बेटे को 28 लाख में कनाडा भेजा, अब 15 महीने बाद 35 लाख कर्ज लेकर मंगवाना पड़ा शव

बेटे को 28 लाख में कनाडा भेजा, अब 15 महीने  बाद 35 लाख कर्ज लेकर मंगवाना पड़ा शव
Last Updated: 26 Jun, 2025 at 02:15 PM by Sunil Kumar Jha

Sateek Samachar, करनाल।

हरियाणा के करनाल जिले के एक परिवार ने 28 लाख रुपये खर्च कर बेटे नवप्रीत को कनाडा भिजवाया था। माता- पिता सहित पूरे परिवार को उससे बहुत उम्‍मीदें थीं, लेकिन उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और 15 महीने बाद ही उसकी मौत की मनहूस खबर आई। अब 35 लाख रुपये कर्ज लेकर लाडले बेटे के शव को मंगवाया है। परिवार ने हरियाणा सरकार से भी शव भारत लाने के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन वहां से निराशा ही हाथ आई।

दिल्‍ली एयरपोर्ट से शुक्रवार सुब‍ह घर लाया गया नवप्रीत का शव

कनाडा से नवप्रीत का शव आज (शुक्रवार) करनाल उसके घर पहुंचा। शव कल ही दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर वीरवार शाम को ही आ गया था, लेकिन कुछ कागजी कार्रवाई के कारण इसे परिजनों को शुक्रवार सुबह सौंपा गया। नवप्रीत के शव का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया है और पिता गुरुदेव ने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। नवप्रीत की कनाडा में 23 जनवरी को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह वहां ट्रक चलाता था और उसके ट्रक की दूसरे ट्रक के साथ टक्‍कर हो गई। इसमें नवप्रीत की जान चली गई। नवप्रीत का बड़ा भाई तरनप्रीत अमेरिका में है।

नवप्रीत का भाई दो साल से अमेरिका में है

नवप्रीत का बड़ा भाई तरनप्रीत दो साल अमेरिका (USA) गया था। वह अभी वहीं रह रहा है। पिता ने 50 लाख रुपये का कर्ज लेकर तरनप्रीत को अमेरिका भेजा था। बाद में नवप्रीत ने भी कनाडा जाने की बात कही। उसने जिद पकड़ ली तो पिता ने करीब 15 माह पहले 28 लाख रुपये खर्च उसे कनाडा भेज दिया। वह वहां टूरिस्‍ट वीजा पर गया। वह वहां ट्रक चलाने का काम करने लगा।

सरकार से गुहार लगाई, लेकिन नहीं मिली मदद

परिजनों ने बताया कि तरनप्रीत ने 24 जनवरी को फोन कर नवप्रीत की मौत के बारे में जानकारी दी। नवप्रीत के पिता गुरुदेव के अनुसार, उन्‍होंने बेटे का शव कनाडा से लाने के लिए भारत सरकार और हरियाणा सरकार दोनों से मदद की गुहार की, लेकिन कोई उत्‍तर नहीं मिला। इसके बाद रिश्‍तेदारों और मित्रों से पैसे इकट्ठा कर बेटे के शव को मंगवाया।

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