सटीक समाचार, चंडीगढ़। Punjab New Bill: पंजाब में आउटसोर्सिंग यानि ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन कर्मचारियों को पीएफ कटौती और ग्रेच्युटी आदि का लाभ मिलेगा। इस संबंध में पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly)में सोमवार को ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड पर्सनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026’ को सर्वसम्मति से पारित किया।
पंजाब विधानसभा में ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड परसोनल बिल-2026’ पारित
इस दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी रोजगार में ठेकेदारी या आउटसोर्सिंग की दशकों पुरानी व्यवस्था का अंत करते हुए कर्मचारियों के शोषण को समाप्त किया गया है। यह ऐतिहासिक कानून निजी ठेकेदारों की भूमिका को समाप्त करेगा।
पंजाब में ठेकेदारी व आउटसोर्सिंग की दशकों पुरानी व्यवस्था होगी समाप्त: भगवंत मान
विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड परसोनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026’ कर्मचारियों के पक्ष में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। यह कर्मचारियों के कल्याण और अधिकारों के लिए पंजाब के इतिहास में सबसे बड़े फैसलों में से एक है। आज से पंजाब में आउटसोर्सिंग प्रथा की दशकों पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। सरकारी रोजगार में निजी ठेकेदारों की भूमिका समाप्त हो जाएगी, जिससे सरकार और कामगारों के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा।
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उन्होंने कहा कि पंजाब में हजारों आउटसोर्स ठेका कर्मचारियों ने प्रदेश की सेवा के लिए अपने जीवन के कई साल लगा दिए हैं। इन कर्मियों ने पंजाब की प्रगति, समृद्धि और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, आउटसोर्सिंग के कारण हमेशा इन कर्मियों के सिर पर तलवार की तरह लटकी रहती थी, जिससे उनकी नौकरी और जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता था।
कहा- वे अब से आउटसोर्सड नहीं सरकार के इन सोसर्ड कर्मचारी बनेंंगे
उन्होंने कहा कि आज ‘आप’ सरकार ने इन कर्मियों को वह अधिकार दिया है, जिसके वे सचमुच हकदार थे। ये कर्मचारी अब ‘आउटसोर्सड’ नहीं रहेंगे; बल्कि सरकार के ‘इन-सोर्सड’ कर्मचारी बन जाएंगे। इसका मतलब है कि वे सरकार के परिवार के सदस्य बन जाएंगे
भगवंत मान ने कहा, ‘ अब ठेकेदारी प्रणाली सेवा के रूप में मानव शोषण का अंत होगा। सरकारी विभागों और सरकारी नियंत्रण वाले संस्थानों में काम करने वाले पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार द्वारा सीधे अनुबंध के तहत लाया जाएगा।
पहले चरण में कितने आउटर्सोसकर्मचारियों को लाभ मिलेगा?
- पहले चरण में 26000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
इस कर्मचारियों को कैसे लाभ मिलेगा ?
- पहले चरण में इन आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार में सीधे अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के तहत लाएगा।
इन कर्मचारियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी ?
- इनको पहले से बेहतर वेतन मिलगा। पात्र कर्मियों को पीएफ (प्रोविडेंट फंड), ग्रेच्युटी, ईएसआइ, मैटरनिटी लीव और आकस्मिक अवकाश का लाभ भी मिलेगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब उनकी कमाई में से न काटा जाए।
आकस्मिक अवकाश कैसे मिलेगा यानि इसकी क्या शर्त होगी ?
- उनको नियमित कर्मचारियों की तरह साल में 10 दिनों का आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) भी मिलेगा। नियमित कर्मचारियों की तरह उनका आइएचआरएमएस खाता होगा, जिससे उनके सेवा अभिलेखों और रोजगार में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
यह बिल किन आउटसाेर्स कर्मचारियों पर लागू होगा ?
- यह नया बिल ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणियों के पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू होगा, जो आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में लगे हैं और निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं। क्या इन कर्मचारियों के वेतन आदि प्रभावित होंगे?
- इन कर्मचारियों को दी जाने वाली तनख्वाह उनकी मौजूदा वेतन या कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम नहीं होगी। आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब एजेंसी के कमीशन के रूप में नहीं काटा जाएगा और इसका सीधा लाभ कर्मचारियों को मिलेगा।

