान ने कहा- नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं के विश्वास को हिलाया
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं। नीट जैसी पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के युवाओं का विश्वास हिला दिया है। 2017 से अब तक देश भर में 93 पेपर लीक होने की रिपोर्ट हैं। इसके विपरीत पंजाब की बात करें तो वर्ष 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया।
65000 हजार कर्मचारियों को रेगलुर करने का फैसला
भगवंत मान ने कहा कि हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आइटीआइ और 13 मौजूदा आइटीआइ संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़ा निवेश किया जा रहा है। आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उचित मौके और हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है।’

