सटीक समाचार, चंडीगढ़। पंजाब की आप (आम आदमी पार्टी) सरकार राज्य मेंं नशे (Drug In Punjab) के काराेबार और नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के दावे करते थकते नहीं हैं। मुख्यमंंत्री और उनके मंत्री नशा की सप्लाई का चेन टूटने की बात करते हैं। लेकिन, बठिंडा जिले के मॉड कलां गांव में दीवारों पर लिखी ‘इबारत’ ने ‘पोल’ खोल दी। दीवार पर लिखा था- यहां चिट्ठा बिकता है। इसकी तस्वीर के सामने आने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया और सरकार से जवाब मांगा। पंजाब सरकार के जवाब दाखिल नहीं करने पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है और सरकार को फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 15 दिन में जवाब मांगा है।
बठिंडा जिले के गांव मॉड कलांमें दीवारों पर लिखा था- यहां चिट्टा बिकता है
हाई कोर्ट ने बठिंडा जिले के मॉड कलां गांव की दीवारों पर यह लिखे – ‘यहां चिट्टा बिकता है’ के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की है। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर यह जानकारी देने को कहा है। हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि मॉड थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 82 मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है। इसके साथ ही पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं।
हाई कोर्ट ने कहा- 16 जुलाई को जानकारी नहीं दी तो अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
हाई कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि 16 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल यह मामला पिछले वर्ष दिसंबर में उस समय सुर्खियों में आया था, जब बठिंडा के मॉड कलां गांव में नशे के बढ़ते कारोबार के विरोध और उसकी गंभीरता को दर्शाने के लिए गांव की दीवारों पर यह लिख दिया गया था कि यहां चिट्टा बिकता है। इस संबंध में समाचार सामने आने के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से जवाब तलब किया था।
सरकार की ओर से पहले दाखिल जवाब में बताया गया था कि मॉड कलां गांव मॉड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है और बीते एक वर्ष के दौरान वहां एनडीपीएस एक्ट के तहत 82 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 151 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने यह भी बताया था कि इसी अवधि में पूरे बठिंडा जिले में नशा तस्करी से जुड़े 1,673 मामले दर्ज किए गए।
इस जानकारी के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि वह मॉड थाना क्षेत्र में दर्ज 82 मामलों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करे और बताए कि इनमें से कितने मामलों की जांच पूरी हो चुकी है तथा कितनों में आगे क्या कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही अदालत ने पंजाब सरकार से यह भी पूछा था कि राज्य में नशे की रोकथाम और नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कौन-कौन से प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी पेश नहीं किए जाने पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई।
